Krishna Ji Ke Bhajan: जानें कृष्ण जी के वो भजन जो दिल को छू लें

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Krishna Ji Ke Bhajan: जानें कृष्ण जी के वो भजन जो दिल को छू लें

Krishna Ji Ka Bhajan: कृष्ण का नाम सुनते ही मन प्रेम से भर जाता है, संगीत हों चाहें नृत्य यह सभी कृष्ण भक्ति के रूप हैं। इसलिए आप जब भी कृष्ण भजन सुनते हैं तो वो दिल को बहुत गहराई से छू जाता है। ऐसा अनुभव आपको बहुत कम मिल पाता है। भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम, भरोसा और गहरी भक्ति को संगीत के जरिए महसूस करना अपने आप में एक खूबसूरत अनुभव होता है। कृष्ण भजनों को आप गाकर और सुनकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मक बना सकते हैं। 

जब भी आप इन भजनों को सुनते हैं तो आपका मन बहुत हल्का हो जाता है। चाहें कितने भी बोझ और चिंताएं आपको घेरे हों लेकिन इन भजनों को सुनने मात्र से आपको ताकत मिलने लगती है। इन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर आप खुद को ईश्वर से जुड़ा हुआ पाते हैं और अपने भीतर झांकने का अवसर प्राप्त करते हैं। 

तो चलिए ऐसे ही कुछ मुख्य कृष्ण भजनों के बारे में आपको बताते हैं, जिन्हें गाकर या सुनकर आप शांति का अनुभव कर सकते हैं।       

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क्यों सुनें कृष्ण भजन ? (Kyon Sunein Krishna Ji Ka Bhajan)

अगर आप ऐसा भजन ढूंढ़ रहे हैं जो सुनते ही मन शांत कर दे, तो कृष्ण भजन (Krishna ji ka bhajan) आपके लिए बिल्कुल सही है। इन भजनों में ऐसा भाव छुपा है जो तनाव को पिघला देता है और भीतर शांति का अनुभव कराता है।

मुरली बजा के मोहना (krishna ji ke bhajan: murli baja ke mohana )

मुरली बजा के मोहना क्यों कर लिया किनारा।

अपनों से हाय कैसा व्यवहार है तुम्हारा॥

 

ढूंढा गली गली में, खोजा डगर डगर में।

मन में यही लगन है, दर्शन मिले दुबारा॥

मुरली बजा के मोहना।।।

 

मधुबन तुम्ही बताओ, मोहन कहाँ गया है।

कैसे झुलस गया है, कोमल बदन तुम्हारा॥

मुरली बजा के मोहना।।।

 

यमुना तुम्हीं बताओ, छलिया कहाँ गया है।

तूँ भी छलि गयी है, कहती है नील धारा॥

मुरली बजा के मोहना।।।

 

दुनियां कहे दीवानी, मुझे पागल कहे जमाना।

पर तुमको भूल जाना, हमको नहीं गवांरा॥

मुरली बजा के मोहना।।।

 

जय जय राधा रमण हरी बोल (krishna ji ke bhajan: Jai Jai Radha Raman Hari Bol Lyrics)

 

जय जय राधा रमण हरी बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

 

मन तेरा बोले राधेकृष्णा,

तन तेरा बोले राधेकृष्णा,

जिव्हा तेरी बोले राधेकृष्णा,

मुख से निकले राधेकृष्णा,

जय जय राधा रमण हरि बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

 

पलकें तेरी बोले राधेकृष्णा,

अलके तेरी बोले राधेकृष्णा,

आँखे तेरी बोले राधेकृष्णा,

साँसे तेरी बोले राधेकृष्णा,

जय जय राधा रमण हरि बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

 

धड़कन बोले राधेकृष्णा,

तड़पन बोले राधेकृष्णा,

अंतर बोले राधेकृष्णा,

रोम रोम बोले राधेकृष्णा,

जय जय राधा रमण हरि बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

 

पंछी बोले राधेकृष्णा,

भंवरे बोले राधेकृष्णा,

बंशी बोले राधेकृष्णा,

वीणा बोले राधेकृष्णा,

जय जय राधा रमण हरि बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

 

वृन्दावन में राधेकृष्णा,

बरसाने में राधेकृष्णा,

गोवर्धन में राधेकृष्णा,

नंदगांव में राधेकृष्णा,

जय जय राधा रमण हरि बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

 

मुनिजन बोले राधेकृष्णा,

गुरुजन बोले राधेकृष्णा,

हम सब बोले राधेकृष्णा,

सब जग बोले राधेकृष्णा,

जय जय राधा रमण हरि बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

 

जय जय राधा रमण हरी बोल,

जय जय राधा रमण हरि बोल ॥

Krishna Mantra: धन प्राप्ति के लिये श्री कृष्ण के आठ चमत्कारी मंत्र

नैन मिले जो गिरधर से (krishna ji ke bhajan: Nain Mile Jo Girdhar se)

