2017 में क्या कहती है भारत की कुंडली

2016 भारत के लिये काफी उठापटक वाला वर्ष रहा है। जिसके संकेत एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों ने उक्त समय दिये भी थे। खेलों के मामले में भी हमने कहा था कि ऐन मंजिल के समीप पंहुचकर बात बिगड़ सकती है। कई मौकों पर इसे हमने देखा भी। भारत की कुंडली में राहू के परिवर्तन के कारण आंतरिक कलह व फसाद होने का अंदेशा भी हमने जताया था, असहिष्णुता, देशद्रोह, गौरक्षा, कश्मीर, पठानकोट, उड़ी आदि कई मौकों पर यह कथन भी सच साबित हुआ है। खैर बीती ताहि बिसार दे आगे की सुध ले को जारी रखते हैं और जानते हैं कि वर्ष 2017 में भारत की कुंडली क्या कहती है। 2017 में आपकी कुंडली क्या कहती है जानने के लिये पढ़ें अपना 2017 का राशिफल।


15 अगस्त 1947 मध्यरात्रि के समय जब देश की आज़ादी का परचम लहराया तब पुष्य नक्षत्र में भारत की कुंडली वृष लग्न की बनी। इसके अनुसार भारत की राशि कर्क है। इस समय भारत पर राशि स्वामी चंद्रमा की महादशा चल रही है जोकि 2025 तक रहेगी। वर्तमान में अंतर्दशा में मंगल हैं जो कि फरवरी महीने के पहले सप्ताह तक रहेंगें। फरवरी के दूसरे सप्ताह के आरंभ में अंतर्दशा में राहू आ जायेंगें।


भारत की कुंडली में राहू होने से भारत हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करता है। जिसे भारत अपनी जिम्मेदारी समझता है पड़ोसी कई बार इसे उसकी कमजोरी भी समझ लेते हैं। वर्ष के आरंभ में मंगल की अंतर्दशा के चलते सीमा पर तनाव की स्थिति बनी रहने के आसार हैं । जनवरी के अंत में शनि का परिवर्तन करना भारत के लिये कुछ सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। कुछ समय के लिये सीमा पर तनाव व आंतरिक कलह में कमी आ सकती है। लेकिन कुछ समय बाद जैसे ही शनि वक्री होंगे फिर से छुट-फुट घटनाएं बढ़ने के आसार बन सकते हैं।


फरवरी में जैसे ही राहू की अतर्दशा होगी वैसे ही शत्रु वर्ग भारत को परेशान करने की या फिर भारत को नीचा दिखाने की कोशिश कर सकता है, ऐसे में भारत भी अपनी शक्ति का परिचय देकर उन्हें उनकी औकात दिखा सकता है।


आर्थिक विकास के मामले में यह वर्ष थोड़ा संघर्ष पूर्ण हो सकता है लेकिन जैसे-तैसे भारत आर्थिक स्थिरता को बनाये रखने में कामयाब भी हो सकता है। फरवीर में देवगुरु बृहस्पति वक्री होंगे जिसके कारण महंगाई दर भी बढ़ने के आसार हैं। इस समय आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ सकता है।


वैश्विक स्तर पर बात की जाये तो 2017 में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ने के आसार हैं। वैश्विक मंचो पर भारत अपनी एक विशेष पहचान स्थापित करने में कामयाब हो सकता है।


राजनीतिक तौर पर देखा जायेगा 2017 भारत के लिये काफी रोमांचक साल साबित हो सकता है। राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। सितंबर में चूंकि राहू कर्क राशि में आयेंगें जोकि भारत की राशि है। इस समय दशाओं में चंद्रमा के साथ राहू रहेंगें यह समय राजनीतिक रूप से उठापठक वाला हो सकता है। इसी समय देश को अचानक किसी बड़ी शख्सियत की क्षति भी सहनी पड़ सकती है। सितंबर के महीने में ही बृहस्पति भी राशि परिवर्तन करेंगें। इस समय भारत वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान कायम करने के प्रयासों में तेजी ला सकता है जिसके भविष्य में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। सितंबर-अक्तूबर के समय में ही देश को किसी प्राकृतिक या भौतिक आपदा को भी सहन करना पड़ सकता है। दिसबंर में भी कुछ स्थानों पर आगजनी के योग बन सकते हैं।


वर्ष कुंडली के अनुसार नव वर्ष की शुरुआत में कन्या राशि में बृहस्पति रहने से जोकि भारत की राशि से तीसरे स्थान में बने रहेंगें। इसके अनुसार 2017 में भारत अपने स्वाभिमान, गरिमा व शक्ति के कारण पूरी दुनिया में अपने ज्ञान व शक्ति का लोहा मनवा सकता है।

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