प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2019?

नये साल में हर किसी को नई खुशियों की चाहत होती है। कुछ प्यार में होते हैं कुछ इतंजार में होते हैं। जिन का दिल टूटा या फिर किसी से जुड़ा ही न हो उन्हें भी कोई ऐसा चाहिये होता है जो उनकी सूनी दुनिया में एक ताजगी भर दे, जो जख्मों पर मरहम रखदे। प्यार के मारों का क्या होगा हाल? क्या कहता है नया साल? आइये जानते हैं।

नव वर्ष 2019 की शुरुआत कन्या लग्न से हो रही है। वर्ष लग्न से पंचम भाव के स्वामी शनि बनते हैं जो कि चौथे स्थान में विराजमान हैं जहां उनके साथ सूर्य भी गोचररत हैं। जो कि कोई बहुत अच्छे संकेत रोमांस के मामले में नहीं कर रहे। विशेषकर प्रेम विवाह के इच्छुक जातकों को इस साल परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। परिजनों का विरोध झेलना पड़ सकता है। वहीं पंचम भाव में केतु भी विराजमान हैं जो कि आपकी रोमांटिक लाइफ के लिये उत्साहजनक नहीं कहे जा सकते हैं।  विवाहित जातकों को भी अपने प्रेमजीवन में सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी। इस समय यदि आप अपने साथी की भावनाओं को आहत करते हैं या फिर उनकी पीठ पिछे कोई और ही गुल खिलाने की कोशिश कर रहे हैं तो आपका भांडा फूट सकता है और भावनात्मक रूप से आपको काफी तकलीफ से गुज़रना पड़ सकता है। बेहतर है इस समय में आप अपने प्रेम में पारदर्शिता लायें क्योंकि पारदर्शिता न होने से ही आप लोगों का प्यार संघर्षमयी बना रहने के आसार बन रहे हैं। वर्ष के तीसरे माह से लेकर सातवें महीने  तक विशेष रुप से संभलकर रहने के संकेत हैं।


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अप्रैल के मध्य दिनों में शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में दाखिल होंगे यह समय प्रेमियों के लिये थोड़ा उत्साहजनक रहने के आसार हैं। इस समय लंबे समय से प्रेम में आयी दूरियां समाप्त होने के योग बनने की संभावना बलवती हो सकती हैं। अपने साथी का भरपूर समर्थन आपको मिलने की उम्मीद है। जिन जातकों को अपने प्यार का इज़हार करना है वे इस समय की सकारात्मकता का लाभ उठा सकते हैं।

वर्ष के उतरार्ध का समय भी प्रेमीजनों के लिये बहुत अनुकूल रहने की उम्मीद की जा सकती है। विशेषकर जो युगल इस समय अपने रिश्ते को एक नये मुकाम पर ले जाना चाहते हैं। एक दूसरे के साथ विवाह के बंधन में बंधना चाहते हैं, उनके लिये यह समय मनोकामना पूर्ण करने वाला साबित हो सकता है।

हालांकि सितंबर के दूसरे सप्ताह के मध्य में शुक्र के अपनी नीच माने जानी वाली राशि कन्या में गोचर करने से आपके हंसते खेलते जीवन में पुन: परेशानियां पेश आ सकती हैं। शुक्र के स्वराशिगत होने पर आपको इन परेशानियों से निजात भी मिल जायेगी। इसके पश्चात का समय अच्छा रहने के आसार हैं हालांकि जैसे-जैसे चंद्रमा व शुक्र पाप ग्रहों के साथ गोचर करेंगें वैसे-वैसे कुछ उतार-चढ़ाव आपको अपने रोमांटिक जीवन में देखने को जरूर मिल सकते हैं।

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