कर्णछेदन संस्कार के लिए साल 2021 में जानिए शुभ मुहूर्त

19 जनवरी 2021

हिंदू धर्म में किए जाने वाले 16 संस्कारों में से नौवां संस्कार है कर्णवेध संस्कार। आमतौर पर यह संस्कार जन्म के 12वें या 13वें दिन या जब बच्चा 6 या 7 महीने का हो जाता है तब या 5वें या 7वें वर्ष में किया जाता है। लेकिन आजकल "मुंडन" और "कर्णवेध" दोनों एक साथ ही कर दिए जाते हैं। इस संस्कार में बच्चे के कान में एक सुनहरा तार पहना दिया जाता है और उसके कल्याण के लिए मंत्रों का जाप किया जाता है। हिंदू धर्म में कणवेध का मतलब है कान को भेदना यानि कान छिदवाना। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हिंदू धर्म के सभी 16 संस्कारों को संपन्न करने के लिए शुभ मुहूर्त, तिथि और दिन काफी महत्व रखता है। बिना मुहूर्त के किसी भी संस्कार को करवाने से उसका उचित फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि किसी अनुभव ज्योतिषी की मदद लें। 

 

शिशु के जीवन को सुखी और धनी बनाने के लिए विधिवत कराएं 16 संस्कार, राशिनुसार संस्कार कराने के लिए बात करें देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से।

 

कर्णवेध संस्कार का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, यह माना जाता है कि जिसका कर्णवेध संस्कार नहीं होता है वह अपने रिश्तेदारों के अंतिम संस्कार का अधिकारी नहीं होता है। इसलिए माता-पिता को शिशु की बौद्धिक उन्नति और शैक्षणिक विकास के लिए उपनयन संस्कार से पहले कर्णवेध मुहूर्त 2021 करने की सलाह दी जाती है। बच्चे के कान छिदवाने के कई कारण हैं। शुभ कर्णवेध मुहूर्त 2021 के अनुसार समारोह करने से राहु और केतु से संबंधित परेशानियों या किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या से छुटकारा मिलता है। मान्यता है कि शिशु का कर्णवेध होना आवश्यक है क्योंकि इससे बच्चे की दिनचर्या सही रहती हैं और जीवन में आने वाली परेशानियां, नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि कर्णवेध से हाइड्रोसेल और हार्निया जैसी बीमारियां भी नहीं होती है। 

 

कर्णवेध मुहूर्त की गणना

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, कर्णवेध संस्कार समारोह का बहुत महत्व है और बच्चे के जन्म के बाद दसवें, बारहवें, सोलहवें दिन या छठे, सातवें, आठवें, दसवें और बारहवें महीने में आयोजित किया जाना चाहिए। यदि आप इन अवधि के दौरान इसे करने में असमर्थ हैं, तो तीसरे या पांचवें वर्ष को शुभ माना जाता है। नीचे कर्णछेदन मुहूर्त 2021 की गणना करते समय कुछ कारकों को ध्यान में रखा गया है:

  • लग्न- जब बृहस्पति, तुला, धनु और मीन लग्न में बृहस्पति ग्रह स्थित हो, तो यह ग्रह स्थिति शुभ कही जाती है।

  • दिन- सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को कर्णवेध संस्कार करना बहुत शुभ माना जाता है।

  • तिथि - चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी और अमावस्या तिथि को छोड़कर सभी तिथियां कर्णछेदन के लिए शुभ मानी जाती हैं।

  • महीना- कार्तिक, पौष, चैत्र और फाल्गुन महीने कर्णवेध समारोह 2021को संपन्न करने के लिए फलदायी माने जाते हैं।

  • नक्षत्र- मृगशिरा, रेवती, चित्रा, अनुराधा, हस्त, अश्विनी, पुष्य, अभिजीत, श्रवण, घड़ा और पुनर्वसु नक्षत्र को कर्णवेध मुहूर्त 2021 की गणना करते समय शुभ माना जाता है।

 

कर्णवेध संस्कार कैसे करें?

