Skip Navigation Links
सूर्य देव की आराधना का पर्व ‘मकर संक्रांति`


सूर्य देव की आराधना का पर्व ‘मकर संक्रांति`

भारत में अनेक पर्व मनाए जाते हैं। हर पर्व की अपनी एक खास विशेषता होती है, एक खास मान्यता होती है। कुछ त्यौहार राष्ट्रीय तो कुछ धार्मिक होते हैं। भारत चूंकि सांस्कृतिक विविधताओं का देश है, इसलिए यहां एक के बाद एक आने वाले त्यौहार, लोगों को जीवन में हर्षोल्लास के अवसर देते हैं। ऐसा ही एक अवसर होता है जनवरी महीने में आने वाले त्यौहार मकर संक्रांति का। इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर अग्रसर होता है व धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। मकर राशि में सूर्य के इस संक्रमण को ही मकर संक्रांति कहा जाता है।


पौराणिक कथाएं


मकर संक्रांति के साथ कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं। माना जाता है कि इस दिन सूर्य भगवान अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं। शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं। इसलिए इस दिन को मकर सक्रांति के नाम से जाना जाता है।

कहा जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी व सभी असुरों का सिर मंदार पर्वत में दबा दिया था।

यह भी माना जाता है मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी भागीरथ के पिछे-पिछे कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में उनसे जा मिली थी। अन्य मान्यता है कि गंगा को धरती पर लाने वाले भागीरथ ने अपने पूर्वजों के लिए इस दिन तर्पण किया था जिसे स्वीकार कर गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी।

मान्यता यह भी है कि सर सैय्या पर लेटे हुए भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति के दिन का ही चयन किया था।

एक अन्य मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन ही यशोदा ने कृष्ण जन्म के लिए व्रत किया था जिसके बाद मकर संक्रांति के व्रत का प्रचलन हुआ।


कहां-कहां, कैसे-कैसे मनाई जाती है मकर संक्रांति


जितनी विविधता मकर संक्रांति के अवसर पर देश भर में देखी जाती है किसी अन्य त्यौहार पर देखने को नहीं मिलती। उत्तर भारत में मकर संक्राति की पूर्व संध्या को लोहड़ी के रुप में मनाया जाता है, फिर मकर संक्रांति के दिन सुबह-सुबह स्नान कर सूर्य देव की पूजा की जाती है। बड़े-बुजूर्गों का आशीर्वाद लिया जाता है। पूर्वोत्तर राज्यों में बिहु तो दक्षिणी राज्यों में पोंगल के रुप में भी मकर संक्रांति के उत्सव को मनाया जाता है।


मकर सक्रांति पर यहां है रुठों को मनाने की परंपरा


उत्तरी भारत खासकर हरियाणा व हरियाणा की सीमा से सटे राज्यों में मकर संक्रांति के दिन बड़े-बुजूर्गों को भेंट दी जाती है व उनका आशीर्वाद लिया जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने सास-ससुर, जेठ-जेठानी यानि रिश्ते में बड़ों को वस्त्र भेंट करते हैं। परिजनों में जिसके साथ भी गिला-शिकवा है इस दिन सभी गिले-शिकवे दूर कर रुठों को मनाया जाता है।


मकर संक्रांति पर्व को मनाने की विधि


सुबह-सुबह किसी पवित्र नदी या तीर्थ पर स्नान कर सूर्य देवता की पूजा करें। इस दिन गंगा स्नान को बहुत ज्यादा महत्व दिया जाता है। गुड़, तिल, चावल, उड़द दाल आदि ब्राह्मण या किसी गरीब व्यक्ति को दान करें।


मकर संक्रांति का महत्व


ग्रहों की शांति, पितृ दोष व मोक्ष प्राप्ति के लिए मकर संक्रांति को बहुत ही लाभकारी माना जाता है। चूंकि सूर्य देवता दक्षिणायन से उत्तरायण में गतिशील होते हैं। इसके साथ ही खरमास की समाप्ति होती है व शुभकाल शुरु होता है। इसलिए मकर संक्रांति का बहुत महत्व है।


शुभ मुहूर्त


मकर संक्रांति 14 जनवरी को प्रात 7 बजकर 50 मिनट पर होगी। भारतीय ज्योतिष के अनुसार यह बहुत ही शुभ समय माना जाता है। समस्त शुभ कार्यों की शुरुआत इस संक्रांति के पश्चात ही होती है। 2017 में मकर संक्रांति के लिये शुभ मुहूर्त इस प्रकार है।

संक्रांति काल - 07:50 बजे (14 जनवरी 2017)

पुण्यकाल - 07:50 से 17:41 बजे तक

महापुण्य काल - 07:50 से 08:16 बजे तक


संबंधित लेख

मकर संक्रांति पर यहां लगती है, आस्था की डूबकी   |   लोहड़ी 2017 - दे माए लोहड़ी... जीवे तेरी जोड़ी   |   बसंत पंचमी

महाशिवरात्रि - देवों के देव महादेव की आराधना पर्व   |   होलिका दहन - होली की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

होली - पर्व एक रंग अनेक   |   बैसाखी – सामाजिक सांस्कृतिक समरसता का पर्व




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

वराह जयंती – कब और क्यों लिया भगवान विष्णु ने वराह अवतार?

वराह जयंती – कब और...

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ।।श्रीमदभगवद्गीता के इस श्लोक का भावार्थ है कि जब जब धर्म हानि ...

और पढ़ें...
गणेश चतुर्थी 2017 - कब है गणेश चतुर्थी की तिथि व मुहूर्त ?

गणेश चतुर्थी 2017 ...

गणेश चतुर्थी जिसे कि विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दु धर्म में एक बहुत ही शुभ पर्व माना जाता है। यह पर्व हिन्दी कैलेन्डर के भ...

और पढ़ें...
जानें गणेश चतुर्थी की व्रत कथा

जानें गणेश चतुर्थी...

हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैसे तो भाद्रपद मास को भगवान श्री कृष्ण की पूजा का महीना माना जाता है लेकिन भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के बाद त...

और पढ़ें...
मंगल राशि परिवर्तन - राशिनुसार होंगे ये बदलाव

मंगल राशि परिवर्तन...

राशिचक्र की 12 राशियों में मेष एवं वृश्चिक राशियों के स्वामी मंगल को एक क्रूर ग्रह माना जाता है। मंगल ऊर्जा के, युद्ध के प्रतीक हैं। स्वभाव म...

और पढ़ें...
शुक्र बदलेंगें राशि जानें अपना राशिफल

शुक्र बदलेंगें राश...

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार राशिचक्र की 12 राशियों में वृषभ व तुला राशि के स्वामी शुक्र एक शुभ ग्रह माने जाते हैं। इन्हें लाभ व सुख-समृद्धि का क...

और पढ़ें...