Skip Navigation Links
जानिये करवा चौथ में किस तरह से करनी होती है पूजा


जानिये करवा चौथ में किस तरह से करनी होती है पूजा

करवा चौथ यानी पति की लम्बी उम्र के लिए रखे जाने वाले व्रत का दिन होता है। छांदोग्य उपनिषद् के अनुसार चंद्रमा में पुरुष रूपी ब्रह्मा की उपासना करने से सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इससे जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता है। साथ ही साथ इससे लंबी और पूर्ण आयु की प्राप्ति होती है। करवा चौथ के व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणोश तथा चंद्रमा का पूजन करना चाहिए। चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अघ्र्य देकर पूजा होती है। पूजा के बाद मिट्टी के करवे में चावल,उड़द की दाल, सुहाग की सामग्री रखकर सास अथवा सास के समकक्ष किसी सुहागिन के पांव छूकर सुहाग सामग्री भेंट करनी चाहिए।


महाभारत से संबंधित पौराणिक कथा के अनुसार पांडव पुत्र अर्जुन तपस्या करने नीलगिरी पर्वत पर चले जाते हैं। दूसरी ओर बाकी पांडवों पर कई प्रकार के संकट आन पड़ते हैं। द्रौपदी भगवान श्रीकृष्ण से उपाय पूछती हैं। वह कहते हैं कि यदि वह कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के दिन करवाचौथ का व्रत करें तो इन सभी संकटों से मुक्ति मिल सकती है। द्रौपदी विधि विधान सहित करवाचौथ का व्रत रखती है जिससे उनके समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। इस प्रकार की कथाओं से करवा चौथ का महत्त्व हम सबके सामने आ जाता है।

यदि आपके दांपत्य जीवन में किसी भी तरह की परेशानी चल रही है... या फिर जानना चाहते हैं कि करवा चौथ का व्रत आपके लिये फलदायी कैसे रहेगा तो इसके लिये भारत के जाने-माने ज्योतिषाचार्यों से परामर्श कर सकते हैं। परामर्श करने के लिये यहां क्लिक करें।

महत्त्व के बाद बात आती है कि करवा चौथ की पूजा विधि क्या है? किसी भी व्रत में पूजन विधि का बहुत महत्त्व होता है। अगर सही विधि पूर्वक पूजा नहीं की जाती है तो इससे पूरा फल प्राप्त नहीं हो पाता है। तो आइये जानते हैं करवा चौथ की पूजन सामग्री और व्रत की विधि-   

 करवा चौथ पर्व की पूजन सामग्री

कुंकुम, शहद, अगरबत्ती, पुष्प, कच्चा दूध, शक्कर, शुद्ध घी, दही, मेंहदी, मिठाई, गंगाजल, चंदन, चावल, सिन्दूर, मेंहदी, महावर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन, दीपक, रुई, कपूर, गेहूँ, शक्कर का बूरा, हल्दी, पानी का लोटा, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ, दक्षिणा के लिए पैसे।

सम्पूर्ण सामग्री को एक दिन पहले ही एकत्रित कर लें। व्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहन लें तथा शृंगार भी कर लें। इस अवसर पर करवा की पूजा-आराधना कर उसके साथ शिव-पार्वती की पूजा का  विधान है क्योंकि माता पार्वती ने कठिन तपस्या करके शिवजी को प्राप्त कर अखंड सौभाग्य प्राप्त किया था इसलिए शिव-पार्वती की पूजा की जाती है। करवा चौथ के दिन चंद्रमा की पूजा का धार्मिक और ज्योतिष दोनों ही दृष्टि से महत्व है। व्रत के दिन प्रात: स्नानादि करने के पश्चात यह संकल्प बोल कर करवा चौथ व्रत का आरंभ करें।

करवा चौथ पूजन विधि

प्रात: काल में नित्यकर्म से निवृ्त होकर संकल्प लें और व्रत आरंभ करें।

व्रत के दिन निर्जला रहे यानि जलपान ना करें।

व्रत के दिन प्रातः स्नानादि करने के पश्चात यह संकल्प बोलकर करवा चौथ व्रत का आरंभ करें-

प्रातः पूजा के समय इस मन्त्र के जप से व्रत प्रारंभ किया जाता है- 'मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।'

घर के मंदिर की दीवार पर गेरू से फलक बनाकर चावलों को पीसे। फिर इस घोल से करवा चित्रित करें। इस रीती को करवा धरना कहा जाता है।

शाम के समय, माँ पार्वती की प्रतिमा की गोद में श्रीगणेश को विराजमान कर उन्हें लकड़ी के आसार पर बिठाए।

माँ पार्वती का सुहाग सामग्री आदि से श्रृंगार करें।

भगवान शिव और माँ पार्वती की आराधना करें और कोरे करवे में पानी भरकर पूजा करें।

सौभाग्यवती स्त्रियां पूरे दिन का व्रत कर व्रत की कथा का श्रवण करें।

सायं काल में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही पति द्वारा अन्न एवं जल ग्रहण करें।

पति, सास-ससुर सब का आशीर्वाद लेकर व्रत को समाप्त करें।

संबंधित लेख

कामकाजी महिलाएं कैसे रखें करवा चौथ का व्रत   |   करवा चौथ - पति की लंबी उम्र के लिए एक व्रत   |   करवा चौथ 2017




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

Mangal Vakri 2018 – वक्री मंगल किसे करेंगें खुशहाल तो कौन होगा बदहाल? जानिए

Mangal Vakri 2018 ...

वर्तमान में मंगल मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। 27 जून 2018 को मध्यरात्रि के पश्चात 2 बजकर 35 मिनट पर मंगल की चाल में बदलाव होगा। अपनी उच्च राशि मकर में विचरण कर रहे ...

और पढ़ें...
Father`s Day 2018 - जानें क्यों मनाया जाता है फादर्स डे

Father`s Day 2018 ...

Father`s Day (फादर्स डे) जिस तरह माताओं के सम्मान के लिये मदर्स डे यानि मातृ दिवस मनाया जाता है उसी प्रकार पिताओं के सम्मान के लिये फादर्स डे भी मनाया जाता है। भारत ...

और पढ़ें...
मिथुन राशि में बुध का परिवर्तन – जानिए किन राशियों पर होगी बुध की कृपा!

मिथुन राशि में बुध...

मिथुन राशि में बुध का परिवर्तन 10 जून को हो रहा है। बुध राशि परिवर्तन कर स्वराशि मिथुन में प्रवेश कर रहे हैं। वाणी के कारक बुध का परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र के नज़रिये...

और पढ़ें...
Race 3 – क्या सलमान खान को रेस 3 से मिलेगी ईदी?

Race 3 – क्या सलमा...

ईद का दिन सलमान खान की फिल्म की रीलिज़ के लिये हर साल फिक्स होता है। इस बार भी भाईजान ईद की मुबारकबाद  रेस 3 (RACE 3) की रीलिज़ से दे रहे हैं। वैसे तो रेस 3 का ट्रेल...

और पढ़ें...
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2018 – वट पूर्णिमा व्रत का महत्व व पूजा विधि

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2...

वैसे तो प्रत्येक माह की पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व माना जाता है लेकिन ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तो और भी पावन मानी जाती है। धार्मिक तौर पर पूर्णिमा को स्नान...

और पढ़ें...