Skip Navigation Links
कुंडली के वह योग, जो व्यक्ति को बनाते हैं धनवान !


कुंडली के वह योग, जो व्यक्ति को बनाते हैं धनवान !

आज धन हमारी मौलिक आवश्यकता बन चुका है। धनवान व्यक्ति की इज्जत समाज में बहुत होती है और इस प्रकार के व्यक्ति की बात भी सभी सुनते है। वैसे तो व्यक्ति का असली धन उसकी बुद्धि और विवेक भी है। शास्त्र इस बात को इस तरह कहते है कि अगर व्यक्ति को सरस्वती देवी और लक्ष्मी देवी, का साथ, एक साथ मिल जाए तो व्यक्ति खुद को भाग्यशाली समझे। धनवान होने के लिए भाग्य का साथ बहुत जरूरी होता है। धन की प्राप्ति के लिए कुंडली में कुछ योग बताये गये हैं। यह योग व्यक्ति की कुंडली में मौजूद होने से, थोड़े से ही प्रयास से धन प्राप्त होने लगता है।

तो आइये जानते हैं उन कुंडली योगों के बारें में जो व्यक्ति को धनवान बना देते हैं-


  • कुंडली में धन का स्थान दूसरा घर व ग्यारवाँ घर माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में इन दोनों घरों के अन्दर मंगल और सूर्य एक साथ विराजमान हों तो वह व्यक्ति एक सफल व्यवसायी बनता है। इस योग वाले व्यक्ति के पास धन प्रचुर मात्रा में रहता है।


  • अगर कुंडली में दसमं स्थान पर ब्रहस्पति और मंगल एक साथ बैठे हों या चन्द्रमा व मंगल एक साथ बैठे हों तो यह गज केसरी और लक्ष्मी नारायण योग बनाते हैं। इन दोनों योगों वालों जातकों के पास धन, बहुत हल्के व कम प्रयास से भी आ जाता है। इन जातकों की आय अधिक होती है और व्यय कम होता है। इन योग से प्रभावित व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की कृपा दृष्टि सदैव बनी रहती है।  


अपनी कुंडली में धन योग की जानकारी के लिए आप भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों की मदद प्राप्त कर सकते हैं|



  • अगर किसी जातक का सिंह लग्न में दसमं स्थान पर सूर्य और बुध हों तो यह एक बुधादित्य योग बन जाता है। शास्त्रों के अनुसार यह योग व्यक्ति को धनवान बना देता है। जन्म कुंडली में दसमं स्थान में सूर्य और बुध एक साथ युक्त हो तो यह योग बनता है। ऐसे योग वाला व्यक्ति अतिबुद्धिमान एवं चतुर होता है। इस प्रकार के जातक बहुत ही कम समय में चर्चित हो जाते हैं। इनको मान-सम्मान भी बहुत जल्दी प्राप्त हो जाता है।



  • मीन लग्न में दसमं स्थान स्थान पर अगर ब्रहस्पति और चंद्रमा भी एक साथ विराजमान होते हैं तो कुंडली में केंद्र त्रिकोण योग बनता है। यह योग भी व्यक्ति को धनवान बनाता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन राजा-महाराजों की तरह होता है। नाम, काम, मान, सम्मान और प्रॉपर्टी इन जातकों के पास प्रचुर मात्रा में होती है।


  • पंचम भाव में अगर मेष या वृश्चिक का मंगल हो और लाभ स्थान में शुक्र स्थित हो तो व्यक्ति को धन संबंधित कोई भी परेशानी नहीं होती है। इसी तरह पाँचवें घर में सिंह के सूर्य हो और लाभ स्थान में शनि, चंद्र-शुक्र से युक्त हो तो इस योग का जातक धनी होता है। 


  • दूसरे भाव में चंद्रमा के स्थित होने पर धनवान होने की प्रबल सम्भावना होती है। इस प्रकार के जातकों को जीवन में धन संबंधित समस्या नहीं रहती है।


यह भी पढ़ें

कुंडली में संतान योग

कुंडली में विवाह योग

कुंडली में प्रेम योग

कुंडली का यह योग व्यक्ति को बना देता है राजा

पढ़िए कुंडली के वह योग जो व्यक्ति को एक्टर बना सकते हैं

कुंडली के वह योग जो व्यक्ति को बनाते हैं एक सफल उद्यमी

कुंडली में सरकारी नौकरी के योग





एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

कैलाश मानसरोवर – कब और कैसें करें मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर – क...

भारत धार्मिक विविधताओं का देश है। यहां लगभग सभी धर्मों के अनुयायी मिलते हैं, सभी धर्मों के धार्मिक तीर्थ स्थल भी यहां खूब हैं। लेकिन हिंदू धर...

और पढ़ें...
शुक्र राशि परिवर्तन - 29 जून को शुक्र बदलेंगें राशि जानें राशिफल

शुक्र राशि परिवर्त...

ज्योतिषशास्त्र में शुक्र ग्रह बहुत अधिक मायने रखते हैं। लाभ, सुख-समृद्धि एवं कला क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शुक्र माने जाते हैं। वृषभ एवं तुला र...

और पढ़ें...
ईद - इंसानियत का पैगाम देता है ईद-उल-फ़ितर

ईद - इंसानियत का प...

भारत में ईद-उल-फ़ितर 26 जून 2017 को मनाया जाएगा। इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने को रमदान का महीना कहते हैं और इस महीने में अल्लाह के सभी बंदे...

और पढ़ें...
शनि परिवर्तन - वक्री होकर शनि कर रहे हैं राशि परिवर्तन जानें राशिफल

शनि परिवर्तन - वक्...

शनि की माया से तो सब वाकिफ हैं। ज्योतिषशास्त्र में शनि को एक दंडाधिकारी एक न्यायप्रिय ग्रह के रूप में जाना जाता है हालांकि इनकी टेढ़ी नज़र से...

और पढ़ें...
आषाढ़ अमावस्या 2017 – पितृकर्म अमावस्या 23 जून तो 24 को रहेगी शनि अमावस्या

आषाढ़ अमावस्या 201...

प्रत्येक मास में चंद्रमा की कलाएं घटती और बढ़ती रहती हैं। चंद्रमा की घटती बढ़ती कलाओं से ही प्रत्येक मास के दो पक्ष बनाये गये हैं। जिस पक्ष म...

और पढ़ें...