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विवाह मुहूर्त 2018  - इस साल कब-कब हैं विवाह मुहूर्त


विवाह मुहूर्त 2018 - इस साल कब-कब हैं विवाह मुहूर्त

किसी भी काम की अच्छी शुरुआत व उस काम के परिणाम भी लाभदायक मिलें इसके लिए मान्यता है कि उस काम को शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। अब विवाह से बड़ा कार्य मनुष्य के जीवन में भला क्या हो सकता है। विवाह ही एक ऐसी परंपरा है, जिससे मानव प्रजाति व परिवार का विस्तार होता है। उसका पारिवारिक जीवन कितना खुशहाल होगा, जीवनसाथी कैसा होगा व संबंध किस तरह रहेंगें, यह सब दंपति की कुंडलियों के साथ-साथ जिस समय, जिस घड़ी, जिस लग्न में उनका विवाह हुआ है, उस समय ग्रहों की दशा पर भी निर्भर करता है। इसलिए तो विवाह के लिए कुंडली मिलान से लेकर सात फेरे लेने तक के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाया जाता है।

मुहूर्त भी दो प्रकार के होते हैं एक वे जिनमें आपको किसी से कुछ भी पूछने की जरुरत नहीं होती आप निश्चिंत होकर अपने मांगलिक कार्यों का आयोजन कर सकते हैं उन्हें अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। तो वहीं कुछ ऐसे मुहूर्त भी होते हैं जिनमें आपको ग्रह नक्षत्रों के शुभाशुभ होने पर विचार करना पड़ता है। अपने इस लेख में हम विवाह संबंधी दोनों प्रकार के मुहूर्त को बता रहे हैं। पहले जानते हैं अबूझ मुहूर्त के बारे में।


क्या है अबूझ मुहूर्त?

साल भर में वैसे तो कई दिन होते हैं जिनमें आप शुभ मुहूर्त देखकर विवाह कर सकते हैं। लेकिन कुछ मुहूर्त ऐसे होते हैं जिनमें आप बिना मुहूर्त देखे भी विवाह कर सकते हैं। ये दिन किसी भी तरह के मांगलिक कार्य के लिये बहुत ही शुभ माने जाते हैं व इन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है।


2018 में विवाह के अबूझ मुहूर्त


साल 2018 में पड़ने वाले अबूझ मुहूर्त निम्न हैं

मकर संक्रांति – मकर संक्रांति का त्यौहार मांगलिक आयोजन के लिये बहुत ही शुभ माना जाता है। हर वर्ष 14 जनवरी को यह त्यौहार मनाया जाता है। दरअसल इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। खरमास की समाप्ति होने पर नये सौर मास का आरंभ होता है। चूंकि सूर्य दक्षिणायन से उतरायण की ओर बढ़ेगा जो कि हर कार्य के लिए मंगलकारी होता है और शुभ कार्यों के बंद द्वार को खोलता है। इसलिये यह दिन एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है अर्थात आप इस दिन बिना निश्चिंत होकर विवाह कर सकते हैं।


बसंत पंचमी - बंसंत पंचमी के दिन को कई महापुरुषों की जयंति के रुप में भी मनाया जाता है। बंसंत पंचमी के आगमन का तात्पर्य जीवन में नई उर्जा, नई स्फूर्ति के अंकुर फूटना होना है। बंसंत ऋतु को वैसे भी प्रेम की रुत कहा जाता है। अत: बसंत पंचमी का दिन भी विवाह जैसे मांगलिक कार्य के लिए बहुत ही शुभ है। 2018 में बंसत पंचमी 22 जनवरी को है।


चैत्र प्रतिपदा से रामनवमी - हिंदू नव वर्ष की शुरुआत यानि चैत्र मास की प्रतिपदा से लेकर रामनवमी तक की तिथियां विवाह के लिये शुभ मानी जाती हैं, इन तिथियों को चैत्र या वासंती नवरात्र के रूप में भी मनाया जाता है। नवमी तिथि को भगवान श्री राम के जन्मदिन के रुप में मनाये जाने के कारण रामनवमी कहा जाता है इसलिये यह दिन मांगलिक कार्यों के लिये विशेष रूप से कल्याणकारी माना जाता है। इस दिन भी आप अपने प्रियतम के साथ अग्नि के सात फेरे ले सकते हैं। 2018 में चैत्र या कहें वासंती नवरात्र 18 से 26 मार्च तक होंगे। रामनवमी का त्यौहार 25 मार्च को मनाई जायेगी।


बैसाखी – हर वर्ष 13 अप्रैल को बैसाखी का त्यौहार मनाया जाता है। इसी दिन सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में दाखिल होता है जिसे बहुत शुभ माना जाता है अत: इस दिन को भी आप शुभ मुहूर्त मानकर विवाह कर एक नए जीवन की शुरुआत कर सकते हैं।


अक्षय तृतीया – अक्षय तृतीया को अखा तीज के नाम से भी जाना जाता है इस दिन को भी अबूझ मुहूर्त के रूप में जाना जाता है। यह तिथि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 2018 में 18 अप्रैल को है।


शारदीय नवरात्र से दशहरा – शारदीय नवरात्र के प्रथम नवरात्र से लेकर दशहरे तक के दिन भी विवाह के लिये शुभ माने जाते हैं। दशहरे का दिन तो विशेष रूप से शुभ फलदायी माना जाता है। इस दिन को भी आप आंख मूंद कर विवाह के लिये शुभ मान सकते हैं। 2018 में शारदीय नवरात्र 10 से 19 अक्तूबर तक रहेंगें। वहीं 2018 में दशहरा 19 अक्तूबर को है।


देवउठनी एकादशी – देवउठनी एकादशी का दिन भी विशेष रूप से विवाह के लिये मंगलकारी है। इस दिन चतुर्मास के बाद भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं इसलिये यह तिथि अबूझ मुहूर्त मानी जाती है। इससे पहले मांगलिक कार्यों के आयोजन लगभग बंद होते हैं। इसी दिन से शुभ कार्यों के बंद दरवाजे खुलते हैं। 2018 में देवउठनी एकादशी की शुभ तिथि 19 नवंबर को है।


विवाह केअन्य मूहूर्त - तारा अस्त होने के चलते 3 फरवरी तक विवाह का कोई मंगल मुहूर्त नहीं है विवाह के लिये फरवरी में 24 व 25 तारीख को शहनाइयों की गूंज सुनाई दे सकती है। इसके पश्चात मार्च में 1, 5, 6, 8, 10 व 12 मार्च को विवाह के लिये शुभ दिन माना जा रहा है। अप्रैल माह में 18, 19, 20, 24, 25, एवं 27 से 30 तारीख तक विवाह किये जा सकते हैं। मई में 1, 4, 5, 6, 11, और 12 तारीख को भी विवाह के मुहूर्त हैं। 18, 21, 23, 25, 27 और 28 जून को भी विवाह होंगे। जुलाई में 5, 10 और 11 तारीख को ही विवाह संपन्न किये जा सकते हैं।  

आपको बतादें कि फरवरी माह के उतर्राध से लेकर जुलाई माह के पूर्वाध तक विवाह के मुहूर्त हैं लेकिन इसके पश्चात नवंबर के उतर्राध में जाकर ही शादी के शुभ मुहूर्त निकलेंगें। 


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