तन के प्रेमी मन के प्रेम को,

कहां कभी पहचानेंगे,

मन में जिनके पाप भरा वो,

प्रेम भला क्या जानेंगे,

मीरा जैसा भजन करे और,

गोपियों सा प्यार,

नैन मिले जो गिरधर से,

हो जाता है उद्धार,

मन मंदिर में भजन तुम्हारा,

होता बारम्बार,

नैन मिलें जो गिरधर से,

हो जाता है उद्धार।

रूप रंग और बनकर सुंदर,

उनके धाम को जाते है,

धन दौलत और यश दान से,

सांवरे को रिझाते है,

जो पावन मन से हरि जपे तो,

हृदय का हो श्रृंगार,

नैन मिलें जो गिरधर से,

हो जाता है उद्धार।

 

श्याम तेरा जब नाम भी ले तो,

नैन स्वतः भर आते है,

शरण में तुम्हरी जो आए,

उसके संकट मिट जाते है,

जिस पे कृपा हो तेरी,

उसका हो जाए बेड़ा पार,

नैन मिलें जो गिरधर से,

हो जाता है उद्धार।

 

तन के प्रेमी मन के प्रेम को,

कहां कभी पहचानेंगे,

मन में जिनके पाप भरा वो,

प्रेम भला क्या जानेंगे,

मीरा जैसा भजन करे और,

गोपियों सा प्यार,

नैन मिले जो गिरधर से,

हो जाता है उद्धार,

मन मंदिर में भजन तुम्हारा,

होता बारम्बार,

नैन मिलें जो गिरधर से,

हो जाता है उद्धार।

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी भजन krishna ji ke bhajan: shri krishna govind hare murari

सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पत्यादिहेतवे,

तापत्रय विनाशाय श्री कृष्णाय वयं नम: ॥

 

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

 

हे नाथ नारायण…॥

पितु मात स्वामी, सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

हे नाथ नारायण…॥

 

॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी…॥

 

बंदी गृह के, तुम अवतारी

कही जन्मे, कही पले मुरारी

किसी के जाये, किसी के कहाये

है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥

है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥

गोकुल में चमके, मथुरा के तारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

 

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

पितु मात स्वामी, सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

 

अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे

बट गए दोनों में, आधे आधे

हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल

सदैव भक्तों के, काम साधे ॥

सदैव भक्तों के, काम साधे ॥

वही गए वही, गए वही गए

जहाँ गए पुकारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

 

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

पितु मात स्वामी सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

 

गीता में उपदेश सुनाया

धर्म युद्ध को धर्म बताया

कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा

यह सन्देश तुम्ही से पाया

अमर है गीता के बोल सारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

 

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

पितु मात स्वामी सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं ! (krishna ji ka bhajan: Achyutam Keshavam Krishna Damodaram Bhajan Lyrics!) 

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं !

राम नारायणं जानकी बल्लभम !!

 

कौन कहता हे भगवान आते नहीं !

तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं !!

 

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं !

राम नारायणं जानकी बल्लभम !!

 

कौन कहता है भगवान खाते नहीं !

बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं !!

 

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं !

राम नारायणं जानकी बल्लभम !!

 

कौन कहता है भगवान सोते नहीं !

माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं !!

 

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं !

राम नारायणं जानकी बल्लभम !!

 

कौन कहता है भगवान नाचते नहीं !

गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं !!

 

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं !

राम नारायणं जानकी बल्लभम !!

 

नाम जपते चलो काम करते चलो !

हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो !!

 

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं !

राम नारायणं जानकी बल्लभम !!

 

याद आएगी उनको कभी ना कभी !

कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी !!

 

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं !

राम नारायणं जानकी बल्लभम !!

 

चाहे आप कृष्ण भजन (Krishna ji ke bhajan) सुनें, या कोई भी प्रिय कृष्ण जी के गानें (Krishna ji ke gane) चुनें, हर भजन आपको अपने अंदाज़ में भगवान के और करीब ले जाता है। 

कृष्ण भजन सिर्फ संगीत नहीं होते, ये मन को संभालने वाली एक नरम-सी रोशनी की तरह काम करते हैं। जब भी जिंदगी भाग-दौड़ भरी लगे या मन भारी हो, कृष्ण के भजनों की मधुर धुनें हमें भीतर की शांति से जोड़ देती हैं। इनके शब्द हमें याद दिलाते हैं कि भक्ति कोई बड़ा प्रयास नहीं, बल्कि दिल से किया गया एक छोटा-सा, सच्चा प्रयत्न है।

अगर आप अपने जीवन से जुड़ी उलझनों का जवाब ढूंढ रहे हैं या जानना चाहते हैं कि कृष्ण भक्ति आपके ग्रह-योगों को कैसे संतुलित कर सकती है, तो आज ही एस्ट्रोयोगी के अनुभवी ज्योतिषियों से बात करें। क्लिक करें और तुरंत मार्गदर्शन पाएं।

 

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