नरेंद्र मोदी - कैसा रहेगा आने वाला समय प्रधानमंत्री मोदी के लिये

प्रधानमंत्री बनने से पहले ही जो हवा नरेंद्र मोदी के पक्ष में चली, जिस लोकप्रियता के कारण वे स्पष्ट बहुमत लेकर सत्तासीन हुए। उसका खुमार लोगों पर अभी तक बरकरार है। हालांकि बीच-बीच में उनकी लोकप्रियता का ग्राफ कुछ कम भी हो जाता है लेकिन राजनीति की पिच पर फेंकी जा रही किसी गेंद पर अचानक वे ऐसा शॉट लगा देते हैं कि हर ओर से मोदी मोदी की आवाज़ आने लग जाती है। लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद चारों तरफ मोदी लहर ही छाई हुई है। बीजेपी के आगे सभी पार्टियां धराशायी हो गयी हैं। आमचुनाव में जीत के बाद पीएम मोदी दुबारा सत्ता पर आसीन हो गए हैंं। आज पीएम मोदी अपना 70 वां जन्मदिन मनाएंगे। ऐसे में आने वाला समय माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिये कैसा रहेगा। नरेंद्र मोदी की कुंडली का आकलन करने के बाद एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य क्या कहते हैं आइये जानते हैं।

नाम -  नरेंद्र दामोदरदास मोदी

जन्म तिथि- 17 सितंबर 1950

जन्म स्थान- मेहसाणा गुजरात 

जन्म समय-  प्रात: 11:00 बजे

लग्न - वृश्चिक, चन्द्र राशि - वृश्चिक, नक्षत्र - अनुराधा, महादशा - चंद्रमा, अंतरदशा – शनि, प्रत्यंतर - सूर्य।

उपरोक्त विवरण के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न व वृश्चिक राशि की है। वर्तमान में इन पर चंद्रमा की महादशा चल रही है। शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। जो कि इनके लिये लाभकारी कहा जा सकता है। वर्तमान में इनकी राशि में गुरु गोचर कर रहे हैं। बृहस्पति का इनकी राशि में होना इनके लिये बहुत ही सौभाग्यशाली कहा जा सकता है। हालांकि मार्च में राहू इनकी राशि से 12वें स्थान में तो केतु शनि के साथ दूसरे स्थान में आ जायेंगें जो कि इनके लिये मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। मार्च के अंत में गुरु इनकी राशि से कुछ समय के लिये गोचर कर धन भाव केतु व शनि के साथ त्रीग्रही योग बनाएंगें। संभव है इस समय मोदी जी कोई ऐसा निर्णय ले बैठें जो कि भविष्य में इनके लिये सही साबित न हो। इस समय मोदी जी को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ समय के पश्चात गुरु वक्री होकर वापस इनकी राशि में आ जायेंगें तो शनि भी धन भाव में वक्री होकर रहेंगें। कहा जा सकता है कि वर्ष के मध्य का समय इनके लिये बहुत ही सतर्क रहने का समय है। हालांकि साढ़ेसाती के अंतिम चरण के कारण कोई नई कामयाबी भी मिल सकती हैं जिससे मानसिक तनाव की स्थिति कुछ कम हो।

2019 वर्ष का प्रवेश कन्या लग्न व तुला राशि में हुआ है। कन्या लग्न जो कि मोदी जी की राशि से नौंवा है। यह मोदी जी के लिये भाग्यवर्धक हो सकता है।

मोदी जी की राशि से वर्ष राशि 12वीं है जो कि मोदी जी की कुंडली में व्यय भावको दर्शाती है। देश के प्रधानमंत्री होने के नाते नरेंद्र मोदी से कुछ और कड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं जो कि प्रारंभ में काफी परेशानी वाले रह सकते हैं। दूरदर्शिता के हिसाब से यह फैसले प्रधानमंत्री मोदी के आत्म सम्मान को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।

कुल मिलाकर देखा जाये तो 2019 में मार्च की शुरुआत से लेकर वर्ष के अगस्त के उतर्राध तक का समय इनके लिये मिला जुले परिणाम लेकर आयेगा। एक और राहू इनकी राशि से भाग्य स्थान से परिवर्तन कर अष्टम भाव में चले जायेंगें वहीं केतु धन भाव में शनि के साथ आ जायेंगें। नरेंद्र मोदी को इस समय फाइनेंशियली काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उनके खर्चों में भी बढ़ोतरी की संभावनाएं इस साल बन रही हैं। बतौर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय कार्यरत हैं ऐसे में उनके द्वारा लिये गये फैसले आर्थिक तौर पर हो सकता है सफलता लाने वाले साबित न हों। अतीत में लिये फैसलों का नुक्सान भी इस समय उभर कर सामने आ सकता है। 

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिये आने वाला समय उपलब्धियों भरा रहने के आसार हैं।

संबंधित लेख

विद्यार्थियों के लिये कैसा रहेगा साल 2020   |   2020 में कैसे रहेंगें सिनेमा के सितारे   |   2020 क्या लायेगा अच्छे दिन?   |   प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2020

साल 2020 में किस क्षेत्र में बढ़ेंगें रोजगार के अवसर   |   भारत खेल 2020 - खेलों के लिये कैसा है 2020   |   

2020 में कैसे रहेंगे भारत-पाक संबंध? क्या कहता है ज्योतिष?   |   2020 में क्या कहती है भारत की कुंडली   |    नववर्ष 2020 राशिफल  

एस्ट्रो लेख

चंद्र ग्रहण 202...

चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण के बारे में प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही विज्ञान की पुस्तकों में जानकारी दी जाती है कि ये एक प्रकार की खगोलीय स्थिति होती हैं। जिनमें चंद्रमा, पृथ्वी के औ...

और पढ़ें ➜

चंद्र ग्रहण का ...

साल 2020 का दूसरा चंद्रग्रहण(chandra grahan 2020) इस बार 5 जून शुक्रवार को पड़ेगा। चंद्र ग्रहण 05 जून रात 11:15 बजे से शुरू होगा और 06 जून 02:34 बजे तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण वृश्चि...

और पढ़ें ➜

ज्येष्ठ पूर्णिम...

वैसे तो प्रत्येक माह की पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व माना जाता है लेकिन ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तो और भी पावन मानी जाती है। धार्मिक तौर पर पूर्णिमा को स्नान दान का बहुत अध...

और पढ़ें ➜

निर्जला एकादशी ...

हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष में 24 एकादशियां आती हैं। लेकिन अधिकमास की एकादशियों को मिलाकर इनकी संख्या 26 हो जाती है। सभी एकादशियों पर हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले भगवान विष्णु क...

और पढ़ें ➜