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शुक्र बदलेंगें राशि जानें अपना राशिफल



शुक्र बदलेंगें राशि जानें अपना राशिफल

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार राशिचक्र की 12 राशियों में वृषभ व तुला राशि के स्वामी शुक्र एक शुभ ग्रह माने जाते हैं। इन्हें लाभ व सुख-समृद्धि का कारक भी माना जाता है। शुक्र के बल से ही प्रेम व दांपत्य जीवन में सफलता मिलती है। इसलिये शुक्र का गोचर ज्योतिषीय आकलन के लिये बहुत मायने रखता है। 21 अगस्त को शुक्र का राशि परिवर्तन होगा। इस समय शुक्र मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगें। ऐसे में समस्त राशियों को शुक्र कैसे प्रभावित करेंगें आइये जानते हैं।

मेष – शुक्र का परिवर्तन आपकी राशि से चतुर्थ भाव में हो रहा है जो कि आपका सुख भाव है। चतुर्थ घर का शुक्र हमेशा राजयोग का कारक माना गया है। जिससे की हमारे सुख सुविधाओं में वैभव में ऐश्वर्य में वृद्धि होती है। किंतु कुछ समय तक शुक्र मंगल की युति रहेगी जिससे शुरुआती समय में इस लाभ से आपको वंचित रहना पड़ सकता है। कभी-कभी शुक्र मंगल के इस योग में माता व स्त्री पक्ष से मनमुटाव देखने को मिल सकता है। आपकी राशि में सातवें घर के स्वामी एवं धन के स्वामी होने के कारण अविवाहित जातकों के लिये विवाह संबंधी शुभ समाचार लाने वाला भी रह सकता है। धन भाव का स्वामी होने के कारण धन वृद्धि का योग भी आपके लिये बना सकता है। कर्म भाव को भी दृष्टित रखने के कारण आपके कार्यक्षेत्र में भी उन्नति व सफलता देने वाला रहेगा। शरीर में पानी आदि की कमी हो सकती है जिससे स्वास्थ्य के प्रति आपको सचेत रहने की आवश्यकता है।

वृषभ – आपके राशि स्वामी शुक्र आपकी राशि से तीसरे स्थान में परिवर्तन कर रहे हैं जो कि आपका पराक्रम  क्षेत्र है। मंगल के साथ युति होने से आपको कार्य करने में अपने आपको असमर्थ महसूस करेंगें। तथा आतंरिक आक्रोश से भी ग्रसित रह सकते हैं। आपके समकक्ष व्यक्ति आपकी तरह काम करके आगे बढ़ने पर आपमें ईर्ष्या की भावना भी पनप सकती है। शुक्र आपकी राशि में लग्न और छठे घर के स्वामी होने के कारण शत्रु व रोग से आपकी रक्षा भी करेंगें। भाग्य स्थान में दृष्टित होने के कारण आपको अपने भाग्य में वृद्धि दिखाई दे सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से स्वयं को दूर रखें। सामर्थ्य से ज्यादा कार्य न करें अन्यथा यह आपके लिये अपेक्षाकृत परिणाम देने वाला नहीं रहेगा।

मिथुन – आपकी राशि से शुक्र का परिवर्तन दूसरे स्थान पर हो रहा है जो अचानक से आपके संचित धन में कमी लाने का संकेत दे रहा है। शुरुआती कुछ समय में धन व्यय का योग बना रहेगा। जैसे ही मंगल परिवर्तन करेंगें आपकी राशि से धन का व्यय रूक जायेगा। शुक्र मंगल की युति होने के कारण आप मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं साथ ही आप स्वयं में क्रोध की प्रवृति में वृद्धि को भी देख सकते हैं। शुक्र आपकी राशि में पंचम एवं द्वादश भाव के स्वामी हैं। शुरुआती कुछ समय में संतान, प्रेम संबंध एवं शिक्षा के मामलों में दिक्कतें पेश आ सकती हैं लेकिन उसके पश्चात आपको सकारात्मक परिणाम मिलने आरंभ होंगें। द्वादश भाव का स्वामी होने के कारण धन न दें जिससे उसके वापस आने की संभावनाएं कम रहती हैं। वस्त्र एवं आभूषणों में इस समय धन व्यय कर सकते हैं।

