मकर राशि में वक्री शुक्र, किन राशियों को होगा लाभ और किसे होगा नुकसान? जानें

bell icon Fri, Dec 17, 2021
टीम एस्ट्रोयोगी टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
मकर राशि में वक्री शुक्र, कैसे करेगा आपको प्रभावित? जानें

मकर राशि में वक्री हुआ शुक्र, आपके जीवन के सभी पहलुओं में स्पष्टता प्रदान करेगा। शुक्र के वक्री होने पर कैसा होगा इसका बारह राशियों पर प्रभाव? जानने के लिए पढ़ें।

 

शुक्र प्रेम, सौंदर्य, स्नेह और शोहरत का ग्रह है। कुंडली में शुक्र का स्थान प्रेम के संबंध में आपकी विचारधारा के बारे में बताता है। यदि शुक्र 11वें भाव में स्थित है तो यह इस बात का संकेत देता है कि आप अपने दोस्तों के साथ समय बिताना अधिक पसंद करते हैं। इसी तरह, यदि शुक्र आपके दसवें घर में है, तो यह दर्शाता है कि आप अपने पेशे को लेकर बहुत भावुक हैं। भारत के शीर्ष ज्योतिषियों से ऑनलाइन परामर्श करने के लिए यहां क्लिक करें!

वक्री - कार्य, पुन:निर्माण या स्थिति आदि का गहन विश्लेषण करके पुनर्विचार करें। कुंडली के भाव के आधार पर वक्री शुक्र लोगों को रिश्तों या संबंध के बारे में अधिक विश्लेषणात्मक बनाता है। शुक्र 19 दिसंबर 2021 को मकर राशि में वक्री करेंगे और 30 दिसंबर को वक्री शुक्र धनु राशि में गोचर करेंगे। 

मकर व्यावहारिकता, बाध्य परिस्थितियां और जिम्मेदारियों का प्रतीक है, इसलिए यह वक्री आपके प्रेम जीवन पर इसके प्रभाव की भविष्यवाणी करेगा।

इस अवधि के दौरान, आप अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखेंगे और निराशा का अनुभव करेंगे। आपके पूर्व प्रेमी फिर से आपको संपर्क कर सकते हैं, जबकि अन्य लोग प्रेम संबंध में व्यावहारिक निर्णय ले सकते हैं। सामान्य शब्दों में कहें तो, शादी या ब्रेकअप हो सकता है। हम अपने निजी जीवन में असंतुलन महसूस कर सकते हैं। अब मकर राशि में वक्री शुक्र के प्रभाव के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त करेंगे। :

 

मकर राशि में वक्री शुक्र कैसे करेगा 12 राशियों को प्रभावित? आइये जानते है:

 

मेष:

शुक्र दसवें भाव में वक्री होगा और आप अपने निजी जीवन में विचलित महसूस कर सकते हैं। इस दौरान आप अपने पेशेवर जीवन को अधिक समय दे सकते हैं। कुछ परियोजनाओं में अन्य लोगों की वजह से देर हो सकती है।

चुनौती: व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।

 

वृषभ:

शुक्र आपके नौवें भाव में वक्री होने जा रहा है। आप अपने शैक्षणिक कार्यों में उलझे रहेंगे, साथ ही भावनात्मक रूप से परेशान हो सकते है, जिससे निर्णय लेने में देरी होगी।

चुनौती: आपको अपने पिता के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने की आवश्यकता है।

 

मिथुन:

शुक्र आपके आठवें भाव में वक्री होगा। आपके प्रेम जीवन में प्रेम की कमी होने की संभावना है और आप अपने जीवनसाथी के साथ आनंदायक लम्हें बिताने से बचेंगे। किसी तीसरे व्यक्ति की वज़ह से आपका रिश्ता ख़राब हो सकता है।

चुनौती: अपनी स्वछता का विशेष ख़्याल रखें। 

 

कर्क:

शुक्र आपके सातवें भाव में वक्री होने जा रहा है। इस अवधि के दौरान आप देखेंगे कि आपका साथी आपके प्रत्येक कार्य पर संदेह कर रहा है। पारिवारिक यात्रा कुछ कारणों से रद्द हो सकती है।

चुनौती: जीवनसाथी के साथ अनबन से बचें।

 

सिंह:

शुक्र आपके छठे भाव में वक्री होगा। आप अपने पेशेवर जीवन में संघर्ष करेंगे। आप अकारण ही ऑफिस पॉलिटिक्स का हिस्सा बन सकते हैं। आप अपने ऊपर काम का अधिक बोझ महसूस करेंगे, साथ ही हर समय सुस्ती का अनुभव कर सकते हैं।

चुनौती: आपके व्यायाम की दिनचर्या में खलल उत्पन्न हो सकता है।

 

कन्या:

शुक्र आपके पंचम भाव में वक्री होगा। अचानक आपकी अपनी पुरानी रूचि और आदतों के प्रति रुझान में फिर से वृद्धि होगी। आप अपने बच्चों के साथ अधिक समय बिताना पसंद करेंगे।

चुनौती: अपनी नौकरी को बचाने का प्रयास करें, नौकरी जाने की संभावना है।

 

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तुला:

शुक्र आपके चतुर्थ भाव में वक्री होने जा रहा है। इस अवधि में आपका अपने ससुराल पक्ष के साथ विवाद हो सकता है। किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप तटस्थ रहें और अपने पारिवारिक जीवन को समय दें।

चुनौती: आप अपने परिवार को समय देना मुश्किल हो सकता है।

 

वृश्चिक:

शुक्र आपके तीसरे भाव में वक्री होगा। आप अपने पेशेवर जीवन में आत्मविश्वास की कमी महसूस करेंगे। इस अवधि में आपको अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में कठिनाई हो सकती है।

चुनौती: आपके लिए किसी को भी ना कहना मुश्किल होगा, भले ही आप उस कार्य को न करना चाहें।

 

धनु:

शुक्र आपके दूसरे भाव में वक्री होगा। इस समय अपने धन को सावधानीपूर्वक खर्चने का प्रयास करें। इस समय आप अपने आय के स्त्रोतों में वृद्धि के लिए सोचना शुरू कर सकते हैं,अप्रत्याशित अनुभव आपको आर्थिक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

चुनौती: आप अपने परिवार के सदस्यों द्वारा उपेक्षित महसूस कर सकते हैं जो तनाव का कारण बनेगा।

 

मकर:

शुक्र आपके लग्न में वक्री होगा जिसका अर्थ है प्रथम भाव। आप अपने रिलेशनशिप को लेकर थोड़े चिंतित महसूस करेंगे। आपके अतिअधिकारिता के कारण ब्रेकअप जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

चुनौती: आप अपने रिलेशनशिप को लेकर हर समय असुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

 

कुंभ:

शुक्र आपके बारहवें भाव में वक्री होगा। आपको रात में नींद न आने की समस्या परेशान कर सकती है, और आप अपने अज्ञात भय के कारण नकारात्मक ऊर्जाओं को महसूस करेंगे जो आपके लिए चिंता का विषय होगा।

चुनौती: इस अवधि में आपको बुरे सपने आ सकते हैं।

 

मीन:

शुक्र आपके 11वें भाव में वक्री होगा। आपको अपने समय को दोस्तों और अपने परिवार के बीच संतुलित करने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। वित्तीय स्थिति आपकी चिंता का कारण बन सकती हैं।

चुनौती: आपको अपने प्यार का इजहार करने में मुश्किल हो सकती है।

 

✍️ By- Team Astroyogi

 

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