2020 महाशिवरात्रि पर बन रहा अद्भुत योग

इस साल महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2020) दिनांक 21 फरवरी 2020 शुक्रवार के दिन मनाई जा रही है। पौराणिक मान्यता के अनुसार शिवरात्रि को महान रात्रि के रूप में जाना जाता है। कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती के संग हुआ था। शिवरात्रि का मतलब जगत का कल्याण करना है। शिव का मतलब ही कल्याण होता है, जो संसार का उद्धार करते हैं। हिंदू धर्म के अनुसार चार महत्वपूर्ण रात्रियां बताई गई हैं। दीपावली, जन्माष्टमी, होली और शिवरात्रि परंतु चार रात्रियों में महाशिवरात्रि को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। ज्योतिष के अनुसार ये महाव्रत सदैव प्रदोष निशीथ काल में ही करना चाहिए। हिंदू धर्म के अनुसार भगवान भोलेनाथ की पूजा चार प्रहर में करने से विशेष फल मिलता है। 

 

प्रथम प्रहर सायं 6:18 से  रात्रि 9:28  तक

द्वितीय प्रहर रात्रि 9:29 से मध्यरात्रि 12:34 तक 

तृतीय प्रहर रात्रि 12:40 से प्रात: 3:50 तक

चतुर्थ प्रहर मध्यरात्रि 3:51 से सुबह 7:10 तक

निशिथ काल मध्यरात्रि 12:15 से 1:06  तक रहेगा।  

 

आपकी कुंडली के अनुसार महाशिवरात्रि आपके लिए किस तरह हो सकती है लाभकारी जानने के लिए बात करें आचार्य दिनेश से 
 

महाशिवरात्रि 2020 में 59 साल बाद बन रहा है सर्वार्थ सिद्ध योग 

महाशिवरात्रि के दिन सूंपर्ण रात्रि में घी का दीपक या तेल का दीपक जलाते हैं और बेलपत्र, भांग, धतूरा, केसर, शहद, दूध, दही, गन्ने का रस, बेल का रस, फल और मिष्ठान से महादेव को प्रसन्न करते हैं। ज्योतिष के अनुसार इस बार 21 फरवरी शुक्रवार को श्रवण नक्षत्र में पड़ने वाली महाशिवरात्रि बेहद उत्तम है, क्योंकि महाशिवरात्रि 2020(Mahashivratri 2020) पर शनि और चंद्रमा के संयोग से शश योग बना रहा है। यह योग साधना की सिद्धि के लिए विशेष महत्व रखता है। महाशिवरात्रि के दिन शनि और चंद्र मकर राशि में होंगे। देव गुरु धनु राशि में होंगे। बुध व सूर्य कुंभ राशि में होंगे। मंगल और केतु धनु राशि में होंगे। दैत्य गुरु शुक्र उच्च राशि मीन में होंगे और राहु मिथुन राशि में होंगे। इससे पहले 1961 में इन ग्रहों का ऐसा संयोग बना था। इस दिन पांच ग्रहों की पुनरावृत्ति होने के साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। इस योग में शिव-पार्वती का पूजन श्रेष्ठ माना गया है। 

भगवान शिव की आरती - ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा   |  श्री शिव चालीसा

 

 

महाशिवरात्रि विशेष पूजन

महाशिवरात्रि के दिन विशेष पूजन का भी महत्व है, जिसको करने से आपको विशेष फल प्राप्त होते हैं। यदि आपके जीवन में बाधाएं और परेशानी है तो आपको महाशिवरात्रि 2020 (Mahashivratri 2020) के पावन पर्व में भगवान शिव की कर्पूर से आरती करनी चाहिए। यदि आपको शत्रुओं का भय हमेशा बना रहता है तो शिवरात्रि के दिन तेल के दीपक से भोलेनाथ की आरती करने से शुत्र परास्त हो जाते हैं। यदि किसी जातक को व्यापार में लाभ नहीं मिल रहा है तो उसे शिवरात्रि के दिन भगवान शिव के समक्ष घी के दीपक से आरती करनी चाहिए, इससे व्यापार में वृद्धि होती है। यदि कार्यस्थल में आपको पदोन्नति नहीं मिल रही है तो आपको महादेव की धूप से आरती करनी चाहिए। अगर आपके घऱ में कोई लंबे वक्त से बीमार है तो आपको शिवरात्रि के दिन शिवजी को चंदन का इत्र लगाएं। इसके अलावा शिवपूजा में ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें। 


