होली ज्योतिषीय उपाय - होली पर लें इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से गाइडेंस

भारत में त्यौहारों के साथ बहुत सारी आस्थाएं बहुत सारी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। कुछ त्यौहारों पर तो घर में सुख-शांति बनाये रखने के लिये विशेष उपाय भी किये जाते हैं। तंत्र-मंत्र, टोटकों से लेकर अनेक सरल उपाय विभिन्न त्यौहारों पर किये जाते हैं। होली भी एक ऐसा ही पर्व है जिसमें प्रेत बाधाओं से लेकर घर में सुख-समृद्धि लाने, संतान से लेकर दांपत्य जीवन सुखद बने रहने सहित मनोमकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है। हम आपको इस लेख में बता रहे हैं कुछ ऐसे ही सरल उपाय जिन्हें अपनाकर आप अपनी बाधाओं से पार पा सकते हैं।

 

 ऊपर दिये गये उपाय लोक प्रचलित मान्यताओं के आधार पर दिये गये हैं। हमारी सलाह है कि आप एस्ट्रोयोगी पर इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से इस बारे में गाइडेंस जरुर लें। एस्ट्रोलॉजर्स से कॉल करने के लिये यहां क्लिक करें।

 

होलिका दहन दर्शन है लाभकारी

होलिका दहन का दर्शन जरूर करना चाहिये मान्यता है कि इसके दर्शन से ही राहु-केतु, शनि आदि के दोष शांत हो जाते हैं। वहीं होलिका दहन के समय गोमती चक्र को हाथ में लेकर 21 बार मन ही मन जो भी आपकी कामना है उसे दोहराएं। उसके बाद गोमती चक्र को होलिका में डाल दें और होलिका को प्रणाम कर वापस आयें मान्यता है कि इससे जल्द ही आपकी मनोकामना पूर्ण होती है।

 

होली की भस्म बड़े काम की

 

होलिका दहन के पश्चात जब अग्नि शांत और भस्म ठंडी हो जाये तो यह भस्म रख लेनी चाहिये दरअसल होली की भस्म का यदि आप टीका लगाते हैं तो मान्यता है कि यह नजर दोष व प्रेत बाधा से बचाती है। वहीं यदि इस भस्म को चांदी की डिबिया में रखा जाये तो उससे भी बाधाओं के दूर होने की मान्यता है।

 

होली की रात करेगी करामात

होली वाली रात भी बड़ी कारगर मानी जाती है। इसमें भी कार्यसिद्धि के लिये किया जाने वाला एक सरल उपाय है। रात्रि के समय एक काले कपड़े में काली हल्दी व खोपरे में बूरा भरकर इसकी एक पोटली बनाएं। साथ ही आठ गोमती चक्र भी अपने साथ लें। फिर इस पोटली को किसी पीपल के पेड़ के नीचे गड्ढ़ा खोदकर दबा दें व इस पर आटे से बना एक दीपक व धूपबत्ती जलायें। साथ में कोई मिष्ठान भी अर्पित करें तो बेहतर रहता है। अब गोमती चक्रों को पीपल के पेड़ पर रखें व वहां से लौट आयें। ध्यान रखें एक बार मुड़ने के बाद वापस मुड़कर उन्हें नहीं देखना है। इसके पश्चात जब भी शुक्ल पक्ष का आरंभ हो तो शुक्ल पक्ष के प्रथम शनिवार को उसी पीपल के वृक्ष के पास जायें व गोमती चक्रों व दीपक को अपने साथ ले आयें। अब जब तक आपका कार्य सिद्ध नहीं होता तब तक या तो गोमती चक्र अपनी जेब में रखें या किसी रोगी व्यक्ति के सिरहाने। आप देखेंगें कि जो कामना सच्चे मन से आपने की थी वह पूरी होने की संभावानाएं नजर आ रही हैं।

 

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