कर्क – आपकी राशि से में ही शुक्र का परिवर्तन हो रहा है। जिससे आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। आपके स्वभाव में उग्रता का अहसास आपको हो सकता है। इसका उचित जगह पर इस्तेमाल करें। शरीर में विशेषकर चेहरे का खास तौर पर ध्यान रखें। चोट, अग्नि आदि से बचें इससे विकार पैदा होने की संभावनाएं बन सकती हैं। आपकी राशि में शुक्र चतुर्थ एवं एकादश भाव के स्वामी हैं। चौथा घर आपके लिये सुख एवं समृद्धि वाला है समय के साथ-साथ आपको सुख-समृद्धि में वृद्धि करेगा। परिवार व माता के साथ समय व्यतीत करने का अवसर भी मिल सकता है। एकादश भाव का स्वामी होने के कारण अपेक्षित लाभ मिलने के योग भी बन सकते हैं। आपके व्यवहार आपकी कार्यशैली में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सिंह – सिंह राशि के जातकों के लिये शुक्र का परिवर्तन आपकी राशि 12वें घर में होगा। यह समय आपके लिये कोर्ट कचहरी या रोग आदि में धन व्यय होने के योग बना सकता है। मस्तिष्क एवं नेत्र संबंधी रोगों के प्रति सचेत रहें। कभी कभी शत्रुओं से परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। आपकी राशि से शुक्र तृतीय एवं कर्म भाव के स्वामी हैं। समय बढ़ने के साथ साथ आपको कार्य करने में काफी आनंद आयेगा। आपके कार्य कौशल की प्रशंसा भी सहकर्मियों द्वारा की जा सकती है। इसका आपको अपेक्षित परिणाम भी मिल सकता है। वहीं कर्मभाव का स्वामी होने के कारण आपके पास कार्य की बहुलता रहेगी। यह समय आपको अपने सपनों को साकार करने का मौका भी दे सकता है जिन्हें आप अपनी पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करें।

कन्या – कन्या राशि के जातकों के लिये शुक्र का परिवर्तन आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में हो रहा है जो कि आपका लाभ का स्थान है। मंगल के साथ युति होने के कारण कुछ समय तक आप लाभ से वंचित रह सकते हैं। शुक्र पंचम भाव को दृष्टित कर रहे हैं जिसके कारण संबंधो, शिक्षा व संतान के मामले में कुछ समय के लिये परेशानियां बढ़ सकती हैं। आपकी राशि में शुक्र भाग्य व धन भाव के स्वामी होने के कारण समय के साथ साथ आपके भाग्य के बलवान होने के संकेत हैं साथ धार्मिक रूझान भी आपका बढ़ेगा। धन भाव का स्वामी होने के कारण आपके लिये धन वृद्धि के योग भी बनेंगें। द्वीतिय स्थान के स्वामी ज्योतिषशास्त्र में मारकेश भी माने जाते हैं। छोटे मोटे रोगों को अनदेखा न करें जो कि आपके लिये कष्टप्रद रह सकते हैं।

तुला – तुला राशि के जातकों के लिये आपकी राशि से शुक्र का परिवर्तन दसवें घर में होगा जो कि आपका कर्मभाव है। मंगल के साथ युति होने के कारण कार्यक्षेत्र में भी किसी से वाद-विवाद होने की संभावना है जिससे आपके कार्य में दुष्प्रभाव पड़ सकता है। चतुर्थ भाव दृष्ट होने के कारण समय के साथ-साथ आपकी सुख सुविधाएं, एश्वर्य एवं वैभव में भी वृद्धि हो सकती है। आपकी राशि में शुक्र लग्न व आठवें घर के स्वामी भी हैं। लग्न से आपको शारीरिक व्याधियों से छुटकारा मिल सकता है, जीवन की सुख सुविधाओं का आनंद लेने का योग भी है। अष्टमेश होने के कारण शारीरिक कमजोरी के संकेत भी कर रहा है।

वृश्चिक – वृश्चिक राशि के जातकों के लिये शुक्र का परिवर्तन आपकी राशि से नवें घर में हो रहा है जो कि आपका भाग्य का स्थान है। मंगल एवं शुक्र की युति रहने के कारण कुछ समय तक आपको भाग्य का साथ नहीं मिल पायेगा। इस समय केवल अपने कर्म पर ध्यान दें। आपकी राशि में शुक्र सप्तम एवं द्वादश भाव के स्वामी हैं। शुरुआत में कुछ समय के लिये दांपत्य जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है तथा फिजूल खर्ची के योग भी आपके लिये बन सकते हैं। सप्तम भाव का स्वामी होने के कारण रोग वृद्धि भी हो सकती है जिससे आपको मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पराक्रम भाव में दृष्टि होने के कारण आप अपने कर्म से सभी प्रकार की परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं।

