राखी - शुभ मुहूर्त सहित जानें क्यों खास है इस बार राखी का पर्व

18 अगस्त 2021

वर्ष 2021 में रक्षा बंधन 22 अगस्त, रविवार को मनाया जाएगा। भारत में यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित है और इस त्यौहार का प्रचलन सदियों पुराना बताया गया है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए अपना स्नेहाभाव दर्शाते हैं। 

 

कुंडली के अनुसार रक्षाबंधन को मनाने के लिये आप अनुभवी ज्योतिषाचार्यों से परामर्श लें। 

 

रक्षा बंधन शुभ महूर्त

रक्षा बंधन तिथि - 22 अगस्त 2021, रविवार

  • रक्षाबंधन अनुष्ठान शुभ मुहूर्त - सुबह 06 बजकर 15 से शाम 05 बजकर 31 मिनट तक 
  • रक्षाबंधन अपराह्न मुहूर्त  - दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से शाम 04 बजकर 18  मिनट तक

पूर्णिमा तिथि आरंभ –  21 अगस्त 2021 को शाम 07 बजे से 

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 22 अगस्त 2021 को शाम 05 बजकर 31 मिनट तक 

भद्रा रक्षाबंधन - प्रातः 05 बजकर 54 मिनट से 06 बजकर 12 मिनट तक ( 22 अगस्त 2021)

 

कब तक रहेगी भद्रा

रक्षाबंधन के पर्व को भद्रा की नजर लगने पर राखी बांधने के समय में फेरबदल करना पड़ता है। भद्रा रहित काल में ही राखी बांधने का विधान शास्त्रसम्मत माना जाता है। सौभाग्य से इस बार इस पावन पर्व को भद्गा की नजर नहीं लग रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार भद्रा 22 अगस्त 2021 को प्रातः 05 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी और सुबह 06 बजकर 12 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। 

 

क्या है भद्रा

शास्त्रों की मान्यता के अनुसार भद्रा का संबंध सूर्य और शनि से होता है। हिन्दू धर्म शास्त्रों में, भद्रा भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन है। शनि की तरह ही इसका स्वभाव भी क्रूर बताया गया है। इस उग्र स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही भगवान ब्रह्मा ने उसे कालगणना या पंचाग के एक प्रमुख अंग करण में स्थान दिया। जहां उसका नाम विष्टी करण  रखा गया। भद्रा की स्थिति में कुछ शुभ कार्यों, यात्रा और उत्पादन आदि कार्यों को निषेध माना गया। इसलिये इस बार भद्रा का साया समाप्त होने पर ही रक्षाबंधन अनुष्ठान किया जाता है। लेकिन इस बार भद्रा मुक्त रक्षाबंधन होने से यह बहनों के लिये बहुत ही हर्ष का पर्व है।

 

इसलिये भी खास है इस बार राखी

रक्षाबंधन का यह पवित्र त्यौहार इस बार 22 अगस्त यानि रविवार के दिन है। वहीं इस पावन पर्व पर विशेष योग भी बन रहे हैं। दरअसल पूर्णिमा तिथि शोभन योग लग रहा है। वैदिक ज्योतिष में शोभन योग बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आपके रूके हुए काम पूरे हो जाएंगे। नौकरीपेशा वालों को कार्यक्षेत्र में ग्रोथ और इंक्रीमेंट भी मिल सकता है। इसलिए यदि आप किसी शुभ काम को इस योग में शुरू करते हैं तो काफी उत्तम रहता है।  

 

एस्ट्रोयोगी की तरफ से सभी पाठकों को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं और हम आशा करते है कि आप के बीच यूँही प्रेम, स्नेह बना रहें।

 

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