गहरी नींद पाने के लिए 5 आसान प्राणायाम और योगासन

Thu, Feb 05, 2026
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गहरी नींद पाने के लिए 5 आसान प्राणायाम और योगासन

क्या आपको भी रात को नींद नहीं आती? या फिर आप देर रात तक करवटें बदलते रहते हैं और सुबह उठकर थकान महसूस करते हैं? यह समस्या सिर्फ़ आपकी नहीं है। आजकल भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी, काम का प्रेशर, स्ट्रेस और स्क्रीन टाइम (मोबाइल-लैपटॉप) की आदत ने हर दूसरे इंसान की नींद छीन ली है। मेडिकल भाषा में इसे इनसोम्निया कहा जाता है, लेकिन आम बोलचाल में हम इसे "नींद न आना" या "बार-बार नींद टूटना" कहते हैं।

नींद की कमी हमारे शरीर और दिमाग दोनों को प्रभावित करती है—सुबह उठते ही सिर दर्द, चिड़चिड़ापन, मूड खराब और दिनभर एनर्जी की कमी। लेकिन क्या आपको पता है कि इसका असर धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ और हार्ट प्रॉब्लम तक ले जा सकता है?

अब सवाल यह है कि इसका इलाज सिर्फ दवा ही है? बिल्कुल नहीं। योग और प्राणायाम नींद की समस्या को दूर करने का सबसे असरदार और प्राकृतिक उपाय माने जाते हैं। यह न सिर्फ़ दिमाग को शांत करते हैं, बल्कि शरीर को भी नींद के लिए तैयार कर देते हैं।

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प्राणायाम और नींद

बहुत से शोध बताते हैं कि योग न सिर्फ शरीरिक रूप में, बल्कि मानसिक व भावनात्मक रूप से भी नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। योग शरीर में तनाव हार्मोन जैसे कोर्टिसोल को घटाता है, पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, रक्त परिसंचरण सुधरता है और मांसपेशियों की कठोरता कम होती है। ऐसे में मन शांत होता है, और नींद जल्दी आने लगती है।

इन प्राणायाम से बॉडी रिलैक्स होती है

सोने से पहले कुछ आसान योगासन करना आपकी नींद और मन की शांति दोनों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। ये आसन न सिर्फ दिनभर का स्ट्रेस दूर करते हैं, बल्कि शरीर को भी पूरी तरह रिलैक्स कर देते हैं। आइए जानते हैं पाँच ऐसे सरल योगासन, जिन्हें आप अपनी रात की दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

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1. बालासन (Child’s Pose)

इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठें और धीरे-धीरे आगे झुकते हुए माथा जमीन पर टिकाएँ। हाथों को आगे की ओर फैला सकते हैं या शरीर के पास रख सकते हैं। गहरी सांस लें और 2-3 मिनट इसी पोज़ में रहें। यह आसन पीठ, कंधे और गर्दन की जकड़न को कम करता है और मन को शांति देता है। अगर घुटनों में तकलीफ़ हो, तो घुटनों के नीचे कुशन रख सकते हैं।

2. सुप्त बद्धकोणासन (Reclined Bound Angle Pose)

पीठ के बल लेट जाएँ, पैरों के तलवों को आपस में मिलाएँ और घुटनों को दोनों तरफ खोलें। हाथों को आराम से रखें और आँखें बंद करके गहरी सांस लें। इस पोज़ में 5-10 मिनट तक रहना शरीर की थकान दूर करता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। अगर पीठ में दर्द हो तो कमर के नीचे तकीया रख सकते हैं।

3. विपरीत करनी (Legs Up the Wall Pose)

दीवार के पास बैठकर धीरे-धीरे पीठ के बल लेटें और पैरों को दीवार के सहारे ऊपर कर लें। हाथों को आराम से फैलाएँ और आँखें बंद कर लें। इस आसन को 5-10 मिनट तक करने से पैरों की थकान और सूजन कम होती है, नर्वस सिस्टम शांत होता है और नींद जल्दी आती है।

4. हलासन (Plough Pose)

पीठ के बल लेटें और पैरों को धीरे-धीरे सिर के पीछे ले जाएँ ताकि पैर जमीन को छू सकें। हाथों से पीठ को सहारा दें। यह आसन रीढ़ की हड्डी और गर्दन को स्ट्रेच देता है और थायरॉयड ग्रंथि पर अच्छा असर डालता है। लेकिन अगर गर्दन या पीठ में समस्या है तो यह आसन किसी विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।

5. शवासन (Corpse Pose)

यह सबसे आसान और जरूरी आसन है। पीठ के बल लेटकर हाथ-पैर थोड़े फैलाएँ और आँखें बंद करें। गहरी सांस लेते हुए पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। यह आसन मानसिक तनाव को पूरी तरह खत्म करता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है। इसे 5-10 मिनट या और ज्यादा समय तक किया जा सकता है।

अगर आप इन पाँच योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे तो न सिर्फ़ तनाव कम होगा बल्कि आपको नींद भी गहरी और सुकूनभरी मिलेगी।

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योगासन को और प्रभावी कैसे बनाएँ

इन आसनों का अधिक लाभ पाने के लिए कुछ बातें ध्यान में रखें:

  1. समय तय करें: सोने से कम-से-कम 30 मिनट पहले योग शुरू करें। इससे शरीर को शांत होने और नींद की तैयारी करने का समय मिलता है।
     
  2. धीमी गति और श्वास पर ध्यान: हर आसन के दौरान साँसों को गहरा और धीरज से लें-छोड़ें। साँस लेना-छोड़ना जितना शांत होगा मन उतना शांत होगा।
     
  3. माहौल बनाएँ: कम रोशनी, शांत कमरे, मोबाइल-स्क्रीन-डेटॉक्स (फोन-स्क्रीन बंद करना) आदि से वातावरण नींद-उपयुक्त बनता है।
     
  4. योग प्रकार चुनें: सोने से पहले तीव्र या उर्जा-वर्धक योग (जैसे विनीया या पावर योग) से बचें। हठ योग, पुनर्स्थापना (restorative) और विश्राम-आधारित योगासन अधिक उपयुक्त हैं।
     
  5. नियमितता ज़रूरी है: अगर आप प्रतिदिन या सप्ताह में कई बार इन योगों का अभ्यास करेंगे, तो परिणाम बेहतर और स्थायी होंगे।

किन लोगों को चाहिए विशेष सावधानी

  • यदि गर्दन, रीढ़ या किसी मांसपेशी में चोट हो, तो हलासन या किसी अन्य पोज़ में जाने से पहले योग प्रशिक्षक या डॉक्टर से सलाह लें।
     
  • यदि ब्लड प्रेशर बहुत अधिक या बहुत कम हो, तो विपरीत या उल्टे आसनों में सावधानी बरतें।

सोने से पहले की यह योग दिनचर्या न सिर्फ नींद को बेहतर बनाती है, बल्कि दिन के तनाव, थकान और मानसिक बेचैनी को भी काफी हद तक कम कर देती है। बालासन, सुप्त बद्धकोणासन, विपरीत करनी, हलासन और शवासन—इन पाँच आसनों को अभ्यास में शामिल करके आप इतनी सहज, गहरी और सुकून-भरी नींद पा सकते हैं जितनी कि आप सोच भी नहीं सकते।

जब आप नियमित रूप से व्यवहार में लाएँगे, तो परिवर्तन महसूस होना तय है—तनाव में कमी, नींद जल्दी आना, नींद टूटने की घटनाएँ कम होना, और सुबह उठने पर तरोताज़ा महसूस करना।

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