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घर की बगिया लाएगी बहार


घर की बगिया लाएगी बहार

एक खूबसूरत-सा आशियाना और घर के आस पास सुंदर सजीली बगिया। ऐसा हरा भरा घर किसी के लिए भी एक सपने का सच होने जैसा ही है। नवग्रहों की शांति के लिए आपने पूरे मन से कई तंत्र-मन्त्र, जप-तप और स्नान-ध्यान किये होंगे ताकि जीवन में आने वाली मुसीबतों को दूर किया जा सके! लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे आस-पास मौजूद पेड़-पौधे हमारे वातावरण को शुद्ध और खूबसूरत तो बनाते ही हैं साथ ही नवग्रहों के साथ भी इनका गहरा रिश्ता होता है? हर किसी के जीवन में नवग्रहों का प्रभाव किसी न किसी रूप में ज़रूर पड़ता है। कुछ के लिए ये ग्रह सकारात्मक प्रभाव लेकर आते हैं तो किसी के जीवन में होता है इनका नकारात्मक असर। घर के आस-पास पेड़ लगा कर या इनकी पूजा कर आप ग्रहों के इन प्रभावों को अपने पक्ष में कर सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में उगाये गए वृक्ष न सिर्फ घर को आकर्षक बनाते हैं बल्कि सकारात्मक उर्जा का संचार भी करते हैं। हमारे देश में पेड़-पौधों के पूजन की परम्परा बहुत पुरानी है जिसका सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ता है।


आईये जानते हैं इन नौ ग्रहों और वृक्षों के बीच आपसी रिश्ते से जीवन को कैसे प्रभावशाली बनाया जा सकता है:

तुलसी मेरे आंगन की

शायद ही ऐसा कोई घर होगा जिसके आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा न हो। जिनका शुक्र ग्रह कमज़ोर है उन्हें रोज़ शाम को तुलसी के आगे दीप प्रज्वलित करना चाहिए। पारंपरिक और धार्मिक दृष्टिकोण से तुलसी का महत्व तो है ही साथ ही इसकी पत्तियों को औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है, जो कई रोगों से मुक्ति दिलाता है। तुलसी का पौधा घर के बीचोबीच रखना बहुत ही लाभदायक होता है और यह घर से नकारात्मक उर्जा को दूर कर वातावरण में सुख-शांति प्रदान करता है।


केले का वृक्ष देगा शुभ फल

शादी में आ रही है रूकावट? या घर की सुख-शांति में हो रहा है खलल? घर के पीछे की ओर लगायें केले का पौधा। यदि हम केले के पेड़ को किसी ग्रह के साथ जोड़ें तो यह बृहस्पति देवता का स्वरुप माना जाता है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए भी केले के पेड़ की पूजा की जाती है।


एक अनार कोई न होगा बीमार

तंत्र-मन्त्र के बाद भी नहीं दूर हो रही जीवन की मुश्किलें? राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव ने ज़िन्दगी को उलझा कर रख दिया है? तो ज़रूर लगाईये अनार का जादुई पौधा। अनार का पेड़ अगर घर के सामने लगाये तो बेहतर होगा। अनार के फूल को शहद में डुबो कर प्रत्येक सोमवार भगवान शिव को समर्पित करने से भारी से भारी कष्ट भी दूर होंगे।


शनि के प्रकोप से बचाएगा शमी

बनते काम भी बिगड़ रहे हैं? जीवन से कम नहीं हो रहा है कलेश? लगाईये शमी का पेड़ जिसमें सभी देवताओं का वास होता है और इसका सीधा सम्बन्ध शनि ग्रह से होता है। तो अगर करना है शनि देवता को खुश और बचना है उनके बुरे प्रभाव से तो करें शमी पौधे की पूजा-उपासना। शमी के पौधे को घर के मुख्य द्वार के बायीं ओर लगायें और नियमित रूप से सरसों के तेल का दीपक जलाएं। शनि की कृपा बनी रहेगी।



क्यों करते हैं पीपल की पूजा

लाख जतन कर लिये पर दूर नहीं हो रही है बीमारियाँ? नहीं मिल रहा है संतान का सुख? पीपल के पेड़ की करें पूजा और कर लें सभी ग्रहों को अपने पक्ष में। जी हाँ! बुध, शनि, और बृहस्पति ग्रह से गहरा नाता है पीपल के वृक्ष का। कहते हैं पीपल की नियमित पूजा करने, जल चढ़ाने और परिक्रमा करने से संतान दोष नष्ट होता है और बीमारियों से मिलता है निजात। पीपल का पेड़ यूँ तो बहुत विशाल होता है और घर के पास लगाने से यह घर की नींव को नुकसान पहुंचा सकता है पर इसे बोनसाई के रूप में घर के पिछले हिस्से में लगाया जाता है।


हरसिंगार लायेगा में बहार

घर पर नहीं पड़ रही है माँ लक्ष्मी की नज़र? धन की कमी ने बढ़ा दी है परेशानी? छोटे-छोटे फूलों वाला हरसिंगार का पेड़ दिलाएगा लाभ और इसकी अद्भुत सुगंध से मिलेगी दिल को ठंडक। इस पौधे के चन्द्र ग्रह से है जो अपने आप में ही शांति और ठंडक पहुँचाने वाला ग्रह है। इस पौधे को घर के बीचोबीच या पिछले हिस्से में लगाने से आर्थिक सम्पन्नता प्राप्त होती है। इसकी देखभाल में ज़रा भी कोताही न करें, इस पौधे के सूख जाने से मन पर बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है।


गुडहल करेगा मुश्किलों का हल

गुडहल का पौधा जीवन में यश और प्रसिद्धी तो लेकर आता ही है साथ ही इसके खूबसूरत लाल रंग के फूल आपके आँगन को और भी सुंदर बना देगा। गुडहल का पौधा सूर्य और मंगल ग्रह से जुड़ा हुआ है। रोज़ सुबह स्नान कर सूर्य को जल चढ़ाने से हड्डियों की समस्या से भी मुक्ति मिलती है। जीवन में मंगल ग्रह को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी को गुडहल का फूल अर्पित करें। यूँ तो गुडहल का पौधा घर में कहीं भी लगाने से पूरा लाभ मिलेगा लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसे पर्याप्त धूप मिले।

*इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर के अन्दर या आस-पास कांटेदार वृक्ष न लगायें। कांटेदार पौधा नकारात्मक उर्जा का संचार करता है।


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