Skip Navigation Links
हनुमान चालीसा की इन 5 चौपाइयों के जाप से, खत्म हो जायेंगे सभी दुःख


हनुमान चालीसा की इन 5 चौपाइयों के जाप से, खत्म हो जायेंगे सभी दुःख

इन्द्र के  वज्र  से जब हनुमान जी मुर्छित हो गये थे तब पुत्र को छटपटाते हुए देखकर पिता वायुदेव ने अपना वेग रोक दिया और उस समय हनुमान जी को देवताओं ने विभिन्न वरदान दिए थे।  ब्रह्माजी ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “इस बालक को कभी ब्रह्मशाप नहीं लगेगा और यह शत्रुओं के लिए भयंकर और मित्रो के लिए अभयदाता बनेगा एवं इच्छानुसार स्वरुप पा सकेगा।” इन्द्रदेव ने हनुमानजी को वरदान दिया कि “मेरा वज्र भी इस बालक को नुकसान नहीं पहुंचा पायेगा।” सूर्यदेव ने भी कहा कि “इस बालक को में अपना तेज प्रदान करता हूं।” यमदेव ने वरदान दिया कि “यह बालक सदा निरोगी एवं मेरे दण्ड से मुक्त रहेगा”। कुबेर ने आशीर्वाद दिया कि “युद्ध में हनुमान कभी विषादित नहीं होगा तथा राक्षस भी इनको कभी हरा नहीं पाएंगे”। देवो के देव शिव ने भी अपना अभय वरदान हनुमान को दिया।


इन सभी वरदानों को प्राप्त कर, भगवान हनुमान जी कलयुग के प्रमुख एवं पूजनीय देवों में गिने जाते हैं। तुलसीदास जी द्वारा लिखी गयी, काव्यात्मक कृति ‘हनुमान चालीसा’ खुद में हज़ारों और लाखों मन्त्रों के समान शक्तिशाली बताई गयी है। वैसे तो पूरी ही हनुमान चालीसा बहुत महत्वपूर्ण है किन्तु हनुमान चालीसा की यह निम्न 5 चौपाइयां ही अगर सही से निरंतर जाप की जाए, तो सभी दुखों से इंसान को मुक्त कर सकती हैं।


आइये देखते हैं इन प्रमुख 5 चौपाइयों को और उनकी महिमा को-



1. भूत-पिशाच निकट नहीं आवे।
महाबीर जब नाम सुनावे।।

यदि व्यक्ति को किसी भी प्रकार का भय सताता है तो नित्य रोज प्रातः और सायंकाल में 108 बार इस चौपाई का जाप किया जाये तो सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है।



2. नासे रोग हरे सब पीरा।
जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा।।

यदि व्यक्ति बिमारियों से घिरा रहता है या कोई बहुत बड़ी बीमारी से व्यक्ति ग्रसित है तो निरंतर सुबह-शाम 108 बार जप करना तथा मंगलवार को हनुमान जी की मूर्ति के सामने पूरी हनुमान चालीसा के पाठ से रोगों की पीड़ा खत्म हो जाती है।


 

3. अष्ट-सिद्धि नवनिधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

हनुमान जी आठ सिद्धि और नौ निधियों को देने वाले भगवान हैं। इनको ऐसा वरदान माता सीताजी ने  दिया है। यदि जीवन में व्यक्ति को शक्तियों की प्राप्ति करनी है ताकि जीवन निर्वाह में मुश्किलों का कम सामना करना पड़े तो नित्य रोज, ब्रह्म महूर्त में घंटा-आधा घंटा, इन पंक्तियों के जप से लाभ प्राप्त हो सकता है।


 

4.  बिद्यबान गुनी अति चातुर।
रामकाज करीबे को आतुर।।

यदि किसी व्यक्ति को विद्या और धन चाहिए तो निम्न पंक्तियों के जप से हनुमान जी का    आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। विद्या और चतुराई को प्राप्त करने के लिए तो यह चौपाई राम-बाण है। प्रतिदिन 108 बार ध्यानपूर्वक जप करने से, व्यक्ति को धन सम्बंधित दुःख दूर हो जाते हैं।



5. भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्रजी के काज संवारे।।

यदि कोई व्यक्ति शत्रुओं से परेशान हैं या व्यक्ति के कार्य नहीं बन पा रहे हैं तो हनुमान चालीसा की इस चौपाई का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए।



मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ, हनुमान मंदिर में ध्यानपूर्वक करने से सभी तरह के दुखों से मुक्ति प्राप्त हो जाती है। 


यह भी पढ़ें





एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

विवाह पंचमी 2017 – कैसे हुआ था प्रभु श्री राम व माता सीता का विवाह

विवाह पंचमी 2017 –...

देवी सीता और प्रभु श्री राम सिर्फ महर्षि वाल्मिकी द्वारा रचित रामायण की कहानी के नायक नायिका नहीं थे, बल्कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वे इस स...

और पढ़ें...
नौकरी की चिंता है तो इसे पढ़ें राहत मिल सकती है!

नौकरी की चिंता है ...

वर्तमान में हम कलयुग में रह रहे हैं। हिंदू पौराणिक ग्रंथों की मान्यतानुसार चार युगों में सतयुग त्रेता द्वापर बीत चुके हैं और यह कलयुग चल रहा ...

और पढ़ें...
मार्गशीर्ष अमावस्या – अगहन अमावस्या का महत्व व व्रत पूजा विधि

मार्गशीर्ष अमावस्य...

मार्गशीर्ष माह को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे अगहन मास भी कहा जाता है यही कारण है कि मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्य...

और पढ़ें...
कहां होगा आपको लाभ नौकरी या व्यवसाय ?

कहां होगा आपको लाभ...

करियर का मसला एक ऐसा मसला है जिसके बारे में हमारा दृष्टिकोण सपष्ट होना बहुत जरूरी होता है। लेकिन अधिकांश लोग इस मामले में मात खा जाते हैं। अक...

और पढ़ें...
राम रक्षा स्तोत्रम - भय से मुक्ति का रामबाण इलाज

राम रक्षा स्तोत्रम...

मान्यता है कि प्रभु श्री राम का नाम लेकर पापियों का भी हृद्य परिवर्तित हुआ है। श्री राम के नाम की महिमा अपरंपार है। श्री राम शरणागत की रक्षा ...

और पढ़ें...