  • मंदिर या घर जैसे पवित्र स्थान को कर्णवेध संस्कार करने के लिए चुना जाता है। जगह को अच्छी तरह से साफ किया जाता है और जगह के साथ-साथ वातावरण को शुद्ध करने के लिए गंगाजल छिड़का जाता है।

  • बच्चे को स्नानादि कराया जाता है और नए और साफ-सुथरे कपड़े पहनाए जाते हैं।

  • समारोह शुरू करने से पहले, देवी और देवताओं का आह्वान किया जाता है और उनकी वंदना की जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि शिशु को एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन व्यतीत करने का आशीर्वाद प्राप्त हो सके। इसलिए, बच्चे और माता-पिता को मुख सूर्य की दिशा की ओर करके बैठना चाहिए।  

  • शुभ कर्णवेध संस्कार के दौरान, सोने या चांदी का एक पतला तार लिया जाता है और बच्चे के कान को छेद दिया जाता है। मान्यता है कि ब्राह्मण और वैश्य का कान चांदी की सुई से एवं क्षत्रियों का कान सोने की सुई से और शूद्र वर्ण के जातकों का कान लोहे की सुई से छेदा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, बाल के दाहिने कान को पहले और बालिका के बाएं कान को पहले छेदा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान, बच्चे के कान में लगातार मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। मंत्र कुछ इस प्रकार है -

भद्रं कर्णेभि: क्षृणयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्रा:।

स्थिरैरंगैस्तुष्टुवां सस्तनूभिर्व्यशेमहि देवहितं यदायु:।।

 

कर्णवेध संस्कार के लाभ

  • कर्णवेध संस्कार करना विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और वैज्ञानिक लाभ प्रदान करता है। 

  • कर्णवेध संस्कार करने से शिशु के मन और आत्मा को शुद्ध करने में मदद मिलती है। ऐसा कहा जाता है कि संस्कार करने से आंतरिक कानों को खोलने में मदद मिलती है ताकि बच्चा पवित्र आवाज़ सुन सके और अच्छी चीजें सीख सके।

  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, पुरुषों में कान छिदवाना उन्हें जननांगों से संबंधित बीमारियों जैसे हर्निया आदि से बचाता है।

  • कर्णवेध मुहूर्त के अनुसार लड़कियों को कान छिदवाना महत्वपूर्ण है। कानों में सुनहरे रंग के आभूषण पहनने से लड़कियों को मासिक धर्म से संबंधित परेशानियों का सामना करने में मदद मिलती है और एक स्वस्थ मासिक धर्म चक्र बना रहता है।

  • एक्यूप्रेशर चिकित्सा के अनुसार, इयरलोब में छेद करने से मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को तुरंत जुड़ने और उन्हें सक्रिय करने में मदद मिलती है।

  • कर्णवेध संस्कार करवाने से, आप अपने बच्चे के जीवन से राहु-केतु के प्रभाव को समाप्त कर सकते हैं।

  • यह व्यापक रूप से माना जाता है कि कर्णवेध संस्कार करने से बच्चे को बौद्धिक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलती है।

  • इसके अलावा कान छिदवाना बच्चे की शारीरिक सुंदरता को बढ़ाने में मदद करता है।

 

वहीं आज हम 2021 में पड़ने वाले कर्णवेध शुभ मुहूर्त को लेकर प्रस्तुत हुए हैं। तो चलिए जानते हैं 12 महीनों में कब-कब हैं शुभ मुहूर्त

 कर्णवेध शुभ मुहूर्त: जनवरी 2021
  • 01 जनवरी, 2021, शुक्रवार, सुबह 8:40 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक

