Skip Navigation Links
रियो ओलिंपिक 2016 - क्या पीवी सिंधु रचेंगी स्वर्णिम इतिहास


रियो ओलिंपिक 2016 - क्या पीवी सिंधु रचेंगी स्वर्णिम इतिहास

रियो ओलिंपिक में सोने की दहलीज पर खड़ी बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने फाइनल में पंहुच कर एक इतिहास तो रच ही दिया है लेकिन अगर आज वे स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब हो जाती हैं तो यह भारत के लिये स्वर्णिम इतिहास होगा। वैसे तो सफलता का सीधा सूत्र कड़ी मेहनत ही होती है लेकिन कुछ चीज़ें ऐसी भी होती हैं जो हमारे हाथ में नहीं होती। ज्योतिषशास्त्र की भाषा में ग्रहों की दशा भी एक ऐसी ही चीज है जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। वे किस जातक के साथ, कब कौनसा खेल, खेल जायें कुछ कहा नहीं जा सकता। आप भी अगर ऐसा महसूस करते हैं कि आपके साथ भी अपेक्षानुसार कुछ नहीं हो रहा है तो आप भी हमारे ज्योतिषाचार्यों से परामर्श कर सकते हैं। एस्ट्रोयोगी पर देश के जाने-माने ज्योतिषाचार्यों से अपनी शंकाओं के समाधान जान सकते हैं। डाउनलोड करें भारत की पहली एस्ट्रोलॉजर ऐप। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य पीवी सिंधु की सूर्यकुंडली के अनुसार क्या पूर्वानुमान लगा रहे हैं आइये जानते हैं।


नाम – पुसरला वेंकट सिंधु

जन्मतिथि – 5 जुलाई 1995

जन्म समय – उपलब्ध नहीं है

जन्म स्थान – हैदराबाद, भारत


पी.वी सिंधु का जन्म समय उपलब्ध न होने के कारण सूर्य कुंडली के अनुसार ज्योतिषाचार्यों ने इनकी चंद्र राशि कन्या बताई है। सूर्य कुंडली के अनुसार लग्न में सूर्य और शुक्र का होना एवं मंगल का सिंह राशि में होना सिंधु के लिये बहुत ही शुभ माना जा सकता है। ग्रहों के इस योग से जातक के मान-सम्मान और पराक्रम में वृद्धि के संकेत मिलते हैं। इसके साथ ही कन्या राशि का चंद्रमा मन में एक नई ऊर्जा, एक नई चेतना और कुछ नया करने का जुनून पैदा करता है। गोचर अवस्था में इस समय बृहस्पति कन्या राशि में चल रहा है। इससे भी सिंधु को विजय श्री मिलने की प्रबल संभावनाएं हैं। वहीं प्रतिद्वंदी स्थान पर मंगल और शनि बैठें हैं जो कि  प्रतिद्वंदी को क्मजोर करता है लेकिन शनि का साथ उलटफेर करने के रास्ते भी खुले रखता है विशेषकर शारीरिक रुप से अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सिंधु को सचेत रहने की आवश्यकता होगी। आज की तारीख में सिंधु का ताराबल बहुत अच्छा है लेकिन चंद्रबल थोड़ा कमजोर है। इसलिये सिंधु को पूरी मुस्तैदी और सूझ-बूझ के साथ खेलना होगा।


कहते हैं जो लड़ने की हिम्मत रखते हैं वक्त भी उन्हीं का साथ देता है। उम्मीद है सिंधु रियों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाएंगी। एस्ट्रोयोगी की ओर से उन्हें फाइनल तक पहुंचने पर बधाई और फाइनल मैच के लिये शुभकामनाएं।


यह भी पढ़ें

 दीपा करमाकर क्या कहते हैं इस जिमनास्ट के सितारे   |   रियो ओलिंपिक 2016 - क्या भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा सितारों का साथ   |   

युवाओं के लिए कुछ खास है 2016   |   2016 - क्या खेलों में चमकेगा भारत   |   2016 - क्या कहते हैं भारत के सितारे   |   2016 - क्या कहते हैं आपके सितारे 




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

दस साल बाद आषाढ़ में होगी शनि अमावस्या करें शनि शांति के उपाय

दस साल बाद आषाढ़ म...

अमावस्या की तिथि पितृकर्मों के लिये बहुत खास मानी जाती है। आषाढ़ में मास में अमावस्या की तिथि 23 व 24 जून को पड़ रही है। संयोग से 24 जून को अ...

और पढ़ें...
शनि परिवर्तन - वक्री होकर शनि कर रहे हैं राशि परिवर्तन जानें राशिफल

शनि परिवर्तन - वक्...

शनि की माया से तो सब वाकिफ हैं। ज्योतिषशास्त्र में शनि को एक दंडाधिकारी एक न्यायप्रिय ग्रह के रूप में जाना जाता है हालांकि इनकी टेढ़ी नज़र से...

और पढ़ें...
आषाढ़ अमावस्या 2017 – पितृकर्म अमावस्या 23 जून तो 24 को रहेगी शनि अमावस्या

आषाढ़ अमावस्या 201...

प्रत्येक मास में चंद्रमा की कलाएं घटती और बढ़ती रहती हैं। चंद्रमा की घटती बढ़ती कलाओं से ही प्रत्येक मास के दो पक्ष बनाये गये हैं। जिस पक्ष म...

और पढ़ें...
जगन्नाथ रथयात्रा 2017 - सौ यज्ञों के बराबर पुण्य देने वाली है पुरी रथयात्रा

जगन्नाथ रथयात्रा 2...

उड़िसा में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर हिन्दुओं के चार धामों में शामिल है। जगन्नाथ मंदिर, सनातन धर्म के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। हिन...

और पढ़ें...
ईद - इंसानियत का पैगाम देता है ईद-उल-फ़ितर

ईद - इंसानियत का प...

भारत में ईद-उल-फ़ितर 26 जून 2017 को मनाया जाएगा। इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने को रमदान का महीना कहते हैं और इस महीने में अल्लाह के सभी बंदे...

और पढ़ें...