कुबेर 108 नाम: भगवान कुबेर की अष्टोत्तर शतनामावली, जाप विधि और महत्व

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कुबेर 108 नाम: भगवान कुबेर की अष्टोत्तर शतनामावली, जाप विधि और महत्व

कुबेर 108 नाम: कुबेर अष्टोत्तर शतनामावली में भगवान कुबेर के विभिन्न नामों का स्मरण किया जाता है। इन नामों में उनके धन के स्वामी, यक्षराज, वैश्रवण, अलकापुरी के अधिपति और भगवान शिव के मित्र जैसे स्वरूपों का वर्णन मिलता है। कुछ नाम उनके परिवार, वाहन, निवास और धार्मिक गुणों से जुड़े हैं, जबकि कुछ नाम शांति, संतोष, ज्ञान और ऐश्वर्य जैसे भावों को व्यक्त करते हैं।

भगवान कुबेर के 108 नाम

  1. ॐ कुबेराय नमः।
  2. ॐ धनदाय नमः।
  3. ॐ श्रीमते नमः।
  4. ॐ यक्षेशाय नमः।
  5. ॐ गुह्यकेश्वराय नमः।
  6. ॐ निधीशाय नमः।
  7. ॐ शङ्करसखाय नमः।
  8. ॐ महालक्ष्मीनिवासभुवे नमः।
  9. ॐ महापद्मनिधीशाय नमः।
  10. ॐ पूर्णाय नमः।
  11. ॐ पद्मनिधीश्वराय नमः।     
  12. ॐ शङ्ख्यनिधिनाथाय नमः।
  13. ॐ मकराख्यनिधिप्रियाय नमः।
  14. ॐ सुखसम्पतिनिधीशाय नमः।
  15. ॐ मुकुन्दनिधिनायकाय नमः।
  16. ॐ कुन्दाख्यनिधिनाथाय नमः।
  17. ॐ नीलनित्याधिपाय नमः।
  18. ॐ महते नमः।
  19. ॐ वरनित्याधिपाय नमः।
  20. ॐ पूज्याय नमः।
  21. ॐ लक्ष्मीसाम्राज्यदायकाय नमः।
  22. ॐ इलपिलापतये नमः।
  23. ॐ कोशाधीशाय नमः।
  24. ॐ कुलोचिताय नमः।
  25. ॐ अश्वारूढाय नमः।
  26. ॐ विश्ववन्द्याय नमः।
  27. ॐ विशेषज्ञानाय नमः।
  28. ॐ विशारदाय नमः।
  29. ॐ नलकूबरनाथाय नमः।
  30. ॐ मणिग्रीवपित्रे नमः।
  31. ॐ गूढमन्त्राय नमः।
  32. ॐ वैश्रवणाय नमः।
  33. ॐ चित्रलेखामनःप्रियाय नमः।
  34. ॐ एकपिनाकाय नमः।
  35. ॐ अलकाधीशाय नमः।
  36. ॐ पौलस्त्याय नमः।
  37. ॐ नरवाहनाय नमः।
  38. ॐ कैलासशैलनिलयाय नमः।
  39. ॐ राज्यदाय नमः।
  40. ॐ रावणाग्रजाय नमः।
  41. ॐ चित्रचैत्ररथाय नमः।
  42. ॐ उद्यानविहाराय नमः।
  43. ॐ विहरसुकुतूहलाय नमः।
  44. ॐ महोत्साहाय नमः।
  45. ॐ महाप्राज्ञाय नमः।
  46. ॐ सदापुष्पकवाहनाय नमः।
  47. ॐ सार्वभौमाय नमः।
  48. ॐ अङ्गनाथाय नमः।
  49. ॐ सोमाय नमः।