धनु – धनु राशि के जातकों के लिये शनि का परिवर्तन आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा जो कि आपकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं में वृद्धि कर सकता है। अपने या किसी करीबी के स्वास्थ्य के कारण यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। किसी प्रकार के कानूनी, अदालती कार्रवाई का शिकार भी आपको होना पड़ सकता है सतर्क रहें। यह समय शुरुआती समय के लिये ही रहने के आसार हैं। धन भाव में शुक्र की दृष्टि होने के कारण समय के साथ-साथ धन वृद्धि होने के योग भी हैं। आपकी राशि में शुक्र लाभ व छठे घर के स्वामी हैं। शत्रु वृद्धि भी करवा सकता है। लाभ का स्वामी होने के कारण आपको अच्छे धन लाभ के संकेत भी बन रहे हैं।

मकर – मकर राशि के जातकों के लिये शुक्र का परिवर्तन आपकी राशि से सप्तम घर में हो रहा है। सप्तम भाव आपका दांपत्य जीवन तथा उदर संबंधी विकारों को भी देखता है। शुरुआती कुछ समय आपके दांपत्य जीवन के लिये नकारात्मक रह सकता है। वाद-विवाद के कारण मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। समय के साथ-साथ यह आपके दांपत्य जीवन को सामन्य करने की क्षमता भी रखता है। प्रथम भाव में दृष्टि होने के कारण व मंगल के साथ युति समाप्त होने के कारण आप अपने अंदर एक नई ऊर्जा का संचार महसूस कर सकते हैं। आपकी राशि में शुक्र कर्म एवं पंचम भाव के स्वामी हैं। शुरुआती कुछ समय आपके संबंधों में दिक्कत दे सकता है लेकिन बाद में संबंधों में प्रगाढ़ता आयेगी इसकी तरह के उतार-चढ़ाव आप कर्मक्षेत्र में भी देख सकते हैं।

कुंभ – कुंभ जातकों के लिये शुक्र छठे घर में आ रहे हैं जो कि आपका शत्रु व रोग का घर है। पुराने शत्रुओं व पुराने रोगों से सावधान रहें, अचानक उभार ले सकते हैं। मंगल के परिवर्तन के पश्चात आपकी यह परेशानी दूर हो सकती है। व्यय भाव में दृष्टि होने के कारण शुरुआती कुछ समय आपके लिये फिजूलखर्ची वाला रह सकता है। लेकिन इसके पश्चात भविष्य की योजनाओं को लेकर निवेश कर सकते हैं। आपकी राशि से शुक्र भाग्य एवं सुख भाव के स्वामी भी हैं जो कि आपके लिये भाग्यवर्धक समय बना रहे हैं। भाग्य एवं कर्म की सहायता से आप अपने जीवन में सभी प्रकार की सुख सुविधाओं का आनंद भी लेंगें।

मीन – मीन राशि वालों के लिये शुक्र पंचम भाव में परिवर्तित होंगें जो कि आपका संतान, शिक्षा व प्रेम संबंधों का कारक है। शुरुआत में शुक्र एवं मंगल की युति होने के कारण प्रेम संबंधों में अलगाव के संकेत भी देता है। संतान शिक्षा में असफलता का योग भी बनाता है जो कि आपके लिये चिंताजनक रह सकता है। मंगल की युति समाप्त होने के साथ आपके जीवन में फिर से रिश्तों में सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे सकते हैं। लाभ भाव में दृष्टि होने के कारण शुरुआती कुछ दिनों तक आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके पश्चात स्थिति सामन्य बन सकती है। आपकी राशि में शुक्र पराक्रम एवं अष्टम भाव के स्वामी होने के कारण आपकी पराक्रम क्षमता को तो बढ़ायेगा ही तथा कार्य करने में आपकी रूचि से प्रभावित होकर लोग आपकी प्रशंसा भी कर सकते हैं। अष्टम भाव का स्वामी होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं शुरुआत में बढ़ा सकता है। इसका विशेष ध्यान रखें लेकिन कुछ समय के पश्चात यह स्थिति भी सामान्य हो जायेगी।

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