शुक्र गोचर 2020

शुक्र जिसे अंग्रेजी में वीनस यानि सुंदरता की देवी कहा जाता है। जिसे ज्योतिष में स्त्री ग्रह भी माना जाता है। जो वृषभ व तुला राशियों के स्वामी हैं। जिन्हें दैत्यगुरु भी माना जाता है। जो जातक की कुंडली में विवाह से लेकर संतान तक के योग बनाते हैं। लाभ का कारक भी शुक्र को माना जाता है। जीवन में सुख-समृद्धि भी शुक्र के शुभ प्रभाव से आती है। शुक्र जातक में कला के प्रति आकर्षण पैदा करते हैं। कलात्मकता का विकास करते हैं। शुक्र का जातक की कुंडली में कमजोर या मजबूत होना बहुत मायने रखता है मीन राशि में शुक्र उच्च के होते हैं तो कन्या राशि में इन्हें नीच का माना जाता है। शुक्र जो सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद आकाश में अपनी चमक से एक विशेष पहचान रखते हैं। शनि, बुध व केतु के साथ इनकी मित्रता है तो सूर्य, चंद्रमा व राहू के साथ इनका शत्रुवत संबंध है। मंगल व बृहस्पति के साथ इनका संबंध सामान्य है। शुक्र ही वह ग्रह हैं जिन्हें हम भोर का तारा कहते हैं। शुक्र का राशि परिवर्तन करना ज्योतिष शास्त्र के नज़रिये से एक अहम गतिविधि है। इस पेज पर शुक्र ग्रह के गोचर के बारे में जानकारी तो मिलेगी ही साथ ही आप यह भी जान पायेंगें शुक्र कब राशि परिवर्तन करेंगें और आपकी राशि पर शुक्र के गोचर का क्या प्रभाव रहेगा?

आपकी कुंडली के अनुसार ग्रहों की दशा क्या कहती है, जानें एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से। अभी परामर्श करें।
मकर से कुंभ 09 जनवरी 2020 04:35 पूर्वाह्न
कुंभ से मीन 03 फरवरी 2020 02:30 पूर्वाह्न
मीन से मेष 29 फरवरी 2020 01:47 पूर्वाह्न
मेष से बृषभ 28 मार्च 2020 03:55 अपराह्न
बृषभ से मिथुन 01 अगस्त 2020 05:29 पूर्वाह्न
मिथुन से कर्क 01 सितम्बर 2020 02:18 पूर्वाह्न
कर्क से सिंह 28 सितम्बर 2020 01:15 पूर्वाह्न
सिंह से कन्या 23 अक्तूबर 2020 10:58 पूर्वाह्न
कन्या से तुला 17 नवम्बर 2020 01:15 पूर्वाह्न
तुला से वृश्चिक 11 दिसम्बर 2020 05:30 पूर्वाह्न

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