Skip Navigation Links
प्रपोज डे – जानें कैसे किया जाता है प्यार का इजहार


प्रपोज डे – जानें कैसे किया जाता है प्यार का इजहार

वैलेंटाइन्स वीक की शुरुआत आपने अपने चाहने वाले को पसंदीदा गुलाब का फूल देकर कर ली होगी। जो पहले से प्रेमपाश में बंधा है उन्होंनें अपने पहले वैलेंटाइन वीक की यादों को ताजा किया होगा। जिन्होंने गुलाब देकर दोस्ती की शुरुआत की है और वे चाहते हैं यह दोस्ती अब प्यार में बदल जाये तो इसके लिये वैलेंटाइन्स वीक का दूसरा दिन बहुत खास है। जी हां यही वो दिन है जिसमें आप अपने दिल की बात अपने साथी को कहते हैं। इसलिये तो इस दिन को कहते हैं प्रपोज डे।

अपने दिल की बात कहना बहुत मुश्किल होता है। अक्सर दिल की बात किसी खास मौके पर ही की जाती है और प्रपोज डे से बेहतर दिन भला दिल की बात रखने का कौनसा होगा। लेकिन सिर्फ किसी के सामने सिर्फ अपने दिल की बात रखने से जरूरी नहीं है कि वह आपके प्रपोजल को स्वीकार कर ले इसलिये अपने प्यार का इजहार करते समय कुछ खास बातों का ध्यान जरुर रखना चाहिये। कौनसी बातें? चलिये बताते हैं।

सबसे पहले तो यही कि प्यार कोई खेल नहीं है और ना ही अपने प्यार को पाना इतना आसान है कि सिर्फ प्रपोज डे पर आपके आइ लव यू भर कहने से आपको लव यू टू सुनाई दे। इसलिये प्यार के इजहार से पहले जरुरी है आप जिसे चाहते हैं उनके दिल में अपने लिये एक खास जगह बनाना। और वो जगह तभी बनेगी जब आप उनके आस-पास रहें। उनकी खुशी उनके गम में उनके साथ रहें। उन्हें कोई कांटा भी चुभे तो आप ही ऐसे शख्स हों जिसके सामने वह अपने दर्द को बयां कर उस दर्द की दवा चाहे। यदि ऐसा है तो आपको प्यार का इज़हार करने पर सकारात्मक जवाब मिलने की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं।

कई बार ऐसा भी होता है कि आप उनके दिल के काफी करीब हों लेकिन वह आपको सिर्फ एक अच्छा दोस्त ही समझे। तो ऐसे मामलों में आपको अपने साथी को कुछ और समय देना चाहिये। लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि आप अपने दिल की बात ही न कहें। अपने साथी को अपने दिल की बात जरुर कहें और उन्हें अहसास करायें कि आपके दिल में उनके लिये क्या अहसास हैं। अपनी बात इस तरीके से कहें कि उनकी भावनाओं को ठेस न पंहुचे और उन्हें पता भी चल जाये कि आप क्या सोचते हैं। इस तरह तुरंत न सही कुछ समय पश्चात दोस्ती प्यार में बदलने की संभावनाएं बन जाती हैं।

आज के दौर में अपने प्यार का इज़हार खाली हाथ न करें अपने साथी के लिये कोई प्यारा सा तोहफा जरूर लेकर जायें। अपने व्यक्तित्व को भी आकर्षक बनाकर उनके सामने जायें। अपना लुक ऐसा रखें जो आपके साथी को पसंद हो। मसलन उनकी पसंद के कपड़े, उनकी पसंद का हेयर स्टाइल आदि। प्यार का इज़हार करने के लिये जगह का चुनाव भी काफी मायने रखता है। एक ऐसी जगह चुनें जहां आप दोनों को सुकून मिलता हो। जहां आपकी यादें समाईं हों। आपकी पहली मुलाकात की जगह इनमें से एक हो सकती है। पहली बार आपने जहां साथ में बैठकर चाय, कॉफी ली हो, खाना खाया हो, जहां पहली बार आप अपने साथी के साथ कहीं घूमने गये हों। कहने का अभिप्राय कोई ऐसी खास जगह जो आप दोनों को पसंद हो वहीं पर अपने प्यार का इज़हार करें। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर प्यार का इज़हार जहां तक हो सके करने से बचें।

प्यार के मारे बहुत सारे ऐसे भी हैं जो खुलकर अपनी बात कहने में हिचकते हैं तो वे अपने दिल की बात किसी सुंदर से ग्रिटिंग कार्ड पर लिखकर भी साथी को सौंप सकते हैं। भले ही जमाना चैटिंग का आ गया हो लेकिन खत आज भी अपना काम बखूबी करते हैं। आप अपने दिल की बात साथी को कह पायें और आपको उनकी हां सुनने को मिले इन्हीं शुभकामनाओं के साथ प्यार के इज़हार का यह दिन (प्रपोज डे) मुबारक हो।

यदि आपके आपके प्यार के साथ बात बनती हुई नज़र नहीं आ रही तो हो सकता है आपकी कुंडली में कोई दोष हो, ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा हो। अपने प्रेम जीवन की समस्याओं का ज्योतिषीय निदान जानें देश भर के जाने-माने ज्योतिषाचार्यों से। अभी परामर्श करने के लिये लिंक पर क्लिक करें।

यह भी पढ़ें

वैलेंटाइन वीक – जानें राशिनुसार कैसा रहेगा आपका प्यार   |   रोज़ डे – गुलाब से करें वैलेंटाइन वीक की शुरुआत   |   प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2017   |  

कुंडली में प्रेम योग   |   कुंडली में विवाह योग   |   कुंडली में संतान योग   |   प्यार की पींघें बढानी हैं तो याद रखें फेंग शुई के ये लव टिप्स   |  

जानिये, दाम्पत्य जीवन में कलह और मधुरता के योग   |   पढ़ें अपनी प्रेम प्रोफाइल   |   पढ़ें साल की लव रिपोर्ट   |   दैनिक लव राशिफल   |   




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

माँ चंद्रघंटा - नवरात्र का तीसरा दिन माँ दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा विधि

माँ चंद्रघंटा - नव...

माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नामचंद्रघंटाहै। नवरात्रि उपासनामें तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह कापूजन-आरा...

और पढ़ें...
माँ कूष्माण्डा - नवरात्र का चौथा दिन माँ दुर्गा के कूष्माण्डा स्वरूप की पूजा विधि

माँ कूष्माण्डा - न...

नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कूष्माण्डा देवी के स्वरूप की ही उपासना की जाती है। जब सृष्टि की रचना नहीं हुई थी उस समय अंधकार का साम्राज्य था, तब द...

और पढ़ें...
दुर्गा पूजा 2017 – जानिये क्या है दुर्गा पूजा का महत्व

दुर्गा पूजा 2017 –...

हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। अलग अलग क्षेत्रों में अलग-अलग देवी देवताओं की पूजा की जाती है उत्सव मनाये जाते हैं। उत्त...

और पढ़ें...
जानें नवरात्र कलश स्थापना पूजा विधि व मुहूर्त

जानें नवरात्र कलश ...

 प्रत्येक वर्ष में दो बार नवरात्रे आते है। पहले नवरात्रे चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरु होकर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि ...

और पढ़ें...
नवरात्र में कैसे करें नवग्रहों की शांति?

नवरात्र में कैसे क...

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से मां दुर्गा की आराधना का पर्व आरंभ हो जाता है। इस दिन कलश स्थापना कर नवरात्रि पूजा शुरु होती है। वैसे ...

और पढ़ें...