Skip Navigation Links
बुद्ध पूर्णिमा 2017 - महात्मा बुद्ध पूर्णिमा तिथि व मुहूर्त 2017


बुद्ध पूर्णिमा 2017 - महात्मा बुद्ध पूर्णिमा तिथि व मुहूर्त 2017

वैशाख मास की पूर्णिमा को गौतम बुद्ध की जयंती के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है| इसलिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है| कहते है इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी| जहां विश्वभर में बौध धर्म के करोड़ों अनुयायी और प्रचारक है वहीँ उत्तर भारत के हिन्दू धर्मावलंबियों द्वारा बुद्ध को विष्णुजी का नौवा अवतार माना कहा गया है|

शांति की खोज में कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ 27 वर्ष की उम्र में घर-परिवार, राजपाट आदि छोड़कर चले गए थे| भ्रमण करते हुए सिद्धार्थ काशी के समीप सारनाथ पहुंचे जहाँ उन्होंने धर्म परिवर्तन किया| यहाँ उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचें कठोर तप किया| कठोर तपस्या के बाद सिद्धार्थ को बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई और वह महान सन्यासी गौतम बुद्ध के नाम से प्रचलित हुए और अपने ज्ञान से समूचे विश्व को ज्योतिमान किया|

वर्ष 2017 में बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती 10 मई को है। इस दिन गौतम बुद्ध की 2579वीं जयंती मनाई जाएगी।

बुद्ध पूर्णिमा के शुभावसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है| सभी बुद्ध की प्रतिमा का जलाभिषेक करते है और फल, फूल, धुप इत्यादि चढाते हैं| बौध श्रद्धालु इस दिन ज़रुरतमंदों की सहायता करते हैं और कुछ श्रद्धालु इस दिन जानवरों-पक्षियों को भी पिंजरों से मुक्त करते है और विश्वभर में स्वतंत्रता का सन्देश फैलाते हैं|

बुद्ध पूर्णिमा तिथि व मुहूर्त 2017

बुद्ध पूर्णिमा तिथि – 10 मई 2017

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ –  01:07 बजे, 10 मई 2017

पूर्णिमा तिथि समाप्ति –  03:12 बजे, 11 मई 2017

वैशाख पूर्णिमा पर सरल ज्योतिषीय उपाय जानने के लिये एस्ट्रोयोगी पर देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करें। ज्योतिषियों से बात करने के लिये यहां क्लिक करें।

संबंधित लेख

चैत्र पूर्णिमा   |   फाल्गुन पूर्णिमा   |   पौष पूर्णिमा    |   ज्येष्ठ पूर्णिमा   |   बैसाख पूर्णिमा  |   शरद पूर्णिमा   |




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

शुक्र बदलेंगें राशि जानें अपना राशिफल

शुक्र बदलेंगें राश...

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार राशिचक्र की 12 राशियों में वृषभ व तुला राशि के स्वामी शुक्र एक शुभ ग्रह माने जाते हैं। इन्हें लाभ व सुख-समृद्धि का क...

और पढ़ें...
भाद्रपद अमावस्या – सूर्य ग्रहण से बढ़ा सोमवती अमावस्या का महत्व

भाद्रपद अमावस्या –...

स्नान, दान और तर्पण के लिये अमावस्या की तिथि का बहुत अधिक महत्व माना जाता है लेकिन सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या तो और भी सौभाग्यशाली मान...

और पढ़ें...
राहू राशि परिवर्तन – क्या लायेगा आपके जीवन में बदलाव

राहू राशि परिवर्तन...

18 अगस्त शुक्रवार 2017 को प्रात:काल 5 बजकर 53 मिनट मिथुन के चंद्रमा के साथ कर्क राशि में प्रविष्ट होंगे जिसका प्रत्येक राशि पर अलग-अलग प्रभाव...

और पढ़ें...
राहु और केतु ग्रहों को शांत करने के सरल उपाय

राहु और केतु ग्रहो...

राहु-केतु ग्रहों को छाया ग्रह के नाम से जाना जाता है। ज्योतिष की दुनिया में इन दोनों ही ग्रहों को पापी ग्रह भी बोला जाता है। इन दोनों ग्रहों ...

और पढ़ें...
क्या आपकी कुंडली में हैं शुभ या पापकर्तरि योग?

क्या आपकी कुंडली म...

किसी भी जातक की कुंडली में अनेक शुभाशुभ योग होते हैं। इन्हीं योगों के आधार पर जातक जीवन में अपना मुकाम हासिल कर पाता है। अशुभ योगों के प्रभाव...

और पढ़ें...