राखी - शुभ मुहूर्त सहित जानें क्यों खास है इस बार राखी का पर्व

02 अगस्त 2020

वर्ष 2020 में रक्षा बंधन 03 अगस्त, सोमवार को मनाया जाएगा। भारत में यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित है और इस त्यौहार का प्रचलन सदियों पुराना बताया गया है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए अपना स्नेहाभाव दर्शाते हैं। 

 

कुंडली के अनुसार रक्षाबंधन को मनाने के लिये आप अनुभवी ज्योतिषाचार्यों से परामर्श लें। 

 

कब तक रहेगी भद्रा

रक्षाबंधन के पर्व को भद्रा की नजर लगने पर राखी बांधने के समय में फेरबदल करना पड़ता है। भद्रा रहित काल में ही राखी बांधने का विधान शास्त्रसम्मत माना जाता है। सौभाग्य से इस बार इस पावन पर्व को भद्गा की नजर नहीं लग रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार भद्रा 02 अगस्त 2020 को रात्रि 9 बजकर 28 मिनट से शुरू होगी और 03 अगस्त सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। 

 

क्या है भद्रा

शास्त्रों की मान्यता के अनुसार भद्रा का संबंध सूर्य और शनि से होता है। हिन्दू धर्म शास्त्रों में, भद्रा भगवान सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन है। शनि की तरह ही इसका स्वभाव भी क्रूर बताया गया है। इस उग्र स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए ही भगवान ब्रह्मा ने उसे कालगणना या पंचाग के एक प्रमुख अंग करण में स्थान दिया। जहां उसका नाम विष्टी करण रखा गया। भद्रा की स्थिति में कुछ शुभ कार्यों, यात्रा और उत्पादन आदि कार्यों को निषेध माना गया। इसलिये इस बार भद्रा का साया समाप्त होने पर ही रक्षाबंधन अनुष्ठान किया जाता है। लेकिन इस बार भद्रा मुक्त रक्षाबंधन होने से यह बहनों के लिये बहुत ही हर्ष का पर्व है।

 

इसलिये भी खास है इस बार राखी

रक्षाबंधन का यह पवित्र त्यौहार इस बार 3 अगस्त यानि सोमवार के दिन है। वहीं इस पावन पर्व पर विशेष योग भी बन रहे हैं। दरअसल पूर्णिमा तिथि पर सूर्य-शनि समसप्तक योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य शनि समसप्तक योग बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आपके रूके हुए काम पूरे हो जाएंगे। नौकरीपेशा वालों को कार्यक्षेत्र में ग्रोथ और इंक्रीमेंट भी मिल सकता है। प्रीति योग का मतलब है प्रेम का विस्तार करने वाला योग। अगर आपका प्रिय आपसे रूठ गया है तो आप उसको मना सकते हैं और प्रेम विवाह में आ रही अड़चने भी खत्म हो जाएंगी। आयुष्मान योग में किए गए शुभ कार्य का शुभ फल काफी लंबे समय तक मिलता है, इसलिए यदि आप किसी शुभ काम को इस योग में शुरू करते हैं तो काफी उत्तम रहता है। सर्वार्थ सिद्धि योग एक अत्यंत शुभ योग है, इस योग में सभी इच्छाएं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शुरू किया गया कार्य निश्चिततौर पर सफलतापूर्वक संपन्न होता है। 

 

शुभ महूर्त

रक्षा बंधन तिथि - 03 अगस्त 2020, सोमवार

  • रक्षाबंधन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 9.28 से 10.30 बजे तक 
  • दूसरा मुहूर्त दोपहर 1.30 से शाम के 6 बजे तक 
  • तीसरा मुहूर्त शाम 6 बजे से 7.30 तक 
  • रात्रि में 10.30 से लेकर मध्यरात्रि 12 बजे तक 

पूर्णिमा तिथि आरंभ –  09:28 पीएम बजे (02 अगस्त 2020)

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 09:28 पीएम बजे (03 अगस्त 2020)

भद्रा रहित रक्षाबंधन 

एस्ट्रोयोगी की तरफ से सभी पाठकों को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं और हम आशा करते है कि आप के बीच यूँही प्रेम, स्नेह बना रहें।

 

एस्ट्रो लेख

Kumbh Mela 2021 - इस बार 12 नहीं 11 साल बाद मनाया जा रहा है कुंभ मेला

Pongal - दक्षिण भारत में कैसे मनाया जाता है पोंगल का पर्व? जानिए

मकर संक्रांति पर यहां लगती है आस्था की डूबकी

मकर संक्रांति 2021 - सूर्य देव की आराधना का पर्व ‘मकर संक्रांति’

Chat now for Support
Support