Skip Navigation Links
2016 - क्या कहते हैं भारत के सितारे


2016 - क्या कहते हैं भारत के सितारे

जैसे-जैसे समय परिवर्तित होता है, सभी जानना चाहते हैं कि अब आगे क्या होगा, भविष्य को जानने की यह उत्सुकता व्यक्ति विशेष को तो होती ही है, साथ ही राज्यों और राष्ट्र के बारे में जानने को लेकर भी होती है। भारत हर क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि को मजबूत बनाने की कोशिश में हैं। लेकिन किस कोशिश का क्या अंजाम होना है, यह लगभग ग्रहों की दशा पर निर्भर है। ऐसे में वर्ष 2016 में भारत के सितारे क्या कहते है, आइए एक नजर डाल लेते हैं।

भारत की आजादी के समयानुसार भारत की चंद्र राशि कर्क है जिसका नक्षत्र पुष्य है। राशि स्वामी चंद्रमा एवं नक्षत्र स्वामी शनि है। इस समय भारत पर चंद्रमा की महादशा चल रही है और अंतर्दशा भी चंद्रमा की ही है। चंद्रमा भारत के अनुकुल है। सभी रचनात्मक क्षेत्रों में भारत के लिए यह उपलब्धियों का साल हो सकता है। चंद्रमा इस समय अति बलशाली है, जो लंबित कार्यों के सिरे चढ़ने की ओर संकेत करता है। संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थायी सदस्यता मिलने के भी आसार हैं।

अन्य एस्ट्रो लेख यहां पढ़ें

अंक ज्योतिष के अनुसार भी  2016 का अंक 9 है यानि की मंगल की असीम उर्जा का प्रयोग भारत रचनात्मक रुप में कर सकता है। यदि मंगल की अथाह उर्जा का सही दिशा में प्रयोग किया गया तो निश्चित रुप से भारत तरक्की करेगा। स्वच्छत भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, स्कील इंडिया आदि योजनाओं के सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। जीएसटी जैसे कानून भी पास होने की संभावना हैं।

कुछ लोग चंद्रमा को स्त्री ग्रह भी मानते हैं, इसलिए महिला सशक्तिकरण की योजनाओं पर विशेष बल दिया जा सकता है। शिक्षा, तकनीक, खेल, व्यवसाय हर क्षेत्र में महिलाएं अपना परचम लहराएंगी व देश का मान बढाने में अपना योगदान देंगी।

चूंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारत दोनों पर चंद्रमा की महादशा चल रही है यह बहुत ही शुभ योग है लेकिन इसी साल राहू का परिवर्तित होना देश में आंतरिक कलह, फसाद या प्राकृतिक आपदाओं की ओर संकेत करता है। वहीं काल सर्प दोष के कारण कुछ बनते काम ऐन मंजिल के समीप पंहुच कर बिगड़ जांएगें। विशेषकर खेलों में यह स्थिति हो सकती है।

कुल मिलाकर भारत के लिए यह बहुत ही अच्छा साल रहने वाला है। भारत के सितारे बुलंद हैं लेकिन आंतरिक कलह और प्राकृतिक आपदाएं सबसे बड़ी चुनौति साबित होंगी।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

दस साल बाद आषाढ़ में होगी शनि अमावस्या करें शनि शांति के उपाय

दस साल बाद आषाढ़ म...

अमावस्या की तिथि पितृकर्मों के लिये बहुत खास मानी जाती है। आषाढ़ में मास में अमावस्या की तिथि 23 व 24 जून को पड़ रही है। संयोग से 24 जून को अ...

और पढ़ें...
शनि परिवर्तन - वक्री होकर शनि कर रहे हैं राशि परिवर्तन जानें राशिफल

शनि परिवर्तन - वक्...

शनि की माया से तो सब वाकिफ हैं। ज्योतिषशास्त्र में शनि को एक दंडाधिकारी एक न्यायप्रिय ग्रह के रूप में जाना जाता है हालांकि इनकी टेढ़ी नज़र से...

और पढ़ें...
आषाढ़ अमावस्या 2017 – पितृकर्म अमावस्या 23 जून तो 24 को रहेगी शनि अमावस्या

आषाढ़ अमावस्या 201...

प्रत्येक मास में चंद्रमा की कलाएं घटती और बढ़ती रहती हैं। चंद्रमा की घटती बढ़ती कलाओं से ही प्रत्येक मास के दो पक्ष बनाये गये हैं। जिस पक्ष म...

और पढ़ें...
जगन्नाथ रथयात्रा 2017 - सौ यज्ञों के बराबर पुण्य देने वाली है पुरी रथयात्रा

जगन्नाथ रथयात्रा 2...

उड़िसा में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर हिन्दुओं के चार धामों में शामिल है। जगन्नाथ मंदिर, सनातन धर्म के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। हिन...

और पढ़ें...
ईद - इंसानियत का पैगाम देता है ईद-उल-फ़ितर

ईद - इंसानियत का प...

भारत में ईद-उल-फ़ितर 26 जून 2017 को मनाया जाएगा। इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने को रमदान का महीना कहते हैं और इस महीने में अल्लाह के सभी बंदे...

और पढ़ें...