 

राशिनुसार करें महाशिवरात्रि पूजन

  • शिवरात्रि के दिन मेष राशि के जातकों को गाय के घी और शहद से शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए। इससे जीवनस्तर उत्तम बना रहेगा।  

  • वृषभ राशि के जातकों को शिवरात्रि के दिन दूध, शहद और बूरा मिलाकर शिवजी का पूजन करना चाहिए। इससे सफलता प्राप्त हासिल होगी।

  • यदि मिथुन राशि के जातक लंबे वक्त से बीमार हैं तो उन्हें शिवलिंग पर दूध में भांग और शक्कर मिलाकर अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से रोगों से छुटकारा मिल जाएगा। 

  • शिवरात्रि के दिन कर्क राशि के जातकों को गंगाजल में केसर, दूध और शहद मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए। इससे लंबे वक्त से चले आ रहे है विवाद समाप्त हो जाते हैं। 

  • सिंह राशि के जातकों को मुकदमें में विजय प्राप्त करने के लिए गन्ने का रस और नींबू मिलाकर शिवजी पर अर्पित करना चाहिए।

  • कन्या राशि के लोगों को शिवरात्रि के दिन घी, दही मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करना चाहिए। इससे धन लाभ होगा। 

  • महाशिवरात्रि के पर्व पर तुला राशि के जातकों को पंचामृत से शिवपूजन करना चाहिए इससे आपके अधूरे कार्य पूर्ण होंगे। 

  • वृश्चिक राशि के लोगों को शिवरात्रि के दिन दूध, गाय का घी, शक्कर, केसर मिलाकर पूजन करना चाहिए। ऐसा करने से कैद से मुक्ति मिल जाती है। 

  • शिवरात्रि के पावन पर्व पर धनु राशि के जातकों को दही, शहद मिलाकर महादेव की पूजा करनी चाहिए। इससे संतान सुख की प्राप्ति होती है। 

  • मकर राशि के जातक यदि विरोधी को परास्त करना चाहते हैं तो उन्हें शिवरात्रि के दिन दूध, गंगाजल और शक्कर से शिवजी की पूजा करनी चाहिए। 

  • कुंभ राशि के लोगों को बेल के रस और जल से शिवपूजन करना चाहिए। ऐसा करने से प्रमोशन और धनलाभ की प्राप्ति होती है। 

  • मीन राशि के जातक यदि मान-सम्मान में वृद्धि करना चाहते हैं तो शिवरात्रि के दिन गंगाजल, दूध और दही से पूजा करें। 


 

महाशिवरात्रि 2020 शुभ मुहूर्त

प्रारंभ - 21 फरवरी शुक्रवार को शाम 05 बजकर 20 मिनट से

समापन - 22 फरवरी शनिवार को 07 बजकर 02 मिनट तक

रात्रि प्रहर पूजा मुहूर्त - शाम को 6 बजकर 41 मिनट से रात 12 बजकर 52 मिनट तक होगी।

 

आचार्य दिनेश

एस्ट्रो लेख

राम रक्षा स्तोत...

श्री राम रक्षा स्तोत्र बुध कौशिक ऋषि द्वारा रचित श्री राम का स्तुति गान है। इसमें उन्होंने अनेक नामों से प्रभु श्री राम के नाम का गुणगान किया है। मान्यता है कि श्री राम रक्षा स्तोत...

और पढ़ें ➜

रामनवमी - भगवान...

विज्ञान और इतिहास के नजरिये से देखा जाये तो रामायण और महाभारत दो महाकाव्य हैं और भगवान राम और भगवान श्री कृष्ण इन महाकाव्यों के नायक। लेकिन धर्म, आस्था और विश्वास के नजरिये से देखे...

और पढ़ें ➜

प्रभु श्री राम ...

प्रभु श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं। भगवान विष्णु ने जब भी अवतार धारण किया है अधर्म पर धर्म की विजय हेतु लिया है। रामायण अगर आपने पढ़ी नहीं टेलीविज़न पर धाराव...

और पढ़ें ➜

भगवान श्री राम ...

रामायण और महाभारत महाकाव्य के रुप में भारतीय साहित्य की अहम विरासत तो हैं ही साथ ही हिंदू धर्म को मानने वालों की आस्था के लिहाज से भी ये दोनों ग्रंथ बहुत महत्वपूर्ण हैं। आम जनमानस ...

और पढ़ें ➜