Skip Navigation Links
प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2018?


प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2018?

नये साल में हर किसी को नई खुशियों की चाहत होती है। कुछ प्यार में होते हैं कुछ इतंजार में होते हैं। जिन का दिल टूटा या फिर किसी से जुड़ा ही न हो उन्हें भी कोई ऐसा चाहिये होता है जो उनकी सूनी दुनिया में एक ताजगी भर दे, जो जख्मों पर मरहम रखदे। प्यार के मारों का क्या होगा हाल? क्या कहता है नया साल? आइये जानते हैं।

नव वर्ष 2018 की शुरुआत कन्या लग्न से हो रही है। प्रेम के कारक ग्रह चंद्रमा भाग्य स्थान में विराजमान हैं जो कि प्रेमि जातकों को भाग्य का साथ मिलने की ओर ईशारा करते हैं। हालांकि प्रेम का कारक शुक्र को भी माना जाता है जो कि वर्षारंभ के समय शनि व सूर्य के साथ वर्ष लग्न से चतुर्थ स्थान में गोचर कर रहे हैं। इस समय शुक्र अस्त होकर भी चल रहे हैं। शनि, सूर्य व शुक्र का त्रयीग्रही योग रोमांटिक जीवन के लिये शुभ नहीं कहा जा सकता। विशेषकर विवाहित जातकों को अपने प्रेमजीवन में थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी। इस समय यदि आप अपने साथी की भावनाओं को आहत करते हैं या फिर उनकी पीठ पिछे कोई और ही गुल खिलाने की कोशिश कर रहे हैं तो आपका भांडा फूट सकता है और भावनात्मक रूप से आपको काफी तकलीफ से गुज़रना पड़ सकता है। बेहतर है इस समय में आप अपने प्रेम में पारदर्शिता लायें क्योंकि पारदर्शिता न होने से ही आप लोगों का प्यार संघर्षमयी बना रहने के आसार बन सकते हैं। वर्ष के शुरुआती दो महीने विशेष रुप से थोड़ा संभलकर रहने के संकेत करते हैं।


राशिनुसार अपना भविष्यफल जानने के लिये यहां क्लिक करें वार्षिक राशिफल 2018 ( Rashifal 2018)

मार्च के आरंभिक दिनों में शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में दाखिल होंगे यह समय प्रेमियों के लिये उत्साहजनक रहने के आसार हैं। इस समय लंबे समय से प्रेम में आयी दूरियां समाप्त होने के योग बनने की संभावना बलवती हो सकती हैं। अपने साथी का भरपूर समर्थन आपको मिलने की उम्मीद है। जिन जातकों को अपने प्यार का इज़हार करना है वे इस समय की सकारात्मकता का लाभ उठा सकते हैं।

वर्ष के उतरार्ध का समय भी प्रेमीजनों के लिये बहुत अनुकूल रहने की उम्मीद की जा सकती है। विशेषकर जो युगल इस समय अपने रिश्ते को एक नये मुकाम पर ले जाना चाहते हैं। एक दूसरे के साथ विवाह के बंधन में बंधना चाहते हैं, उनके लिये यह समय मनोकामना पूर्ण करने वाला साबित हो सकता है।

हालांकि अगस्त में शुक्र के अपनी नीच माने जानी वाली राशि कन्या में गोचर करने से आपके हंसते खेलते जीवन में पुन: परेशानियां पेश आ सकती हैं। शुक्र के स्वराशिगत होने पर आपको इन परेशानियों से निजात भी मिल जायेगी। इसके पश्चात का समय अच्छा रहने के आसार हैं हालांकि जैसे-जैसे चंद्रमा व शुक्र पाप ग्रहों के साथ गोचर करेंगें वैसे-वैसे कुछ उतार-चढ़ाव आपको अपने रोमांटिक जीवन में देखने को जरूर मिल सकते हैं।

यदि हैं अपनी लव लाइफ से परेशान तो एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से जानें समाधान! कॉल करने के लिये यहां क्लिक करें।


यह भी पढ़ें

अंक ज्योतिष भविष्यफल 2018  |    2018 में क्या कहती है भारत की कुंडली   |   2018 में कैसे रहेंगें सिनेमा के सितारे   |   

भारत खेल 2018 - खेलों में कैसा रहेगा भारत का प्रदर्शन?





एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

शुक्र मार्गी - शुक्र की बदल रही है चाल! क्या होगा हाल? जानिए राशिफल

शुक्र मार्गी - शुक...

शुक्र ग्रह वर्तमान में अपनी ही राशि तुला में चल रहे हैं। 1 सितंबर को शुक्र ने तुला राशि में प्रवेश किया था व 6 अक्तूबर को शुक्र की चाल उल्टी हो गई थी यानि शुक्र वक्र...

और पढ़ें...
वृश्चिक सक्रांति - सूर्य, गुरु व बुध का साथ! कैसे रहेंगें हालात जानिए राशिफल?

वृश्चिक सक्रांति -...

16 नवंबर को ज्योतिष के नज़रिये से ग्रहों की चाल में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल मानव जीवन पर व्यापक प्रभाव डालती है। इस द...

और पढ़ें...
कार्तिक पूर्णिमा – बहुत खास है यह पूर्णिमा!

कार्तिक पूर्णिमा –...

हिंदू पंचांग मास में कार्तिक माह का विशेष महत्व होता है। कृष्ण पक्ष में जहां धनतेरस से लेकर दीपावली जैसे महापर्व आते हैं तो शुक्ल पक्ष में भी गोवर्धन पूजा, भैया दूज ...

और पढ़ें...
गोपाष्टमी 2018 – गो पूजन का एक पवित्र दिन

गोपाष्टमी 2018 – ग...

गोपाष्टमी,  ब्रज  में भारतीय संस्कृति  का एक प्रमुख पर्व है।  गायों  की रक्षा करने के कारण भगवान श्री कृष्ण जी का अतिप्रिय नाम 'गोविन्द' पड़ा। कार्तिक शुक्ल ...

और पढ़ें...
देवोत्थान एकादशी 2018 - देवोत्थान एकादशी व्रत पूजा विधि व मुहूर्त

देवोत्थान एकादशी 2...

देवशयनी एकादशी के बाद भगवान श्री हरि यानि की विष्णु जी चार मास के लिये सो जाते हैं ऐसे में जिस दिन वे अपनी निद्रा से जागते हैं तो वह दिन अपने आप में ही भाग्यशाली हो ...

और पढ़ें...