एस्ट्रो लेख

हिंदू क्यों करत...

शंख हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है। जैसे इस्लाम में अज़ान देकर अल्लाह या खुदा का आह्वान किया जाता है उसी तरह हिंदूओं में शंख ध्वनि से भी देवताओं का आह्वान किया जाता है।...

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श्री कृष्ण - भक...

बचपन से लेकर मृत्यु तक यदि किसी देवता का जीवन चमत्कारों से भरा है तो वो हैं स्वंय भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री कृष्ण जी। जो कभी सखा तो कभी प्रेमी कभी रक्षक तो कभी मार्गदर्शक बन...

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गणेश परिवार की ...

भगवान गणेश विघ्नहर्ता माने जाते हैं। किसी भी कार्य के करने से पहले सर्वप्रथम भगवान गणेश का नाम लिया जाता है यहां तक शुरुआत करने को ही श्री गणेश कहा जाता है। गणपति की महिमा को सभी ज...

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सुख समृद्धि और ...

प्रभु श्री राम के भक्त हनुमान की महिमा को तो सभी जानते हैं। बजरंग बलि हनुमान संकट मोचन कहलाते हैं। उन्हें प्रसन्न करने के अनेक माध्यम हैं। इन्हीं में एक है हनुमान चालीसा। आइये जानत...

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भगवान विष्णु को...

वैसे तो पूरे भारतवर्ष को ही तीर्थों का स्थल कहा जाये तो कुछ भी गलत नहीं होगा। चूंकि हिंदू धर्म के मानने वालों की संख्या बहुतायत में है इसलिये हिंदुओं की आस्था के केंद्र भी अधिक मिल...

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शुभ मुहूर्त - क...

कौन नहीं चाहता कि जो भी काम वह करे उसमें सफलता हासिल हो और उसके सकारात्मक परिणाम मिलेंं। आप भी जब किसी कार्य की शुरुआत करने के बारे में सोचते हैं तो समय और परिस्थितियों का आकलन करत...

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शनिदेव - क्यों ...

शनिदेव जिन्हें आम तौर पर क्रूर माना जाता है असल में वे वैसे हैं नहीं वे तो न्याय प्रिय देवता हैं जो पापियों को उनके पाप का दंड देते हैं। ज्योतिष के अनुसार शनिदेव और सूर्यदेव की आपस...

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रामेश्वरम धाम –...

चार दिशाओं में स्थित चार धाम हिंदुओं की आस्था के केंद्र ही नहीं बल्कि पौराणिक इतिहास का आख्यान भी हैं। जिस प्रकार धातुओं में सोना, रत्नों में हीरा, प्राणियों में इंसान अद्भुत होते ...

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स्वस्तिक – बहुत...

हिंदू धर्म में बहुत सारे देवी-देवता हैं और इन देवी-देवताओं के बहुत सारे प्रतीक चिन्ह भी हैं। इसी प्रकार तमाम देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिये मंत्र भी हैं। इसी प्रकार ऊं की ध्व...

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कुंडली में ये श...

भले ही विज्ञान ग्रहों को सिर्फ सौर परिवार का हिस्सा मानता हो, लेकिन ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से ये सिर्फ सौर परिवार का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि समस्त चराचर जगत की गतिविधियां इनसे प्र...

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भैरव जयंती – भै...

क्या आप जानते हैं कि मार्गशीर्ष मास की कालाष्टमी को कालाष्टमी क्यों कहा जाता है? इसी दिन भैरव जयंती भी मनाई जाती है क्या आप जानते हैं ये भैरव हैं कौन और इनकी कहानी क्या है? भैरव जय...

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बुधवार को गणेश ...

हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश जी को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की ही पूजा की जाती अनिवार्य बताई गयी है। देवता भी अपने क...

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स्वस्तिक से मिल...

हर मांगलिक कार्य पर जिस स्वस्तिक की रचना हल्दी कुमकुम और सिंदूर से की जाती है, जिसे सतिया भी कहा जाता है जिसे भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है और जिसमें समस्त देवी-देवताओं के वास ...

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शनि दोष – जब पड...

शनि यानि शनिश्चर ग्रह की छवि एक क्रूर ग्रह की बनी हुई है। इसका कारण भी वाज़िब है क्योंकि जब शनि की मार पड़ती है तो अच्छे-अच्छों की हालत पतली हो जाती है। हालांकि शनि न्यायप्रिय देवत...

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अमेरिकी चुनाव -...

अमेरिकी राष्ट्रपति को दुनिया का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता है क्योंकि पूरी दुनिया में अमेरिका का वर्चस्व कायम है। इसलिये अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव भी पूरी दुनिया के ल...

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टाटा नहीं सूर्य...

सायरस मिस्त्री को जब टाटा का चेयरमेन बनाया गया था तब वे अचानक सुर्खियों में आ गये थे। हालांकि उस समय उन्हें यह कार्यभार 30 सालों के लिये सौंपा गया था लेकिन रतन टाटा के अनुसार मिस्त...

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इस दिशा में दीप...

धार्मिक लोगों की अपने इष्ट देवी-देवताओं में गहरी आस्था होती है। अपने इष्ट को प्रसन्न करने के लिये हर धार्मिक रीति-रिवाज़ को पूरा करने के अपने-अपने विधान भी हैं। हिंदू धर्म में खासक...

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ना करें ऐसी नाद...

अक्सर लोग दान-पुण्य को बहुत ही पुण्य का कार्य मानते हैं और यह होता भी है लेकिन दान करना भी कभी-कभी नुक्सानदायक हो सकता है। इसी प्रकार शादी नहीं हो रही या धन में वृद्धि नहीं हो रही ...

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मंत्र करते हैं ...

मंत्र सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करते हैं। मंत्रोच्चारण के बाद आप भी कई बार अपने अंदर एक आध्यात्मिक शांति महसूस करते होंगे। इसका कारण यही है कि जो...

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द्वारकाधीश मंदि...

गुजरात के अहमदाबाद से लगभग 380 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है द्वारका। वही द्वारका जो हिंदुओं की आस्था के प्रसिद्ध केंद्र चार धामों में से एक है। वही द्वारका जिसे द्वारकापुरी कहा जात...

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