Skip Navigation Links
नवरात्रों में डायबिटीज के रोगियों के लिए आवश्यक बातें



नवरात्रों में डायबिटीज के रोगियों के लिए आवश्यक बातें

नवरात्र व्रत का धार्मिक महत्व तो है ही, इसका वैज्ञानिक महत्व भी है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी लाभदायक है। नवरात्रों के दौरान घर पर किया जाने वाला विधिवत हवन भी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। हवन से आत्मिक शांति मिलती है, वातावरण की शुद्धि होती है और साथ ही नकारात्मक शक्तियों का नाश होकर सकारात्मक शक्तियों का प्रवेश होता है। लेकिन डायबिटीज के रोगी कई बार उपवास तो कर लेते हैं किन्तु बाद में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो आइये जानते हैं डायबिटीज के रोगियों के लिए, नवरात्रे में ध्यान रखने योग्य बातें-


व्रत के दौरान कैसा हो खान-पान?

उपवास में डाइट ऐसी हो, जो तुरंत ऊर्जा दे और कैलोरी भी कंट्रोल में रखे। जो लोग नवरात्र में पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं, वे कम मात्रा में और नियमित आहार लें, जिससे शरीर में ऊर्जा का स्तर संतुलित रहेगा और शाम तक शरीर कमजोरी से ग्रसित नहीं होगा।


यदि कोई व्यक्ति डायबिटीज का रोगी है, तो उसे अधिक मीठे फल, आलू, मिठाइयां आदि खाने से परहेज करना चाहिए। दरअसल, इन सभी चीजों में शूगर की मात्रा अधिक होती हैं। और साथ ही साथ वे भूखे भी न रहें क्योंकि शरीर में ग्लूकोज की मात्रा घटने से भी परेशानियां पैदा होने लगती हैं। उन्हें दिन में कई बार थोड़ी मात्रा में हल्की डाइट लेनी चाहिए। वे व्रत के दौरान सिंघाड़े के आटे या साबूदाने की बजाय लौकी, कद्दू, फल आदि लें जिससे उनका शूगर लैवल न बढ़े।

आमतौर पर लोगो में यह धारणा है कि व्रत के दिनों में बहुत ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए वे बहुत तले हुए व्यंजन और मीठा खाती हैं। जबकि व्रत के दौरान घी-तेल में तली-भुनी चीजें, जैसे-आलू की टिक्कियां, कुट्टू या साबूदाने के पकौड़े आदि खाने से शरीर में फैट और ग्लूकोज बढ़ती है। इसलिए तले भोजन पर टूटने से पहले दूसरे सेहतमंद विकल्प तलाश लें। व्रत के दौरान चाय, काफी का सेवन काफी बढ़ जाता है। इस पर नियंत्रण रखें।


क्या खायें डायबिटीज के रोगी?

-डायबिटिक हाई फायबर और हाई प्रोटीन डाइट लें।
-खाना लो-फैट और लो कार्बोहाइड्रेट वाला हो।
-मीठे से परहेज़ करें और सेंधा नमक लें।
-आलू, केला, अनार और चीकू बिल्कुल ना खायें।
-बिना चीनी के टोन्ड दूध प्रयोग करें।
-खाने में कुट्टू के आटे की चपाती ज़रूर लें।
-आलू की जगह साबूदाने का इस्तेमाल करें।


डीहाइड्रेशन की आशंका को खत्म करने के लिए, विशेष रुप से मधुमेह से ग्रस्त लोग, जिनमें ब्लड शुगर के स्तर के बढे होने से शरीर में पानी की कमी का खतरा कहीं ज्यादा होता है, व्रत के दौरान पानी अथवा अन्य पेय पदार्थ जैसे नीबू पानी, नारियल पानी, दूध एवं मठ्ठे का प्रयोग अधिक करना चाहिए।


यदि किसी व्यक्ति का डायबिटीज काफी अधिक है तो उस व्यक्ति को उपवास से पहले और बीच-बीच में भी डाक्टर से परामर्श जरूर लेनी चाहिए एवं एक बार तो कम से कम डायबिटीज का चेकअप भी करा लेना चाहिए।





एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

शुक्र अस्त - अब 3 फरवरी के बाद बजेंगी शहनाइयां!

शुक्र अस्त - अब 3 ...

विवाह के लिये सर्दियों का मौसम बहुत ही अच्छा माना जाता है। क्योंकि ऐसा मानना है कि सर्दियों के मौसम खाने पीने से लेकर ओढ़ने पहनने व संजने संव...

और पढ़ें...
पौष अमावस्या – 12 साल बाद बन रहा है अद्भुत संयोग!

पौष अमावस्या – 12 ...

धार्मिक दृष्टि से पौष मास का बहुत ही खास महत्व होता है। इस माह में अक्सर सूर्य धनु राशि में विचरण करते हैं। इस कारण आध्यात्मिक उन्नति के लिये...

और पढ़ें...
खर मास - क्या करें क्या न करें

खर मास - क्या करें...

भारतीय पंचाग के अनुसार जब सूर्य धनु राशि में संक्रांति करते हैं तो यह समय शुभ नहीं माना जाता इसी कारण जब तक सर्य मकर राशि में संक्रमित नहीं ह...

और पढ़ें...
गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 भविष्यवाणी

गुजरात विधानसभा चु...

गुजरात चुनाव 2017 में अब बहुत समय नहीं बचा है 9 दिसंबर को प्रथम चरण का मतदान होगा तो 14 दिसंबर को दूसरे व अंतिम चरण का। 18 दिसंबर को यह पता च...

और पढ़ें...
अस्त शनि से मिल सकता है भंसाली की पद्मावती को लाभ !

अस्त शनि से मिल सक...

संजय लीला भंसाली हिंदी सिनेमा के जाने-माने चेहरे हैं। बड़े-बड़े सेट, बड़ी स्टार कास्ट और बड़े तामझाम से सजी फिल्मों के निर्माण व निर्देशन के ...

और पढ़ें...