  50. ॐ सौम्यादिकेश्वराय नमः।
  51. ॐ पुण्यात्मने नमः।
  52. ॐ पुरुहूतश्रिये नमः।
  53. ॐ सर्वपुण्यजनेश्वराय नमः।
  54. ॐ नित्यकीर्तये नमः।
  55. ॐ निधिवेत्रे नमः।
  56. ॐ लंकाप्राक्तननायकाय नमः।
  57. ॐ यक्षिणीवृताय नमः।
  58. ॐ यक्षाय नमः।
  59. ॐ परमशान्तात्मने नमः।
  60. ॐ यक्षराजे नमः।
  61. ॐ यक्षिणीहृदयाय नमः।
  62. ॐ किन्नरेश्वराय नमः।
  63. ॐ किंपुरुषनाथाय नमः।
  64. ॐ नाथाय नमः।
  65. ॐ खट्गायुधाय नमः।
  66. ॐ वशिने नमः।
  67. ॐ ईशानदक्षपार्श्वस्थाय नमः।
  68. ॐ वायुवायुसमाश्रयाय नमः।
  69. ॐ धर्ममार्गनिरताय नमः।
  70. ॐ धर्मसम्मुखसंस्थिताय नमः।
  71. ॐ नित्येश्वराय नमः।
  72. ॐ धनाध्यक्षाय नमः।
  73. ॐ अष्टलक्ष्म्याश्रितालयाय नमः।
  74. ॐ मनुष्यधर्मण्यै नमः।
  75. ॐ सकृताय नमः।
  76. ॐ कोशलक्ष्मीसामाश्रिताय नमः।
  77. ॐ धनलक्ष्मीनित्यवासाय नमः।
  78. ॐ धान्यलक्ष्मीनिवासभुवे नमः।
  79. ॐ अष्टलक्ष्मीसदावासाय नमः।
  80. ॐ गजलक्ष्मीस्थिरालयाय नमः।
  81. ॐ राज्यलक्ष्मीजन्मगेहाय नमः।
  82. ॐ धैर्यलक्ष्मीकृपाश्रयाय नमः।
  83. ॐ अखण्डैश्वर्यसंयुक्ताय नमः।
  84. ॐ नित्यानन्दाय नमः।
  85. ॐ सुखाश्रयाय नमः।
  86. ॐ नित्यतृप्ताय नमः।
  87. ॐ निधित्तराय नमः।
  88. ॐ निराशाय नमः।
  89. ॐ निरुपद्रवाय नमः।
  90. ॐ नित्यकामाय नमः।
  91. ॐ निराकाङ्क्षाय नमः।
  92. ॐ निरूपाधिकवासभुवे नमः।
  93. ॐ शान्ताय नमः।
  94. ॐ सर्वगुणोपेताय नमः।
  95. ॐ सर्वज्ञाय नमः।
  96. ॐ सर्वसम्मताय नमः।
  97. ॐ सर्वाणिकरुणापात्राय नमः।
  98. ॐ सदानन्दकृपालयाय नमः।
  99. ॐ गन्धर्वकुलसंसेव्याय नमः।
  100. ॐ सौगन्धिककुसुमप्रियाय नमः।
  101. ॐ स्वर्णनगरीवासाय नमः।
  102. ॐ निधिपीठसमास्थाय नमः।
  103. ॐ महामेरुत्तरस्थाय नमः।
  104. ॐ महर्षिगणसंस्तुताय नमः।
  105. ॐ तुष्टाय नमः।
  106. ॐ शूर्पणकाज्येष्ठाय नमः।
  107. ॐ शिवपूजारताय नमः।
  108. ॐ अनघाय नमः।

पाठ के अंत में:

॥ इति श्री कुबेर अष्टोत्तरशतनामावली सम्पूर्णा ॥

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कुबेर 108 नामों का जाप कैसे करें?

