Mahashivratri 2025: विवाह में आ रही है अड़चन तो महाशिवरात्रि पर जरूर करें ये 7 उपाय।

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Mahashivratri 2025: विवाह में आ रही है अड़चन तो महाशिवरात्रि पर जरूर करें ये 7 उपाय।

Mahashivratri 2025: हिन्दू धर्म में महाशिवरात्रि को एक प्रमुख त्योहार के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता गौरी के मिलन का प्रतीक है। महाशिवरात्रि 2025 (mahashivratri 2025) हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आने वाला पर्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस शुभ तिथि पर साधक व्रत का संकल्प लेते हैं और भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा आराधना करते हैं। सभी शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि 2025 (mahashivratri 2025) का दिन बेहद खास होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। इसी के साथ जो लोग अपने वैवाहिक जीवन में समस्या या विवाह में देरी का सामना कर रहे हैं उनके लिए भी यह दिन उपाय करने के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि 2025 (mahashivratri in hindi) पर किए जाने वाले कुछ ऐसे ही खास उपायों के बारे में। साथ ही हम जानेंगे कि साल 2025 में महाशिवरात्रि कब है और सही पूजा मुहूर्त क्या है?

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2025 में महाशिवरात्रि कब है ? (Mahashivratri kab hai)

द्रिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी 2025 को सुबह 11 बजकर 08 मिनट से शुरू होगी और 27 सितंबर को सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार महाशिवरात्रि 26 फरवरी यानी बुधवार (mahashivratri kab ki hai) को मनाई जाएगी।  

महाशिवरात्रि व्रत पूजा मुहूर्त (Mahashivratri 2025 muhurat time)

महाशिवरात्रि के लिए पूजन मुहूर्त 27 फरवरी को सुबह 12 बजकर 09 मिनट से शुरू होकर, सुबह 12 बजकर 49 तक रहेगा। यह निशिता काल पूजा मुहूर्त है। इसके अलावा रात्रि चारों प्रहर की पूजा का समय अलग-अलग है जो इस प्रकार है:

प्रथम पहर- शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 09 बजकर 26 मिनट तक 

द्वितीय प्रहर- रात 09 बजकर 26 मिनट से रात 12 बजकर 34 मिनट तक 

तृतीय प्रहर- रात 12 बजकर 34 मिनट से रात 03 बजकर 41 मिनट तक 

चतुर्थ प्रहर- रात 03 बजकर 41 मिनट से सुबह 06 बजकर 48 मिनट तक 

महाशिवरात्रि 2025 पर करें विवाह से जुड़े यह 7 उपाय 

वैवाहिक जीवन में खुशहाली लाने और विवाह में आ रही अड़चनों से छुटकारा पाने के लिए आप यहां दिए गए यह आसान उपाय कर सकते हैं। 

1. भगवान शिव और मां गौरी की एकसाथ पूजा करें 

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के साथ माता गौरी की भी पूजा करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि माता पार्वती अपने भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी करती हैं। इस दिन माता गौरी को श्रृंगार सामग्री और लाल चुनरी अर्पित करें। माता गौरी की सच्चे मन से पूजा करें और वैवाहिक जीवन में सुख और शांति का आशीर्वाद प्राप्त करें।

इस उपाय से विवाहित जीवन में मधुरता आती है और अविवाहितों को योग्य जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ती है।

2. शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएं 

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना में 24 घंटे का अखंड दीप जलाना शुभ फलदायक होता है। शिवलिंग पर 'राम राम' लिखे 108 बेलपत्र चढ़ाएं। यह प्रक्रिया पूरी श्रद्धा और विवाह की कामना के साथ करें। यह उपाय भगवान शिव को प्रसन्न करता है और विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने में सहायक होता है।

3. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें 

महाशिवरात्रि के दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना और सिद्धि कुंजिका स्तोत्र का 18 बार पाठ करना विशेष लाभकारी माना गया है। व्रत का पालन करते हुए मन में विवाह का संकल्प लें। सच्चे मन से माता दुर्गा और भगवान शिव की स्तुति करें। यह उपाय न केवल विवाह के योग को बल प्रदान करता है, बल्कि जीवन में अन्य बाधाओं को भी दूर करता है।

4. शिव-पार्वती के मंदिर जाएं 

अगर विवाह में बार-बार बाधाएं आ रही हों, तो महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती मंदिर में जाएं। लाल रंग की मौली लें और शिव-पार्वती की मूर्ति की सात बार परिक्रमा करें। यदि परिक्रमा संभव न हो, तो एक ही स्थान पर खड़े होकर मौली को दोनों मूर्तियों पर बांधें। इसके बाद भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती से शीघ्र विवाह की कामना करें। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जिनके विवाह में लगातार देरी हो रही हो।

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5. रामचरितमानस की चौपाई का पाठ करें

प्रेम विवाह की कामना रखने वाले व्यक्ति महाशिवरात्रि पर रामचरितमानस के बालकांड की इस चौपाई का पाठ करें:

"सीय राममय सब जग जानी। करहूं प्रणाम जोरि जुग पानी।"

यह चौपाई माता सीता की प्रार्थना को दर्शाती है, जिसमें उन्होंने भगवान राम को वर के रूप में पाने की इच्छा प्रकट की थी। इस उपाय से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

6. गेंदे के फूलों की माला अर्पित करें

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती को गेंदे के फूलों की माला अर्पित करें। पीले वस्त्र धारण करें और पूजा में भाग लें।‘ॐ गौरी शंकराय नमः’ मंत्र का जाप करें। यह उपाय विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है।

7. शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करें 

महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह अभिषेक मंदिर में जाकर या घर में शिवलिंग बनाकर किया जा सकता है। रुद्राभिषेक से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन में खुशहाली लाते हैं। यदि विवाह की समस्या चल रही हो, तो रुद्राभिषेक के साथ सच्चे मन से योग्य जीवनसाथी की कामना करें।

महाशिवरात्रि 2025 पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा और विशेष उपाय करने से न केवल विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं, बल्कि जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन भी होता है। इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाकर आप भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। 

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