वैशाख पूर्णिमा 2020 – सत्यविनायक पूर्णिमा व्रत व पूजा विधि

05 मई 2020

वैशाख मास को बहुत ही पवित्र माह माना जाता है इस माह में आने वाले त्यौहार भी इस मायने में खास हैं। वैशाख मास की एकादशियां हों या अमावस्या सभी तिथियां पावन हैं लेकिन वैशाख पूर्णिमा का अपना महत्व माना जाता है। वैशाख पूर्णिमा को महात्मा बुद्ध की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

 

वैशाख पूर्णिमा का महत्व (Vaisakh Purnima Importance)

वैशाख पूर्णिमा का हिंदू एवं बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिये विशेष महत्व है। महात्मा बुद्ध की जयंती इस दिन मनाई जाती है इस कारण बुद्ध के अनुयायियों के लिये तो यह दिन खास है ही लेकिन महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार भी बताया जाता है जिस कारण यह हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिये भी बहुत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है।

 

वैशाख पूर्णिमा पर सरल ज्योतिषीय उपाय जानने के लिये एस्ट्रोयोगी पर देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करें। ज्योतिषियों से बात करने के लिये यहां क्लिक करें।

 

वैशाख पूर्णिमा पर रखें सत्य विनायक व्रत (Vaisakh Purnima Satya Vinayak Vrat)

वैशाख पूर्णिमा पर सत्य विनायक व्रत रखने का भी विधान है। मान्यता है कि इस दिन सत्य विनायक व्रत रखने से व्रती की सारी दरिद्रता दूर हो जाती है। मान्यता है कि अपने पास मदद के लिये आये भगवान श्री कृष्ण ने अपने यार सुदामा (ब्राह्मण सुदामा) को भी इसी व्रत का विधान बताया था जिसके पश्चात उनकी गरीबी दूर हुई। वैशाख पूर्णिमा को धर्मराज की पूजा करने का विधान है मान्यता है कि धर्मराज सत्यविनायक व्रत से प्रसन्न होते हैं। इस व्रत को विधिपूर्वक करने से व्रती को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता ऐसी मान्यता है।

 

वैशाख पूर्णिमा व्रत व पूजा विधि (Vaisakh Purnima Vrat Puja Vidhi)

वैशाख पूर्णिमा पर तीर्थ स्थलों पर स्नान का तो महत्व है ही साथ ही इस दिन सत्यविनायक का व्रत भी रखा जाता है जिससे धर्मराज प्रसन्न होते हैं। इस दिन व्रती को जल से भरे घड़े सहित पकवान आदि भी किसी जरूरतमंद को दान करने चाहिये। स्वर्णदान का भी इस दिन काफी महत्व माना जाता है। व्रती को पूर्णिमा के दिन प्रात:काल उठकर स्नानादि से निवृत हो स्वच्छ होना चाहिये। तत्पश्चात व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिये। रात्रि के समय दीप, धूप, पुष्प, अन्न, गुड़ आदि से पूर्ण चंद्रमा की पूजा करनी चाहिये और जल अर्पित करना चाहिये। तत्पश्चात किसी योग्य ब्राह्मण को जल से भरा घड़ा दान करना चाहिये। ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को भोजन करवाने के पश्चात ही स्वयं अन्न ग्रहण करना चाहिये। सामर्थ्य हो तो स्वर्णदान भी इस दिन करना चाहिये।

 

वैशाख पूर्णिमा 2020 तिथि व मुहूर्त

वर्ष 2020 में वैशाख पूर्णिमा 07 मई को है। इस दिन पूर्णिमा उपवास रखा जायेगा।

वैशाख पूर्णिमा तिथि – 07 मई 2020

पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - मई 06, 2020 को सांय  07:44 बजे से
पूर्णिमा तिथि समाप्त - मई 07, 2020 को  सांय 04:14 बजे तक

 

संबंधित लेख

पूर्णिमा 2020 – कब है पूर्णिमा व्रत तिथि   |   चैत्र पूर्णिमा   |   ज्येष्ठ पूर्णिमा   |   आषाढ़ पूर्णिमा   |   श्रावण पूर्णिमा   |   भाद्रपद पूर्णिमा   |   

शरद पूर्णिमा   |   पौष पूर्णिमा    |  माघ पूर्णिमा   |   फाल्गुन पूर्णिमा   | 

एस्ट्रो लेख

KKR vs RR - कोलकाता नाइट राइडर्स vs राजस्थान रॉयल्स का मैच प्रेडिक्शन

CSK vs KXIP - चेन्नई सुपर किंग्स vs किंग्स इलेवन पंजाब का मैच प्रेडिक्शन

कार्तिक मास 2020 - पवित्र नदी में स्नान औऱ दीपदान का महीना

RCB vs SRH - रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर vs सनराइजर्स हैदराबाद का मैच प्रेडिक्शन

Chat now for Support
Support