सुशांत सिंह राजपूत – जिसका राहु हो बलवान उसे कौन करे परेशान

छोटे पर्दे पर धाक जमाने के बाद, डांस रियलिटी शो से होकर बॉलीवुड में अपनी छाप छोड़ने वाले अभिनेता हैं सुशांत सिंह राजपूत। इन्होंनें अभिनय के क्षेत्र में चुनौतिपूर्ण किरदारों को छोटे व बड़े पर्दे पर आत्मसात किया, चाहे वह पवित्र रिश्ता के मानव दामोदर देशमुख हों या फिर काय पो छे के ईशान भट्ट, या फिर प्रख्यात जासूस व्योमकेश बख्शी। काय पो छे, शुद्ध देशी रोमांस, व्योमकेश बख्शी व पीके जैसी फिल्में करने के बाद अब सुशांत क्रिकेट जगत के जीते जागते व अब तक के सबसे सफल भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के किरदार को बड़े पर्दे पर जीते हुए नजर आंएगें। आने वाले समय में उन पर ग्रहों की कृपा दृष्टि  कैसी बनी रहेगी ? आइए जानते हैं क्या विश्लेषण किया है, एस्ट्रोयोगी के एस्ट्रोलॉजर ने 21 जनवरी 1986 को बिहार प्रांत में जन्में सुशांत सिंह राजपूत की कुंडली का। आप भी भारत के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्यों से बात कर अपनी शंकाओं का समाधान जान सकते हैं। उसके लिए आज ही डाऊनलोड करें एस्ट्रोयोगी एप

नाम - सुशांत सिंह राजपूत

जन्म तिथि- 21 जनवरी 1986

जन्म स्थान- पटना

जन्म समय- 12:00:00

इस कुंडली के अनुसार इनका लग्न- मेष, चंद्र राशि वृष, नक्षत्र- रोहिणी- दूसरा चरण, महादशा- राहू, अंतर्दशा- चंद्रमा व प्रत्यंतर दशा में भी चंद्रमा विराजमान है।

सुशांत सिंह राजपूत की कुंडली के अनुसार इस समय उन पर राहू की महादशा चल रही है। जिसका राहू हो बलवान, उसे भला कौन करे परेशान। 15 जनवरी को सूर्य मकर राशि में दाखिल हुआ, जिससे इनके भाग्य में अप्रत्याशित लाभ मिलने के योग बने हैं। वहीं चंद्रमा के प्रभाव से इन्हें कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। लेकिन केतू के प्रभाव से कुछ काम मंजिल के समीप पंहुचकर भी शायद सिरे न चढ़ें। लेकिन बुध व सूर्य के साथ से बुधादित्य योग इनके लिए बना रहे हैं जिससे धन संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी। लेकिन कर्मभाव का बृहस्पति होने से कड़ी मेहनत के बावजूद भी प्रतिफल उतना नहीं मिल पा रहा, उस पर पिछले कुछ समय से शनि की साढ़ेसाती के भी शिकार हैं। लेकिन आने वाले समय में ग्रह ऐसा योग बना रहे हैं, जिससे कार्यक्षेत्र में इनकी स्थिति और मजबूत होगी।

कुल मिलाकर नीच का बृस्पति होने के कारण अक्तूबर-नवंबर में इन्हें कार्यक्षेत्र में विशेष सावधान रहने की जरुरत है। एस्ट्रोयोगी इनके जन्मदिन पर कामना करती है कि आने वाला समय इनके लिए कल्याणकारी हो। एस्ट्रोयोगी पर जानकारी से भरपूर और भी महत्वपूर्ण लेख हैं पढ़ने के लिए क्लिक करें

एस्ट्रो लेख

किस कोर्स में ए...

यह लेख उन लोगों के लिए है जो अब तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि उन्हें आगे किस क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करना है। साथ ही उनके लिए भी फायदेमंद है जो अपने क्षेत्र को निर्धारित कर चुके ह...

और पढ़ें ➜

कर्क राशि में म...

मंगल युद्ध के देवता, असीम ऊर्जा के प्रतिनिधि, राशिचक्र की पहली राशि मेष व आठवीं राशि वृश्चिक के स्वामी, जिन्हें भूमिपुत्र माना जाता है, भौमेय कहा जाता है। कुंडली में मंगल अमंगल के ...

और पढ़ें ➜

क्या आपकी कुंडल...

विदेश जाने की चाह हर किसी के मन में होती है। कोई घूमने जाना चाहता है तो कोई पढ़ाई करने के लिए। लेकिन बहुतों का यह सपना कभी साकार नहीं हो पाता है। लेकिन क्या कभी आपने इस बात पर ध्या...

और पढ़ें ➜

अंतर्राष्ट्रीय ...

योग दुनिया के लिये भले ही यह बेहतर सेहत के लिये किया जाने वाला एक उपाय हो लेकिन भारत में योग स्वयं को स्वयं से जोड़ने की एक प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है। एक ऐसी क्रिया जिसके ज...

और पढ़ें ➜