  • 01 जनवरी, 2021, शुक्रवार, दोपहर 02:50 बजे से रात्रि 07:00 बजे तक

  • 06 जनवरी, 2021, बुधवार, सुबह 07:46 बजे से सुबह 10:03 बजे तक

  • 06 जनवरी, 2021, बुधवार, अपराह्न 11:30 बजे से शाम 04:26 बजे तक

  • 09 जनवरी, 2021, शनिवार, दोपहर 02:18 बजे से शाम 06:29 बजे तक

  • 10 जनवरी, 2021, रविवार, सुबह 08:05 बजे से दोपहर12:39 बजे तक

  • 14 जनवरी, 2021, गुरुवार, सुबह 07:46 बजे से सुबह 09:31 बजे तक

  • 14 जनवरी, 2021, गुरुवार, सुबह 10:59 बजे से दोपहर 03:54 बजे तक

  • 15 जनवरी, 2021, शुक्रवार, सुबह 07:46 बजे से सुबह 09:27 बजे तक

  • 15 जनवरी, 2021, शुक्रवार, सुबह 10:55 बजे से दोपहर 03:50 बजे तक

  • 20 जनवरी, 2021, बुधवार, सुबह 07:45 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

  • 21 जनवरी, 2021, गुरुवार, सुबह 09:04 बजे से दोपहर 01:31 बजे तक

  • 21 जनवरी, 2021, गुरुवार, दोपहर 03:27 बजे से शाम 05:41 बजे तक

  • 25 जनवरी, 2021, सोमवार, सुबह 07:44 बजे से सुबह 08:48 बजे तक

  • 25 जनवरी, 2021, सोमवार, सुबह 10:15 बजे से शाम 05:26 बजे तक

  • 28 जनवरी, 2021, गुरुवार, दोपहर 02:59 बजे से शाम 07:34 बजे तक

 

 कर्णवेध शुभ मुहूर्त: फरवरी 2021
  • 03 फरवरी, 2021, बुधवार, सुबह 07:39 बजे से सुबह 08:13 बजे तक

  • 03 फरवरी, 2021, बुधवार, सुबह 09:40 बजे से शाम 04:50 बजे तक

  • 06 फरवरी, 2021, शनिवार, सुबह 09:28 बजे से सुबह10:53 बजे तक

  • 06 फरवरी, 2021, शनिवार, अपराह्न 12:28 बजे से शाम 06:59 बजे तक

  • 12 फरवरी, 2021, शुक्रवार, सुबह 07:37 बजे से सुबह 09:05 बजे तक

  • 12 फरवरी, 2021, शुक्रवार, सुबह 10:30 बजे से शाम 04:15 बजे तक

  • 17 फरवरी, 2021, बुधवार, सुबह 07:29 बजे से दोपहर 11:45 बजे तक

  • 17 फरवरी, 2021, बुधवार, दोपहर 01:41 बजे से शाम 06:16 बजे तक

  • 21 फरवरी, 2021, रविवार, शाम 06:00 बजे से रात्रि 08:17 बजे तक

  • 22 फरवरी, 2021, सोमवार, सुबह 07:24 बजे से सुबह 08:25 बजे तक

  • 22 फरवरी, 2021, सोमवार, सुबह 09:50 बजे से दोपहर 01:21 बजे तक

  • 24 फरवरी, 2021, बुधवार, सुबह 07:39 बजे से सुबह 09:42 बजे तक

  • 24 फरवरी, 2021, बुधवार, अपराह्न 11:18 बजे से शाम 05:48 बजे तक

  • 25 फरवरी, 2021, गुरुवार, सुबह 07:21 बजे से सुबह 09:38 बजे तक

  • 25 फरवरी, 2021, गुरुवार, अपराह्न 11:14 बजे से दोपहर 03:24 बजे तक

 

 

 मुंडन संस्कार मुहूर्त 2021 अन्नप्राशन संस्कार मुहूर्त 2021।  विवाह मुहूर्त 2021 विद्यारंभ मुहूर्त 2021 गृहप्रवेश मुहूर्त 2021 जनेऊ मुहूर्त 2021 

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त: मार्च 2021
  • 01 मार्च, 2021, सोमवार, सुबह 09:23 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

