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पढ़िए कुंडली के वह योग जो व्यक्ति को एक्टर बना सकते हैं !


पढ़िए कुंडली के वह योग जो व्यक्ति को एक्टर बना सकते हैं !

आज अभिनय और कला के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए ना जाने कितने युवा संघर्ष कर रहे हैं। एक दौर था जब टीवी और सिनेमा की दुनिया को बहुत अच्छा नहीं समझा जाता था लेकिन वक़्त बदला तो लोगों की सोच में परिवर्तन आया है। जल्द प्रसिद्धी प्राप्त करने के लिए एक्टिंग का क्षेत्र एक बेहतरीन चुनाव बन चुका है। लेकिन एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि यहाँ सफलता से ज्यादा असफलताओं की कहानियाँ पढ़ी जा सकती हैं। व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की चाल और दशाओं से भी यह देखा जा सकता है कि आपका भविष्य एक्टिंग एवं अभिनय के क्षेत्र में कैसा रहेगा। आइये पढ़ते हैं कि वह कौन से योग होते हैं जिनके आधार पर व्यक्ति अभिनय के क्षेत्र में सफल हो सकता है-  


1. कुंडली में अगर किसी का मंगल व शुक्र अच्छी स्थिति में होते हैं तो एक्टिंग और अभिनय के क्षेत्र में सफलता का अच्छा योग बनता है। कुंडली में मंगल और शुक्र सही हों तो व्यक्ति को अभिनय के क्षेत्र में कम प्रयास से ही अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं।


2. अभिनय के क्षेत्र का कारक शुक्र ग्रह माना जाता है। अगर कुंडली में शुक्र उच्च का है या कुंडली के दसवें घर पर इसकी दृष्टि पड़ रही है या शुक्र अच्छी स्थिति में होने के कारण दशा में चल रहा है तो इस स्थिति में भी जातक को अभिनय के क्षेत्र में अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं।


उदाहरण के तौर पर अगर कुम्भ लग्न की कुंडली में तीसरे घर में मंगल या चौथे घर में शुक्र बैठा है और दोनों की दृष्टि दसवें घर पर पड़ रही है जो कार्यक्षेत्र का घर है तो इस लग्न का जातक अगर अभिनय के लिए प्रयास करता है तो सफल होने की संभावनायें ज्यादा रहती हैं।


आप अगर अभिनय के क्षेत्र में भविष्य बनाने चाहते हैं या आप इस क्षेत्र में पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं तो आप अपनी कुंडली की जांच, आज ही ज्योतिष से करवा सकते हैं।


3. इन दो योगों के अलावा एक योग और भी बनता है जो एक्टिंग के क्षेत्र से संबंध रखता है। सूर्य और राहू अगर किसी व्यक्ति के अच्छे हैं तो उस व्यक्ति के सफल होने की संभावनायें, अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा रहती हैं। सूर्य को ऊर्जा का कारक माना जाता है और राहू बल का कारक माना जाता है तो यह दोनों ग्रह भी अगर दसवें स्थान को शुभ दृष्टी से देख रहे हैं तो यह भी अभिनय के क्षेत्र में लाभदायक रहता है।


उदाहरण के तौर पर, अगर किसी का सिंह लग्न है और दसमं में शुक्र बैठा है एवं दूसरे स्थान पर सूर्य बैठा है तो इस क्षेत्र के लिए यह एक प्रबल योग बना देता है। क्योकि सिंह लग्न एक राजा के जैसा लग्न माना जाता है और दूसरे घर में सूर्य का बैठना, इसका अर्थ है कि सूर्य दसवें स्थान को देख रहा है। साथ ही साथ अभिनय और कला का कारक शुक्र पहले ही दसमं में बैठा है तो यह व्यक्ति को अभिनय और एक्टिंग के क्षेत्र में बहुत ही जल्द सफलता दिला सकता है।


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