रियो ओलिंपिक में क्या भारतीय हॉकी टीम की पलटेगी किस्मत क्या कहते हैं सितारे

पिछले 36 सालों से ओलिंपिक में मेडल के लिये तरस रही भारतीय पुरुष हॉकी टीम भले ही जर्मनी के हाथों अंतिम क्षणों में हार गई हो लेकिन पदक जीतने की दौड़ में वह अभी भी बनी हुई है। अर्जेंटिना नीदरलैंड और कनाडा के साथ होने वाले मैच के नतीजे तय करेंगें की वह ओलिंपिक की दौड़ में टिकी रहेगी या फिर पदक के लिये उसे अगले चार साल और इंतजार करना पड़ेगा। 13 जुलाई 2016 को भारतीय पुरूष हॉकी टीम की कमान सरदारा सिंह से लेकर गोलकीपर पी.आर. श्रीजेश को थमा दी गई। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्रीजेश की कुंडली में ग्रहों की दशा क्या कहती है  और ओलिंपिक के मैदान में सितारे इनका कितना साथ देंगें इसका आकलन किया है एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों ने। आइये जानते हैं क्या कहते हैं भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान के सितारे। यदि आप अपने सितारों के बारे में जानने के इच्छुक हैं तो डाउनलोड करें भारत की पहली एस्ट्रोलॉजर ऐप और परामर्श करें अपने पसंदीदा ज्योतिषाचार्यों से। अभी बात करने के लिये लिंक पर क्लिक करें।



नाम – पी.आर श्रीजेश

जन्मतिथि – 8 मई 1986

जन्म समय – 12:00

जन्म स्थान – एर्नाकुलम, केरल


उपरोक्त विवरण के अनुसार कप्तान व गोलकीपर श्रीजेश की कुंडली कर्क लग्न की बनती है जिसके अनुसार उनकी चंद्र राशि मेष है। इनका जन्म भरणी नक्षत्र में हुआ जिसका स्वामी शुक्र है। इनका राशि स्वामी मंगल है। वर्तमान में इन पर चंद्र की महादशा चल रही है। अंतर्दशा में शुक्र तो प्रत्यंतर दशा में शनि विराजमान हैं।


13 जुलाई 2016 को श्रीजेश को भारतीय पुरूष हॉकी टीम की कप्तानी थमाई गई उस समय इनका चंद्रमा बहुत ही शुभ था। इनकी कुंडली के अनुसार इस समय सिद्ध योग भी बन रहा था। ग्रह नक्षत्रों को देखा जाये तो चंद्रमां शुक्र की राशि में था। हालांकि शुक्र और चंद्रमा की शत्रुता बताई जाती है लेकिन यह भी कहा जाता है कि चंद्रमा से भले ही दूसरे ग्रह बैर रखते हों लेकिन चंद्रमा किसी से भी शत्रुता नहीं रखता। और श्रीजेश की कुंडली में अच्छे योग बनाकर सकारात्मक परिणाम देने से इसकी पुष्टि भी सहज हो जाती है।


मैदान पर कैसे रहेंगें सितारे


9 अगस्त को भारत का मुकाबला अर्जेंटिना से होगा इस दिन भारत का शुभ चंद्रमा हैं भारत और कप्तान श्रीजेश दोनों की कुंडली में अच्छे योग नजर आ रहे हैं जिससे की रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद की जा सकती है साथ ही यह भी की अंतिम परिणाम भारत के पक्ष में हों। दरअसल इस दिन श्री जेश की कुंडली में सातवां चंद्रमा है जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। यदि मैदान पर श्रीजेश सूझबूझ का परिचय देते हुए धैर्य के साथ खेलें बाजी मार सकते हैं।


11 अगस्त को मुकाबला नीदरलैंड के साथ होगा इस दिन भारतीय टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। चूंकि इस दिन इनकी कुंडली में ताराबल तो अच्छा है लेकिन चंद्रबल कमजोर है। इस दिन जीत के लिये काफी प्रयास करने पड़ेगें। यदि शत्रु को अपने ऊपर हावी नहीं होने दें तो इस दिन भी बात बन सकती है।


12 अगस्त को कनाडा के साथ मुकाबला होगा। ग्रहों के हिसाब से तो इस दिन को शुभ नहीं कहा जा सकता चंद्रबल और ताराबल दोनों ही कमजोर हैं साथ ही शनि की भी दृष्टि पड़ रही है। लेकिन अच्छी बात यह हो रही है कि चंद्रमा नीच राशि का होने और मंगल स्वराशि का होने से नीचभंग राजयोग बन रहा है जिससे यदि आन्तरिक निराशा को त्याग कर यदि मैदान पर जोश के साथ उतरे तो विजय श्री का दामन थाम सकते हैं।


कुल मिलाकर कह सकते हैं तीनों ही मैच में कप्तान को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा और सूझ-बूझ से ही फैसले लेने होंगें। चंद्र का शुक्र में होना, कर्मक्षेत्र के मालिक मंगल का वृश्चिक में चलना मान-सम्मान दिलाने और अच्छी पदवी हासिल करने का ईशारा तो करता है। लेकिन चूंकि यह एक टीम पर निर्भर खेल है और इसमें सभी खिलाड़ियों की भूमिका अहम होगी ऐसे में अन्य खिलाड़ियों के सितारे क्या कहते हैं इस पर भी निर्भर करता है। चूंकि नेतृत्व श्रीजेश कर रहे हैं इसलिये उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। एस्ट्रोयोगी की ओर से भारतीय हॉकी टीम और ओलिंपिक में अपना जोहर दिखाने की कतार में खड़े सभी खिलाड़ियों को हार्दिक शुभकामनाएं। 


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