  • 01 मार्च, 2021, सोमवार, दोपहर 03:08 बजे से शाम 07:41 बजे तक

  • 05 मार्च, 2021, शुक्रवार, सुबह 10:42 बजे से शाम 05:13 बजे तक

  • 10 मार्च, 2021, बुधवार, सुबह 07:22 बजे से अपराह्न12:18 बजे तक

  • 10 मार्च, 2021, बुधवार, दोपहर 02:33 बजे से शाम 07:10 बजे तक

  • 11 मार्च, 2021, गुरुवार, सुबह 07:19 बजे से दोपहर 02:29 बजे तक

  • 15 मार्च, 2021, सोमवार, सुबह 07:03 बजे से सुबह 08:28 बजे तक

  • 15 मार्च, 2021, सोमवार, सुबह 10:03 बजे से शाम 04:33 बजे तक

  • 29 मार्च, 2021, सोमवार, सुबह 07:33 बजे से दोपहर 11:03 बजे तक

  • 29 मार्च, 2021, सोमवार, दोपहर 01:18 बजे से शाम 06:23 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त: अप्रैल 2021
  • 01 अप्रैल, 2021, गुरुवार , दोपहर 01:06 बजे से दोपहर 03:27 बजे तक

  • 01 अप्रैल, 2021, गुरुवार , शाम 05:44 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक

  • 07 अप्रैल, 2021, बुधवार, सुबह 06:57 बजे से सुबह 10:28 बजे तक

  • 07 अप्रैल, 2021, बुधवार, दोपहर 12:43 बजे से शाम 07:37 बजे तक

  • 12 अप्रैल, 2021, सोमवार, सुबह 10:08 बजे से शाम 05:01 बजे तक

  • 17 अप्रैल, 2021, शनिवार, सुबह 06:25 बजे से सुबह 09:49 बजे तक

  • 17 अप्रैल, 2021, शनिवार, दोपहर 12:03 बजे से शाम 06:57 बजे तक

  • 19 अप्रैल, 2021, सोमवार, सुबह 06:23 बजे से अपराह्न11:55 बजे तक

  • 19 अप्रैल, 2021, सोमवार, दोपहर 02:16 बजे से शाम 06:49 बजे तक

  • 25 अप्रैल, 2021, रविवार, सुबह 07:22 बजे से सुबह 09:17 बजे तक

  • 25 अप्रैल, 2021, रविवार, अपराह्न 11:32 बजे से शाम 06:26 बजे तक

  • 29 अप्रैल, 2021, गुरुवार, सुबह 07:06 बजे से दोपहर 01:36 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त: मई 2021
  • 03 मई, 2021, सोमवार, अपराह्न 11:00 बजे से शाम 05:54 बजे तक

  • 08 मई, 2021, शनिवार, दोपहर 03:18 बजे से शाम 07:54 बजे तक

  • 09 मई, 2021, रविवार, सुबह 06:53 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक

  • 09 मई, 2021, रविवार, दोपहर 03:14 बजे से शाम 07:50 बजे तक

  • 14 मई, 2021, शुक्रवार, सुबह 06:14 बजे से सुबह 08:03 बजे तक

  • 14 मई, 2021, शुक्रवार, सुबह 10:17 बजे से शाम 05:11 बजे तक

  • 15 मई, 2021, शनिवार, सुबह 06:03 बजे से सुबह 10:13 बजे तक

  • 16 मई, 2021, रविवार, दोपहर 12:30 बजे से शाम 07:23 बजे तक

  • 17 मई, 2021, सोमवार, सुबह 07:22 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक

  • 17 मई, 2021, सोमवार, दोपहर 02:43 बजे से शाम 07:19 बजे तक

  • 23 मई, 2021, रविवार, सुबह 09:42 बजे से शाम 04:36 बजे तक

  • 24 मई, 2021, सोमवार, सुबह 07:23 बजे से सुबह 09:38 बजे तक

  • 26 मई, 2021, बुधवार, सुबह 07:15 बजे से सुबह11:50 बजे तक

  • 26 मई, 2021, बुधवार, दोपहर 02:08 बजे से शाम 06:43 बजे तक

  • 31 मई, 2021, सोमवार, सुबह 09:10 बजे से शाम 04:04 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त: जून 2021
  • 05 जून, 2021, शनिवार, सुबह 06:36 बजे से सुबह 11:11 बजे तक

