हिंदू धार में की सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में अमावस्या तिथि का जिक्र जरूर आता है। इसमें सोमवती अमावस को खासतौर पर बहुत पवित्र माना जाता है। जब सोमवार के दिन अमावस्या पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस कहते हैं। साल 2026 में यह खास दिन 15 मई को पड़ रहा है।
ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व होता है। सोमवती अमावस्या पर सभी श्रद्धालु स्नान, दान और पूजा के माध्यम से भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं. इसके साथ ही अपने पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से पूजा-पाठ करने से जीवन की कठिनाइयों से छुटकारा मिलता है और वैवाहिक सुख भी प्राप्त होता है।
इस दिन अगर आप व्रत का संकल्प ले रहे हैं तो कुछ नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही नियमों के साथ रखे गए उपवास का फल कई गुना बढ़ जाता है। अगर आप किसी कारण से व्रत नहीं कर पा रहें हैं तो भी अच्छे फल के लिए आप इन नियमों का पालन कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं सोमवती अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं ?
सोमवती अमावस्या को धार्मिक दृष्टि से बेहद पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान और अच्छे कर्मों का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता ला सकते हैं। आइए जानते हैं इस दिन कौन-कौन से काम करना शुभ माना जाता है।
पवित्र स्नान
यदि संभव हो तो इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
जरूरतमंदों को भोजन
सोमवती अमावस्या पर दान और सेवा का विशेष महत्व होता है। गरीबों या ब्राह्मणों को भोजन कराने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
मंत्र जाप
इस दिन भगवान चंद्रदेव से जुड़े इस मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
परिक्रमा करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल के वृक्ष में देवी-देवताओं का वास माना गया है। इसलिए इसकी पूजा और परिक्रमा करना लाभकारी माना जाता है।
पितरों की पूजा
सोमवती अमावस्या पर पितरों को याद करके उनके नाम से मंत्र जाप या प्रार्थना करना शुभ माना जाता है। इससे पूर्वजों का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है।
भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना
चूंकि यह दिन सोमवार को पड़ता है, इसलिए भगवान शिव की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। शिव-पार्वती की आराधना से वैवाहिक जीवन में सुख और शांति बनी रहती है।
सात्विक भोजन ग्रहण करें
इस दिन साधारण और शुद्ध भोजन करना बेहतर माना जाता है। सात्विक आहार मन को शांत और सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है।
सूर्य देव की पूजा
सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की मान्यता है।
दान-पुण्य करें
जरूरतमंद लोगों को कपड़े, अन्न या धन का दान करना इस दिन बहुत फलदायी माना गया है।
सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना
कई महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। माना जाता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
सोमवती अमावस्या का दिन पूजा-पाठ, शांति और सकारात्मकता के लिए माना जाता है। ऐसे में कुछ कामों से बचने की सलाह दी जाती है ताकि इस दिन का शुभ प्रभाव बना रहे। आइिए जानते हैं इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
लड़ाई न करें
इस दिन घर या बाहर किसी भी तरह के लड़ाई-झगड़े से बचना चाहिए। शांत मन और अच्छे व्यवहार को शुभ माना जाता है।
शुभ कार्यों से बचें
विवाह, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्य इस दिन नहीं किए जाते।
मांसाहार न करें
सोमवती अमावस्या पर सात्विक भोजन करना बेहतर माना जाता है। शराब और मांसाहार से दूरी रखनी चाहिए।
तामसिक भोजन से परहेज
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए, इसलिए लहसुन और प्याज से भी परहेज किया जाता है।
कटु वचन न बोलें
किसी का दिल दुखाने वाली बातें या अपशब्द बोलना इस दिन अच्छा नहीं माना जाता।
बुरे विचारों से दूर रहें
गुस्सा, ईर्ष्या और बुरे विचारों से दूर रहकर भगवान का ध्यान करना शुभ माना जाता है।
प्रकृति को नुकसान न पहुंचाएं
इस दिन पेड़ काटना या पौधों को नुकसान पहुंचाना अशुभ माना जाता है।
देर तक न सोएं
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और पूजा करना शुभ माना जाता है। देर तक सोना अच्छा नहीं माना जाता।
तेल मालिश न करें
कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तेल मालिश नहीं करनी चाहिए।
बाल व नाखून न काटें
सोमवती अमावस्या पर बाल कटवाना, शेविंग करना या नाखून काटना भी वर्जित माना गया है।
सोमवती अमावस्या केवल धार्मिक आस्था का दिन नहीं है, बल्कि यह आत्मशांति, सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों का भी संदेश देती है। इस दिन पूजा-पाठ, दान और भगवान शिव की आराधना करने से मन को सुकून मिलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहने की मान्यता है। साथ ही कुछ गलत आदतों और नकारात्मक कार्यों से बचकर इस दिन का महत्व और बढ़ाया जा सकता है।
अगर श्रद्धा और सच्चे मन से सोमवती अमावस्या के नियमों का पालन किया जाए, तो यह दिन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली लाने वाला माना जाता है।
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