ईस्टर रविवार – ईसा के पुनर्जीवित होने का पर्व

01 अप्रैल 2021

ईस्टर संडे, ईस्टर रविवार या कहें ईस्टर ईसा मसीह के अनुयायियों का पावन पर्व है जिसे दुनिया भर में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। दरअसल कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने तथाकथित धर्म की अवहेलना का आरोप लगाते हुए मानवाता की अलख जगाने वाले ईसा मसीह को सूली पर टंगवा दिया था वह दिन शुक्रवार का माना जाता है जिसे गुड फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे आदि नामों से जाना जाता है। मान्यता है कि ईसा के बलिदान दिवस के ठीक तीसरे दिन जो कि रविवार का दिन था ईसा पुन: जीवित हो उठे थे और इसके ठीक चालीस दिन बाद उन्होंने स्वर्गलोक प्रस्थान किया। ईसा के जीवित होने की खुशी में ही ईस्टर का यह त्यौहार दुनिया भर में मनाया जाता है।

 

कब है ईस्टर का त्यौहार

 

ईस्टर का पर्व पास्का विषयक चंद्रमास के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2021 में यह रविवार ग्रेगोरियन कैलेंडर की तिथि 4 अप्रैल को पड़ेगा। रविवार का दिन दुनिया भर में कामकाज से अवकाश का दिन होता है इस कारण इस त्यौहार का उल्लास देखते ही बनता हैं। भारत में भी कुछ राज्यों में ईसा के अनुयायियों की तादाद काफी अच्छी है जिस कारण इन राज्यों में ईस्टर रविवार का दिन काफी बड़े स्तर पर मनाया जाता है।

 

ईस्टर पर क्या करें

 

ईस्टर को मनाने की सार्थकता तभी है जब आप ईसा के संदेशों पर चलने का प्रण धारण करें। अलग-अलग क्षेत्रों, विभिन्न चर्चों के द्वारा ईस्टर को मनाने के अलग-अलग तरीके हैं। लेकिन बड़े स्तर पर लोग इस दिन प्रार्थनाओं में शामिल होते हैं। पारंपरिक रूप से दोपहर व रात्रि भोज के लिये अपने दोस्तों, सगे-संबंधियों को आमंत्रित करते हैं। एक दूसरे को उपहार भेंट करते हैं। ईसा के बताये प्रेम, सत्य और क्षमा करने के मार्ग पर चलने का प्रण लेते हैं।

 

टैरो रीडर । अंक ज्योतिषी । वास्तु सलाहकार । फेंगशुई एक्सपर्ट । करियर एस्ट्रोलॉजर । लव एस्ट्रोलॉजर । फाइनेंशियल एस्ट्रोलॉजर । 

मैरिज एस्ट्रोलॉजर । मनी एस्ट्रोलॉजर । स्पेशलिस्ट एस्ट्रोलॉजर 

 

ईस्टर पर्व की धार्मिक मान्यता

 

ईस्टर का पर्व ईसा के पुनर्जीवित होने का ही पर्व नहीं है बल्कि यह नव जीवन और जीवन में सुनहरे बदलाव का प्रतीक भी है। यह संदेश देता है कि दुख के बाद जीवन में सुखों का आगमन भी होता है। खुद को सूली पर चढ़ाने वालों के लिये स्वयं ईश्वर के पुत्र ईसा के मन में किसी तरह के द्वेश की भावना नहीं थी बल्कि उन्होंने ईश्वर से उन्हें क्षमा करने की प्रार्थना की। ईसा में यकीन रखने वाले मानते हैं कि मानवता का उद्धार करने के लिये ही ईसा के रूप में ईश्वर ने अपने संदेशवाहक अपने दूत अपने पुत्र को भेजा था। उन्होंने हमें दूसरों को क्षमा करने का संदेश दिया, उन्होंने प्रेम व समर्पण के मार्ग से प्रभु का सानिध्य पाने का मार्ग दिखाया। उनके अनुयायि मानते हैं कि मसीह पर विश्वास करने वालों को प्रभु हर प्रकार की मुसीबतों से लड़ने का संबल प्रदान करते हैं। उनके पापों को प्राश्चित करने का साहस प्रदान करते हैं।

आप सभी को ईस्टर रविवार की एस्ट्रोयोगी टीम की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।

 

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