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शनि अमावस्या - चौदह साल बाद बना है यह शुभ संयोग


शनि अमावस्या - चौदह साल बाद बना है यह शुभ संयोग

अमावस्या की तिथि पितृकर्मों के लिये बहुत खास मानी जाती है। चैत्र मास में अमावस्या की तिथि 17 मार्च को पड़ रही है। संयोग से 17 मार्च को अमावस्या शनिवार के दिन है जिस कारण यह शनि अमावस्या के रूप में मनाई जा रही है। शनि अमावस्या का ज्योतिषशास्त्र के अनुसार भी बहुत अधिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शनि दोष निवारण के लिये शनि अमावस्या बहुत ही सौभाग्यशाली होती है।


चौदह साल बाद बना है यह शुभ संयोग

चैत्र मास में शनि अमावस्या का यह संयोग 12 साल के बाद आया है। हिंदू पंचांग पर नज़र दौड़ाएं तो चैत्र मास में इससे पहले साल 2004 में 20 मार्च को शनिवार के दिन अमावस्या की तिथि थी। साल 2018 के बाद भी सात साल पश्चात 2025 में चैत्र मास में शनि अमावस्या होगी। इस तिथि पर प्रयागराज सहित समस्त धार्मिक व तीर्थ स्थलों पर स्नान दान का बहुत अधिक महत्व है।


शनि अमावस्या पर पांच योग का प्रभाव

साल 2018 में चैत्र मास की शनि अमावस्या पंचाग की गणनानुसार पांच योगों का प्रभाव शनि देव की साधना को बहुत खास बना रहा है। दरअसल अमावस्या तिथि, शनिवार का दिन, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र, शुभ योग, चतुष्पद एवं नागव करण बहुत ही महत्वपूर्ण योग बना रहे हैं।


शनि अमावस्या पर करें शनि के नेगेटिव इफेक्ट से बचने के उपाय

इस अमावस्या का महत्व इसलिये भी बढ़ा हुआ है क्योंकि जो जातक वर्तमान में शनि की चाल से नकारात्मक रूप से प्रभावित हैं। विशेषकर जिन जातकों की कुंडली में शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतरदशा चल रही है या फिर जिन पर शनि की साढ़ेसाती, शनि की ढ़ैया चल रही है। या जिन्हें किसी भी प्रकार का कष्ट शनि के कारण पंहुच रहा है वे जातक इस शनि अमावस्या पर शनिदेव की साधना कर उनके कोप से बच सकते हैं।

शनि के कोप से बचने के लिये शनि अमावस्या को शनिदेव की साधना करनी चाहिये।

शनिदेव की शांति के लिये शनि सत्वराज का पाठ करें। शनि स्त्रोतम् या शनि अष्टक का पाठ भी कर सकते हैं।

शनिदेव के बीज मंत्र का जप करने एवं शनिदेव संबंधी वस्तुओं का दान करने से भी शनि देव की कृपा प्राप्त हो सकती है।


कब है शनि अमावस्या

चैत्र मास में शनि अमावस्या 17 मार्च को है। पंचाग के अनुसार तिथि की गणना सूर्योदय के समय से मानी जाती है। सूर्योदय जिस तिथि में होता है वही तिथि मानी जाती है।

चैत्र शनि अमावस्या तिथि - 17 मार्च

अमावस्या तिथि आरंभ - 18:19 (16 मार्च 2018)

अमावस्या तिथि समाप्त - 18:41 (17 मार्च 2018)


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