Skip Navigation Links
रोज़ डे –  गुलाब से करें वैलेंटाइन वीक की शुरुआत


रोज़ डे – गुलाब से करें वैलेंटाइन वीक की शुरुआत

गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है। सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। प्रेम चाहे वह प्रेमिका के संबंध में हो या प्रियजनों के संबंध में उसकी अभिव्यक्ति के लिये गुलाब का फूल अच्छा माध्यम होता है। फरवरी का महीना एक रोमांटिक महीना माना जाता है। भारतीय परंपरा के अनुसार भी फरवरी के महीने में बंसत ऋतु का आगमन होता है और बंसत ऋतु को प्यार की ऋतु ही माना जाता है। क्योंकि यही वो समय होता है जब प्रकृति में निखार आ जाता है। हर और नवजीवन का संचार होने लगता है। ऐसे में जब वातावरण ही रोमांटिक हो तो व्यक्ति के स्वभाव में प्रेम अंकुरित होने लगता है। इसी कारण फरवरी में पूरा एक सप्ताह 7 फरवरी से लेकर 14 फरवरी यानि वैलेंटाइन डे तक प्रेम सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इसी प्रेम सप्ताह का पहला दिन होता है गुलाब के फूलों के नाम। इसलिये इसे अंग्रेजी में कहते हैं रोज़ डे यानि गुलाब दिवस। तो आइये जानते हैं गुलाब के इन फूलों का महत्व।

क्या आपकी कुंडली में हैं प्रेम के योग ? यदि आप जानना चाहते हैं देश के जाने-माने ज्योतिषाचार्यों से, तो तुरंत लिंक पर क्लिक करें।

वैसे तो सभी प्रकार के फूल कोमल होते हैं, लेकिन गुलाब के फूलों की खासियत यह है कि ये कांटों में पल-बढ़कर अपनी सुंदरता व कोमलता अर्जित करते हैं या कहें कांटों के बीच भी इनकी कोमलता प्रकृति की नेमत होती है। इसलिये गुलाब के फूलों से आप यह सबक ले सकते हैं कि जीवन में भले ही कितनी कठिनाइयां हों लेकिन यदि आपके पास प्यार है तो आपका जीवन गुलाब के फूलों के समान है जिनकी खुशबू से आपके प्रियजनों का जीवन महकता रहता है। जैसे जीवन में अनेक रंग होते हैं, अनेक रिश्ते होते हैं उन रिश्तों की मधुरता होती है वैसे ही गुलाब को प्रकृति ने अनेक रंग बख्शे हैं। समय के साथ-साथ अलग-अलग रंगों के गुलाब अलग-अलग रिश्तों के प्रतीक हो गये।

सफेद गुलाब – सफेद रंग का गुलाब शांति, शुद्दता और निस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। बिना किसी शर्त के किसी से प्यार करने वाले प्रेमि-प्रेमिका अपने चाहने वाले को सफेद गुलाब दे सकते हैं। इसके अलावा यदि किसी कारणवश आपका साथी आपसे नाराज़ है तो अपने मनमुटाव भुलाकर आप अपने साथी को एक प्यारा सा सफेद गुलाब देकर अपने प्यार की एक नई शुरुआत कर सकते हैं। प्यार ही नहीं अपने किसी भी संबंध में आप अपने संबंधी साथी से माफी मांगना चाहते हैं तो सफेद गुलाब देकर सॉरी बोलने अच्छा क्या हो सकता है।

पीला, गुलाब – हर रिश्ते की शुरुआत दोस्ती से हो तो अच्छा है। कहते हैं दोस्ती प्यार से भी बड़ी होती है। तो नये दोस्त बनाने के लिये आप उन्हें भेंट कर सकते हैं एक प्यारा सा, खिला हुआ, पीले रंग का गुलाब। लेकिन ध्यान रहे यदि दोस्ती करते समय आपका इरादा निहायत ही नेक होना चाहिये। यदि आप किसी बदनियत से किसी से दोस्ती करने के इच्छुक हैं तो गुलाब चुनते वक्त आपके हाथ में कांटा चुभ सकता है। कुल मिलाकर पीला गुलाब दोस्त को लेकर अपनी खुशी का इजहार करने के लिये अपने दोस्त को दे सकते हैं।

