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राहुल गांधी और अखिलेश यादव की दोस्ती पर कैसी है ग्रहों की दृष्टि


राहुल गांधी और अखिलेश यादव की दोस्ती पर कैसी है ग्रहों की दृष्टि

देश में चुनावी माहौल गरम है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिये पहले चरण के मतदान 4 फरवरी को होगा। पंजाब और गोवा के चुनाव तो इसी दिन संपन्न भी हो जायेंगें और सरकार का भविष्य मतदाता अपनी और से तो कर ही देंगे। लेकिन उत्तर प्रदेश जो कि राजनीतिक रूप से देश का सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण राज्य है। इसलिये उत्तर प्रदेश में किस की सरकार बन सकती है यह हर कोई जानना चाहता है। समाजवादी पार्टी में मचे अंदरूनी घमासान और अब कांग्रेस के साथ उसके गठजोड़ से यह चुनाव और भी दिलचस्प होता जा रहा है। सरकार किसकी बनेगी यह तो मतदाता ही तय करेंगें लेकिन ज्योतिषशास्त्र मानता है कि ग्रह हमारे जन-जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी व उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दोस्ती क्या रंग ला पायेगी यह भी देखने वाली बात होगी लेकिन इन दोनों की कुंडलियों का मिलान करने पर ग्रहों की दशा इनकी दोस्ती के बारे में क्या कहती है आइये जानते हैं एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य इस बारे में क्या कहते हैं। यदि आप भी एस्ट्रोयोगी पर अपनी कुंडली  के बारे में देश के जाने माने ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें।


नाम - अखिलेश यादव

जन्मतिथि – 1 जुलाई 1973

जन्मसमय – 16:00

जन्म स्थान – सैफई, इटावा उत्तर प्रदेश

उपरोक्त विवरण के अनुसार अखिलेश यादव की कुंडली वृश्चिक लग्न व कर्क राशि की है वर्तमान में इन पर केतु की महादशा चल रही है व अंतर में राहू व प्रत्यंतर में शुक्र हैं।

ग्रह गोचर के अनुसार इनकी राशि से शनि का स्थानांतरण हुआ है जो कि इनके लिये एक अच्छा संकेत हैं। चंद्र राशि से छठे घर में शनि का प्रवेश हुआ है जो कि इनको राजनीतिक करियर में लाभ देने वाला हो सकता है। हालांकि दशाओं में केतु राहू का योग इनके लिये चिंताजनक है और शुक्र का भी अच्छा साथ नहीं है।

नाम – राहुल गांधी

जन्मतिथि – 19 जून 1970

जन्म समय – 5:50

जन्म स्थान – दिल्ली

वहीं राहुल गांधी जी की कुंडली मिथुन लग्न व वृश्चिक राशि की है। इनकी महादशा में चंद्रमा, अंतर में सूर्य और प्रत्यंतर में बुध हैं।

ग्रह गोचर के अनुसार इनकी राशि से भी शनि का स्थानांतरण इनके लिये लाभकारी है। दशाओं के लिहाज भी इनकी दशाएं अच्छी हैं जो इन्हें राजनीतिक रूप से लाभ दिला सकती हैं। वहीं मार्च में 28 मार्च से मंगल की महादशा इन पर शुरू हो रही है जोकि इनकी कुडंली के अनुसार लाभकारी रहने के आसार हैं। लेकिन चंद्र राशि से शनि द्वितीय स्थान पर जा रहा है जिसे शुभ नहीं कहा जा सकता है।

राहुल व अखिलेश में से किसे होगा इस दोस्ती का फायदा

अखिलेश यादव व राहुल गांधी की कुंडलियों की स्थिति तो लगभग एक समान है और ग्रह मैत्री अच्छी होने के कारण आपसी संबंध अच्छे रहने के आसार हैं। लेकिन आस-पास के राजनीतिक लोगों की सोच व राजनीतिक सोच अच्छी नहीं है। ज्योतिषीय नज़रिये से दोनों की कुंडलियों में मैत्री गुणों की गणना की जाये तो बहुत अच्छी नहीं कहा जा सकता।

अखिलेश यादव के ग्रह कमजोर हैं जिसका तात्पर्य है कि इस दोस्ती में राहुल गांधी को तो इसका फायदा मिल सकता है लेकिन अखिलेश के लिये इसमें कुछ खास फायदे वाली बात नज़र नहीं आती। कुल मिलाकर दोनों पार्टियों की संधी ग्रहों की दशा दिशा के अनुसार कुछ खास मजबूत नहीं है।

5 फरवरी को बृहस्पति वक्री होंगे जोकि राहुल गांधी की जन्मकुंडली में तुला राशि में वक्री हैं जोकि गोचर कुंडलिका में इनकी कुंडलिका से 12वां होगा। इसे बहुत लाभप्रद नहीं माना जा सकता आसार हैं कि कोई बड़ा व्यक्ति पार्टी में विरोध करे या रूष्ट होकर साथ छोड़ दे। वहीं अखिलेश यादव की कुंडलिका में बृहस्पति मकर राशि का वक्री और नीच का है। इनकी कुंडलिका से नवें भाव में बृहस्पति वक्री हो रहे हैं जो कि इनकी कुंडलिका में लाभ भाव के तो हैं लेकिन इन्हें भी बड़े बुजूर्गों के अनुभव से वंचित रहना पड़ सकता है।

राहुल और अखिलेश की दोस्ती की आधिकारिक घोषणा 29 जनवरी को हुई 12 से 2 बजे के बीच के समयानुसार मेष लग्न और कुंभ राशि का चंद्रमा था। लग्नेश मंगल 12वें घर में विराजमान रहने से शुभ का संकेतक नहीं है। चंद्रमा कुंभ राशि में केतु के साथ विचरण कर रहे हैं जो कि पीड़ित माने जाते हैं। इस योग के अनुसार कहा जा सकता है कि अल्प एवं उच्च समुदाय के कुछ लोग असमंजस में रहेंगें जिसका लाभ अन्य पार्टियों को मिल सकता है। मिलन समय के गोचर से चर लग्न होने से इनका साथ लंबे समय तक रहने की संभावना कम है। 

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