  • 05 जून, 2021, शनिवार, दोपहर 01:28 बजे से शाम 06:04 बजे तक

  • 06 जून, 2021, रविवार, सुबह 06:49 बजे से दोपहर 01:24 बजे तक

  • 06 जून, 2021, रविवार, दोपहर 02:41 बजे से रात्रि 08:02 बजे तक

  • 10 जून, 2021, गुरुवार, शाम 05:44 बजे से शाम 08:03 बजे तक

  • 11 जून, 2021, शुक्रवार, सुबह 06:12 बजे से सुबह 08:27 बजे तक

  • 11 जून, 2021, शुक्रवार, सुबह 10:47 बजे से दोपहर 02:21 बजे तक

  • 13 जून, 2021, रविवार, सुबह 06:05 बजे से सुबह 08:19 बजे तक

  • 13 जून, 2021, रविवार, सुबह 10:40 बजे से शाम 07:30 बजे तक

  • 20 जून, 2021, रविवार, सुबह 07:52 बजे से शाम 05:05 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त:जुलाई 2021
  • 02 जुलाई, 2021, शुक्रवार, सुबह 07:04 बजे से सुबह 09:25 बजे तक

  • 02 जुलाई, 2021, शुक्रवार, अपराह्न 11:42 बजे से शाम 04:18 बजे तक

  • 10 जुलाई, 2021, शनिवार, सुबह 08:53 बजे से दोपहर 03:46 बजे तक

  • 11 जुलाई, 2021, रविवार, सुबह 06:29 बजे से सुबह 08:49 बजे तक

  • 11 जुलाई, 2021, रविवार, दोपहर 11:07 बजे से शाम 06:01 बजे तक

  • 16 जुलाई, 2021, शुक्रवार, सुबह 06:36 बजे से दोपहर 01:03 बजे तक

  • 16 जुलाई, 2021, शुक्रवार, दोपहर 03:23 बजे से शाम 07:45 बजे तक

  • 17 जुलाई, 2021, शनिवार, शाम 05:38 बजे से शाम 07:42 बजे तक

  • 24 जुलाई, 2021, शनिवार, दोपहर 02:51 बजे से शाम 07:14 बजे तक

  • 25 जुलाई, 2021, रविवार, सुबह 06:20 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक

  • 25 जुलाई, 2021, रविवार,  दोपहर 02:48 बजे से शाम 07:10 बजे तक

  • 26 जुलाई, 2021, सोमवार, सुबह 07:50 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक

  • 29 जुलाई, 2021, गुरुवार, दोपहर 02:32 बजे से शाम 04:50 बजे तक

  • 31 जुलाई, 2021, शनिवार, सुबह 07:31 बजे से सुबह 09:48 बजे तक

  • 31 जुलाई, 2021, शनिवार, दोपहर 12:04 बजे से शाम 06:47 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त: अगस्त 2021
  • 04 अगस्त, 2021, बुधवार, सुबह 07:15 बजे से दोपहर11:49 बजे तक

  • 04 अगस्त, 2021, बुधवार,  दोपहर 02:08 बजे से शाम 06:31 बजे तक

  • 06 अगस्त, 2021, शुक्रवार, सुबह 07:07 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक

  • 06 अगस्त, 2021, शुक्रवार, शाम 04:19 बजे से शाम 06:23 बजे तक

  • 12 अगस्त, 2021, गुरुवार, शाम 05:59 बजे से शाम 07:42 बजे तक

  • 13 अगस्त, 2021, शुक्रवार, सुबह 06:40 बजे से दोपहर 11:13 बजे तक

  • 13 अगस्त, 2021, शुक्रवार,  दोपहर 01:33 बजे से शाम 07:38 बजे तक

  • 22 अगस्त, 2021, रविवार, सुबह 06:43 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक

  • 22 अगस्त, 2021, रविवार, दोपह 03:16 बजे से शाम 07:02 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त:सितंबर 2021
  • 01 सितंबर, 2021, बुधवार, सुबह 07:42 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक

  • 02 सितंबर, 2021, गुरुवार, शाम 04:37 बजे से शाम 06:19 बजे तक

  • 03 सितंबर, 2021, शुक्रवार, सुबह 07:34 बजे से दोपहर 02:29 बजे तक

  • 03 सितंबर, 2021, शुक्रवार, शाम 04:33 बजे से शाम 06:15 बजे तक

  • 04 सितंबर, 2021, शनिवार, सुबह 07:30 बजे से दोपहर 02:25 बजे तक

  • 04 सितंबर, 2021, शनिवार, शाम 04:29 बजे से शाम 06:11 बजे तक

  • 09 सितंबर, 2021, गुरुवार, सुबह 07:11 बजे से सुबह 09:27 बजे तक

  • 09 सितंबर, 2021, गुरुवार, दोपहर 11:47 बजे से शाम 05:52 बजे तक

  • 12 सितंबर, 2021, रविवार, अपराह्न 11:35 बजे से दोपहर 01:53 बजे तक

  • 12 सितंबर, 2021, रविवार, दोपहर 03:57 बजे से शाम 07:07 बजे तक

  • 13 सितंबर, 2021, सोमवार, सुबह 06:55 बजे से सुबह 09:11 बजे तक

  • 17 सितंबर, 2021, शुक्रवार, दोपहर 11:15 बजे से शाम 05:20 बजे तक

  • 18 सितंबर, 2021, शनिवार, सुबह 07:24 बजे से सुबह 08:52 बजे तक

  • 18 सितंबर, 2021, शनिवार, अपराह्न11:11 बजे से शाम 06:44 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त:अक्टूबर 2021
  • 06 अक्टूबर, 2021, बुधवार, शाम 05:33 बजे से शाम 06:58 बजे तक

  • 07 अक्टूबर, 2021, गुरुवार, सुबह 09:57 बजे से शाम 05:29 बजे तक

  • 10 अक्टूबर, 2021, रविवार, सुबह 07:25 बजे से दोपहर12:03 बजे तक

  • 10 अक्टूबर, 2021, रविवार, दोपहर 02:07 बजे से दोपहर 03:50 बजे तक

  • 15 अक्टूबर, 2021, शुक्रवार, सुबह 09:25 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक

  • 15 अक्टूबर, 2021, शुक्रवार, शाम 04:57 बजे से शाम 06:22 बजे तक

  • 20 अक्टूबर, 2021, बुधवार, सुबह 09:05 बजे से अपराह्न 11:24 बजे तक

  • 20 अक्टूबर, 2021, बुधवार, दोपहर 01:28 बजे से शाम 07:38 बजे तक

  • 21 अक्टूबर, 2021, गुरुवार, सुबह 06:57 बजे से दोपहर 01:24 बजे तक

  • 21 अक्टूबर, 2021, गुरुवार, दोपहर 03:06 बजे से शाम 05:59 बजे तक

  • 25 अक्टूबर, 2021, सोमवार, सुबह 08:46 बजे से दोपहर 02:51 बजे तक

  • 25 अक्टूबर, 2021, सोमवार, शाम 05:43 बजे से शाम 07:18 बजे तक

  • 27 अक्टूबर, 2021, बुधवार, सुबह 07:37 बजे से सुबह 08:38 बजे तक

  • 27 अक्टूबर, 2021, बुधवार, सुबह 10:57 बजे से दोपहर 01:01 बजे तक

  • 28 अक्टूबर, 2021, गुरुवार, सुबह 07:01 बजे से सुबह10:53 बजे तक

  • 28 अक्टूबर, 2021, गुरुवार, अपराह्न12:57 बजे से शाम 05:31 बजे तक

  • 29 अक्टूबर, 2021, शुक्रवार, सुबह 07:02 बजे से सुबह 10:49 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त:नवंबर 2021
  • 03 नवंबर, 2021, बुधवार, सुबह 08:10 बजे से सुबह10:29 बजे तक

