Skip Navigation Links
किस डे – किस करते समय रखें ध्यान


किस डे – किस करते समय रखें ध्यान

वैलेंटाइन वीक का खुमार अब अपने चरम पर है अपने प्रिय को गुलाब का फूल देकर शुरु हुआ प्रेम सप्ताह में फिर प्यार के इजहार हुआ। चॉकलेट और टेडी डे पर प्यारा सा उपहार दिया तो जनाब अब बारी है गले लगने की, किस करने की और होठों में जो बात दबाकर आप चले आ रहे हैं उसे कहने की यानि वैलेंटाइन डे मनाने की। अपने इस लेख में हम बात करेंगें वैलेंटाइन वीक के बहुत ही खास दिन की जिसका सभी प्रेमी युगल बेसब्री से इंतजार करते हैं। जी हां किस डे उन्हीं खास दिनों में से एक है। हालांकि जिसे आप चाहते हैं उसे किस करने यानि की चूमने के लिये किसी विशेष दिन की आवश्यकता नहीं होती लेकिन कभी-कभी अपने रोमांस को बढ़ाने व उसमें चार चांद लगाने के लिये बतौर उत्सव भी इन्हें मनाना चाहिये।

किस क्या है?

जब कोई आपको प्यारा लगता है, मासूम लगता है, अपने दिल के करीब लगता है, अपनी जान का एक टुकड़ा लगता है तो उसे हम जी भर कर प्यार करना चाहते हैं। किस उसी प्यार को अभिव्यक्त करने का एक माध्यम है।

किस करते समय रखें ध्यान

हर रिश्ते के साथ हम अलग से पेश आते हैं। जो भावनाएं एक बच्चे को चूमकर प्यार करने में होती हैं जाहिर सी बात है वह एक प्रेमिका के साथ नहीं होंगी। वैलेंटाइन वीक में जब हम किस डे की बात करते हैं उसका सीधा सा मतलब प्रेमी युगलों से संबंधित है। तो प्रेमीजन एक दूसरे को कैसे चूमें? जो पिछले काफी लंबे समय से एक दूसरे से साथ संबंध में हैं उनके लिये किस करना आम हो चुका होता है लेकिन जिनके लिये किस डे पर किस करने का पहला मौका है वे थोड़ा असमंजस में रहते हैं और थोड़े असहज भी। इसलिये अपने साथी को चूमते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

पहली बात तो यह है कि अपने साथी की भावनाओं का खयाल रखना जरूरी है किसी भी प्रकार की तत्परता या जल्दबाजी न दिखायें जिससे आपके साथी को असहजता महसूस हो। हालांकि ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि लड़कियां किस करने की पहल करें इसलिये प्रेमी को ही यह पहल करनी होती है लेकिन उसके लिये सही समय का इंतजार भी करना होता है। किस डे एक अवसर जरूर है लेकिन यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस हद तक का रिश्ता अपने साथी के साथ कायम कर पायें हैं। इसलिये उतावलापन त्याग दें और लगे कि आपका साथी अभी तैयार नहीं है तो किसी तरह का दबाव न डालें।

किस करने के लिये माहौल को थोड़ा रोमांटिक बनाने की जरूरत होती है ताकि आपका साथी भी उसके लिये तैयार हो। किस करने का सही मौका खासकर प्रेम जीवन की शुरुआत करने वालों के लिये तब होता है जब मुलाकात के बाद दोनों के बिछुड़ने का समय हो। इस गुडबॉय किस कह सकते हैं।

शुरुआती किस बहुत ही शालीन होनी चाहिये। अपने साथी का माथा चूमकर या फिर बंद होठों से हल्की सी छुअन के साथ भी किस की जा सकती है। हां अपने साथी के इशारे का इंतजार जरुर करें। मसलन जैसे वह आपकी आंखों में आंखे डाले हों आपको छू रही हो और यह प्रक्रिया लंबे समय तक चले तो आप आगे बढ़ सकते हैं। यदि आपका साथी आपको अच्छा रिस्पोंस दे रहा है तो आप किस को लंबे समय तक भी कर सकते हैं। पहले प्यार का पहला किस आपके लिये यादगार रहे इन्हीं शुभकामनाओं के साथ आप सभी को किस डे की हार्दिक शुभकामनाएं।

यह भी पढ़ें

प्रोमिस डे   |   टैडी डे   |   चॉकलेट डे   |   वैलेंटाइन वीक   |   रोज़ डे  |   प्रपोज डे   |   प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2017   |   

पढ़ें अपनी प्रेम प्रोफाइल   |   प्यार की पींघें बढानी हैं तो याद रखें फेंग शुई के ये लव टिप्स   |   जानिये, दाम्पत्य जीवन में कलह और मधुरता के योग 

कुंडली में प्रेम   |   कुंडली में विवाह योग   |   कुंडली में संतान योग   |   पढ़ें साल की लव रिपोर्ट   |   दैनिक लव राशिफल




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

दस साल बाद आषाढ़ में होगी शनि अमावस्या करें शनि शांति के उपाय

दस साल बाद आषाढ़ म...

अमावस्या की तिथि पितृकर्मों के लिये बहुत खास मानी जाती है। आषाढ़ में मास में अमावस्या की तिथि 23 व 24 जून को पड़ रही है। संयोग से 24 जून को अ...

और पढ़ें...
शनि परिवर्तन - वक्री होकर शनि कर रहे हैं राशि परिवर्तन जानें राशिफल

शनि परिवर्तन - वक्...

शनि की माया से तो सब वाकिफ हैं। ज्योतिषशास्त्र में शनि को एक दंडाधिकारी एक न्यायप्रिय ग्रह के रूप में जाना जाता है हालांकि इनकी टेढ़ी नज़र से...

और पढ़ें...
आषाढ़ अमावस्या 2017 – पितृकर्म अमावस्या 23 जून तो 24 को रहेगी शनि अमावस्या

आषाढ़ अमावस्या 201...

प्रत्येक मास में चंद्रमा की कलाएं घटती और बढ़ती रहती हैं। चंद्रमा की घटती बढ़ती कलाओं से ही प्रत्येक मास के दो पक्ष बनाये गये हैं। जिस पक्ष म...

और पढ़ें...
जगन्नाथ रथयात्रा 2017 - सौ यज्ञों के बराबर पुण्य देने वाली है पुरी रथयात्रा

जगन्नाथ रथयात्रा 2...

उड़िसा में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर हिन्दुओं के चार धामों में शामिल है। जगन्नाथ मंदिर, सनातन धर्म के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। हिन...

और पढ़ें...
ईद - इंसानियत का पैगाम देता है ईद-उल-फ़ितर

ईद - इंसानियत का प...

भारत में ईद-उल-फ़ितर 26 जून 2017 को मनाया जाएगा। इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने को रमदान का महीना कहते हैं और इस महीने में अल्लाह के सभी बंदे...

और पढ़ें...