भगवान कुबेर की नामावली का पाठ घर के मंदिर में या किसी स्वच्छ और शांत स्थान पर किया जा सकता है। पूजा की विधि को अपनी पारिवारिक परंपरा और सुविधा के अनुसार सरल रखा जा सकता है।

1. पूजा स्थान तैयार करें: सबसे पहले पूजा की जगह को साफ करें। भगवान कुबेर की तस्वीर या प्रतिमा उपलब्ध हो तो उसे स्वच्छ स्थान पर रखें।

2. दीपक जलाएं: अपनी परंपरा के अनुसार दीपक जलाएं और भगवान का स्मरण करें। पुष्प या अन्य सामान्य पूजा सामग्री अर्पित करना चाहें तो कर सकते हैं।

3. संकल्प लें: मन में पूजा का उद्देश्य रखें। आप परिवार की खुशहाली, आजीविका में उन्नति, आर्थिक अनुशासन और सही निर्णय लेने की प्रार्थना कर सकते हैं।

4. नामावली का पाठ करें: 108 नामों को क्रम से पढ़ें। हर नाम के साथ ‘ॐ’ और ‘नमः’ का उच्चारण किया जाता है। यदि संस्कृत के कुछ शब्द कठिन लगें, तो पहले उनका सही उच्चारण सीख लें।

5. जल्दबाजी न करें: पाठ को जल्दी समाप्त करने के बजाय शांत मन से करें। किसी नाम का अर्थ जानना चाहें तो पूजा से पहले उसका भाव समझ सकते हैं।

6. प्रार्थना पूरी करें: पाठ के बाद भगवान कुबेर को प्रणाम करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार अच्छे कर्म करने तथा धन का उचित उपयोग करने का संकल्प लें।

कुबेर 108 नामों का जाप कब करना चाहिए?

भगवान कुबेर की पूजा के लिए कोई एक समय सभी परंपराओं में अनिवार्य नहीं माना जाता। कई भक्त सुबह स्नान के बाद पूजा करते हैं, जबकि कुछ लोग शाम के समय दीपक जलाकर नामावली का पाठ करते हैं।

धनतेरस और दीपावली के अवसर पर भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इन अवसरों पर लोग धन-संपत्ति, व्यापार और घर की खुशहाली की कामना से पूजा करते हैं। हालांकि, 108 नामों के पाठ के लिए किसी विशेष पर्व की प्रतीक्षा करना जरूरी नहीं है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार नियमित रूप से पाठ कर सकते हैं।

यदि आप पहली बार नामावली पढ़ रहे हैं, तो शुरुआत में धीरे-धीरे पढ़ना बेहतर रहेगा। नियमित अभ्यास से नामों का क्रम और उच्चारण समझने में आसानी हो सकती है।

कुबेर नामावली का पाठ करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  • नामों का पाठ श्रद्धा और एकाग्रता के साथ करें।
  • प्रकाशित करने या पूजा में उपयोग करने से पहले नामों की वर्तनी और क्रम किसी विश्वसनीय धार्मिक स्रोत से जांच लें।
  • पूजा के लिए महंगी सामग्री खरीदना आवश्यक नहीं है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा करें।
  • किसी व्यक्ति के निश्चित धन लाभ या चमत्कार का दावा करने पर बिना जांचे विश्वास न करें।
  • धार्मिक साधना के साथ मेहनत, बचत, खर्चों की योजना और आर्थिक जिम्मेदारी को भी महत्व दें।
  • यदि आपके परिवार में नामावली का कोई विशेष पाठ प्रचलित है, तो उसके अनुसार पूजा करना चाहें तो जानकार आचार्य से मार्गदर्शन ले सकते हैं।

भगवान कुबेर की अष्टोत्तर शतनामावली उनके 108 नामों का क्रमबद्ध पाठ है। इसमें धनद, यक्षराज, वैश्रवण, निधीश, कोशाधीश, अलकाधीश, महाप्राज्ञ, शान्त और नित्यतृप्त जैसे नाम भगवान के अलग-अलग स्वरूपों और गुणों का परिचय देते हैं।

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