  • 06 नवंबर, 2021, शनिवार, सुबह 07:08 बजे से सुबह 10:17 बजे तक 

  • 06 नवंबर, 2021, शनिवार, दोपहर 12:21 बजे से शाम 04:56 बजे तक

  • 10 नवंबर, 2021, बुधवार, शाम 04:40 बजे से शाम 06:15 बजे तक

  • 17 नवंबर, 2021, बुधवार, सुबह 07:16 बजे से अपराह्न11:38 बजे तक

  • 21 नवंबर, 2021, रविवार, सुबह 09:18 बजे से दोपहर 01:05 बजे तक

  • 21 नवंबर, 2021, रविवार, दोपहर 02:32 बजे से शाम 07:28 बजे तक

  • 22 नवंबर, 2021, सोमवार, सुबह 09:14 बजे से दोपहर 11:18 बजे तक

  • 24 नवंबर, 2021, बुधवार, सुबह 09:06 बजे से दोपहर 03:45 बजे तक

  • 24 नवंबर, 2021, बुधवार, शाम 05:20 बजे से शाम 07:16 बजे तक

  • 25 नवंबर, 2021, गुरुवार, सुबह 07:23 बजे से सुबह 09:02 बजे तक

  • 25 नवंबर, 2021, गुरुवार, अपराह्न 11:07 बजे से दोपहर 03:41 बजे तक

  • 25 नवंबर, 2021, गुरुवार, शाम 05:16 बजे से शाम 07:12 बजे तक

 

कर्णवेध शुभ मुहूर्त:दिसंबर 2021
  • 01 दिसंबर, 2021, बुधवार, सुबह 07:28 बजे से दोपहर 01:53 बजे तक

  • 01 दिसंबर, 2021, बुधवार, दोपहर 03:18 बजे से शाम 06:31 बजे तक

  • 08 दिसंबर, 2021, बुधवार, सुबह 07:33 बजे से दोपहर11:58 बजे तक

  • 08 दिसंबर, 2021, बुधवार, दोपहर 01:25 बजे से शाम 06:21 बजे तक

  • 09 दिसंबर, 2021, गुरुवार, सुबह 07:33 बजे से दोपहर 01:21 बजे तक

  • 09 दिसंबर, 2021, गुरुवार, 02:46 बजे से शाम 06:17 बजे तक

  • 13 दिसंबर, 2021, सोमवार, सुबह 07:36 बजे से सुबह 07:52 बजे तक

  • 13 दिसंबर, 2021, सोमवार, सुबह 09:56 बजे से दोपहर 02:30 बजे तक

  • 13 दिसंबर, 2021, सोमवार, शाम 04:06 बजे से रात्रि 08:16 बजे तक

  • 19 दिसंबर, 2021, रविवार, सुबह 07:40 बजे से दोपहर12:42 बजे तक

  • 19 दिसंबर, 2021, रविवार, 02:07 बजे से शाम 05:38 बजे तक

  • 27 दिसंबर, 2021, सोमवार, सुबह 07:43 बजे से सुबह 10:43 बजे तक

  • 27 दिसंबर, 2021, सोमवार, दोपहर 12:10 बजे से शाम 05:06 बजे तक

  • 31 दिसंबर, 2021, शुक्रवार, 08:45 बजे से 01:20 बजे तक

  • 31 दिसंबर, 2021, शुक्रवार, दोपहर 02:55 बजे से शाम 06:29 बजे तक

 

नोएडा में ज्योतिषीमुंबई में ज्योतिषीहैदराबाद में ज्योतिषीजयपुर में ज्योतिषीकर्नाटक में ज्योतिषी

एस्ट्रो लेख

फागुन – फाल्गुन मास के व्रत व त्यौहार

सत्यनारायण भगवान की व्रत कथा व पूजन विधि

माघ पूर्णिमा 2021 – सब पापों का नाश करता है माघी पूर्णिमा स्नान

जया एकादशी 2021 – क्या है माघ शुक्ल एकादशी व्रत की पूजा विधि

Chat now for Support
Support