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नौकरी की चिंता है तो इसे पढ़ें राहत मिल सकती है!


नौकरी की चिंता है तो इसे पढ़ें राहत मिल सकती है!

वर्तमान में हम कलयुग में रह रहे हैं। हिंदू पौराणिक ग्रंथों की मान्यतानुसार चार युगों में सतयुग त्रेता द्वापर बीत चुके हैं और यह कलयुग चल रहा है। कल यानि पूर्जा यानि मशीन और युग का अर्थ समय यानि दौर से है ही। मनुष्य का दिनोंदिन मशीनों पर निर्भर होना कलयुग की धारणा को लगातार मजबूती भी दे रहा है। वर्तमान में जहां हर क्षेत्र में मशीनीकरण बढ़ रहा है तो जाहिर सी बात है मनुष्य की उपयोगिता को मशीनों ने कम भी कर दिया है। लेकिन मशीनों की यह उपयोगिता किसने स्थापित की? इसका उत्तर आप जानते हैं मनुष्य ही है यह सब कुछ करने वाला। और यही मनुष्य है जो आज मशीनों से घबरा भी रहा है। घबराना जायज़ भी है क्योंकि मशीनें लाखों लोगों के रोजगार को निगल चुकी हैं और लाखों की जगह कभी भी मशीनें ले सकती हैं। लेकिन इस मशीनी युग के चलते आपकी नौकरी पर कोई ख़तरा मंडरा रहा है या नहीं यह ज्योतिष के माध्यम से आप जान सकते हैं? कहते हैं ना कि ‘समय से पहले और भाग्य से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता’। तो आपके भाग्य में नौकरी करनी लिखी है या नहीं यह आप अपनी कुंडली के जरिये जान सकते हैं। दरअसल कुंडली में शुभाशुभ ग्रहों के योग से यह पता लगाया जा सकता है कि आपको नौकरी मिलेगी या नहीं? मिलेगी तो कब मिलेगी? किस क्षेत्र में आपको नौकरी मिलने की संभावना है? या किस क्षेत्र में आप अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं? तो आइये जानते हैं आपकी कुंडली में वे कौनसे कारक हैं जो बताते हैं कि आपके भाग्य में नौकरी है या नहीं?

कुंडली में दसवां स्थान है कर्मक्षेत्र?

किसी भी जातक की कुंडली के अनुसार दसवां स्थान उसका कर्मभाव माना जाता है यानि कर्म का क्षेत्र। इस स्थान पर शुभ ग्रहों का योग आपको नौकरी दिलाता है तो अशुभ ग्रहों की नज़र आपको बेरोजगारी की भट्टी में जलने पर विवश करती है। कम से कम ज्योतिषशास्त्र का तो यही मानना है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दसवें स्थान में यदि एक या एक से अधिक शुभ ग्रहों का प्रभाव है तो जातक अपने करियर में काफी तरक्की करता है। बड़ी सफलताएं हासिल करता है। वहीं यदि स्थिति विपरीत होती है यानि एक या एक से अधिक बुरे ग्रहों का प्रभाव पड़ रहा है तो जातक को अपने करियर में अपेक्षानुसार परिणाम नहीं मिलते। इसके अलावा यदि जातक की कुंडली में निम्न योग हों तो भी वह करियर सहित अपने जीवन के अन्यक्षेत्रों में आर्थिक रूप से समृद्ध होता है और एक सुखी जीवन का आनंद लेता है। यह योग हैं –

छत्र योग

गजकेसरी योग

नृप योग

पारिजात योग

सरस्वती योग

अमला योग

महालक्ष्मी योग

उपरोक्त योगों में से आपकी कुंडली में कौनसा योग है, यह तो विद्वान ज्योतिषाचार्य ही बता सकते हैं और देशभर के विद्वान ज्योतिषाचार्य अब आपसे एक क्लिक दूर हैं। जी हां यहां क्लिक आप देशभर के जाने-माने ज्योतिषाचार्यों से परामर्श कर सकते हैं।

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