गुलाबी और नारंगी – जब भी किसी नये रिश्ते की बुनियाद रखी जाती है तो वह समय हर किसी के लिये बड़ा ही नाज़ुक होता है, रिश्ता भी उस समय कोमल माना जाता है। तो इसी कोमलता और नम्रता और एक नये रिश्ते का प्रतीक है गुलाबी गुलाब। तो आपमें से जो भी नये रिश्ते की शुरुआत करने जा रहे हैं वे अपने नये साथी को गुलाबी गुलाब देकर भेंट कर सकते हैं। साथ ही अपने साथी के प्रति अपना प्यार व उत्साह जताने के लिये आप दे सकते हैं उन्हें एक नारंगी गुलाब।

लाल गुलाब – वैसे तो सुर्ख़ लाल रंग किसी खतरे को बयां करता है लेकिन प्यार का खुबसूरत एहसास भी किसी ख़तरे से कम नहीं होता। इसलिये तो इसे किसी महान शायर ने आग का दरिया कहा है जिसमें से हर प्यार करने वाले को डूब कर गुजरना होता है। तो अपने प्यार के इज़हार के लिये अपने साथी को दें एक हसीन लाल गुलाब का फूल।

आप सभी के जीवन में प्यार की बयार बहती रहे... आपके प्यार की बगिया गुलाब के फूलों से महकती रहे। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ आप सभी को रोज़ डे से लेकर वैलेंटाइन डे तक के इस प्रेम सप्ताह की हार्दिक शुभकामनाएं।


यह भी पढ़ें

प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2018   |   कुंडली में प्रेम योग   |   कुंडली में विवाह योग   |   कुंडली में संतान योग

प्यार की पींघें बढानी हैं तो याद रखें फेंग शुई के ये लव टिप्स   |   जानिये, दाम्पत्य जीवन में कलह और मधुरता के योग

चॉकलेट डे  |   प्रपोज डे   |   टैडी डे   |   वैलेंटाइन वीक   |   प्रोमिस डे   |   हग डे   |   किस डे   |   वैलेंटाइन डे   |   क्यों मिलता है प्रेम में बार बार धोखा




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

कन्या राशि में बुध का गोचर -   क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव?

कन्या राशि में बुध...

राशिचक्र की 12 राशियों में मिथुन व कन्या राशि के स्वामी बुध माने जाते हैं। बुध बुद्धि के कारक, गंधर्वों के प्रणेता भी माने गये हैं। यदि बुध के प्रभाव की बात करें तो ...

और पढ़ें...
भाद्रपद पूर्णिमा 2018 – जानें सत्यनारायण व्रत का महत्व व पूजा विधि

भाद्रपद पूर्णिमा 2...

पूर्णिमा की तिथि धार्मिक रूप से बहुत ही खास मानी जाती है विशेषकर हिंदूओं में इसे बहुत ही पुण्य फलदायी तिथि माना जाता है। वैसे तो प्रत्येक मास की पूर्णिमा महत्वपूर्ण ...

और पढ़ें...
अनंत चतुर्दशी 2018 – जानें अनंत चतुर्दशी पूजा का सही समय

अनंत चतुर्दशी 2018...

भादों यानि भाद्रपद मास के व्रत व त्यौहारों में एक व्रत इस माह की शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाता है। जिसे अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। इस दिन अनंत यानि भगवान श्री हरि यान...

और पढ़ें...
परिवर्तिनी एकादशी 2018 – जानें पार्श्व एकादशी व्रत की तिथि व मुहूर्त

परिवर्तिनी एकादशी ...

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को व्रत, स्नान, दान आदि के लिये बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि एकादशी व्रत ...

और पढ़ें...
श्री गणेशोत्सव - जन-जन का उत्सव

श्री गणेशोत्सव - ज...

गणों के अधिपति श्री गणेश जी प्रथम पूज्य हैं सर्वप्रथम उन्हीं की पूजा की जाती है, उनके बाद अन्य देवताओं की पूजा की जाती है। किसी भी कर्मकांड में श्री गणेश की पूजा-आरा...

और पढ़ें...