बृहस्पति का सिंह राशि में वक्री 2026: वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति को गुरु ग्रह भी कहा जाता है। इन्हें ज्ञान, शिक्षा, धन, विवाह और भाग्य से जोड़कर देखा जाता है। जब बृहस्पति वक्री होते हैं, तो पुराने कामों और फैसलों पर दोबारा सोचने का समय आ सकता है।
सिंह राशि में बृहस्पति के वक्री होने से कुछ लोगों को नौकरी, परिवार, पैसे और रिश्तों से जुड़ी पुरानी बातों पर ध्यान देना पड़ सकता है। किसी का अधूरा काम पूरा हो सकता है, तो किसी को अपनी गलतियों से सीखने का मौका मिल सकता है।
इस दौरान किसी भी बड़े फैसले को लेने में जल्दबाजी न करें। पहले अच्छी तरह सोचें और फिर आगे बढ़ें। ध्यान रखें कि हर राशि पर इसका असर अलग हो सकता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026 को कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 13 दिसंबर 2026, रविवार को सुबह 06:25 बजे बृहस्पति वक्री होंगे। फिर 25 जनवरी 2027 को वक्री अवस्था में ही वापस कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
बृहस्पति की वक्री चाल का असर नौकरी, पढ़ाई, धन, परिवार और रिश्तों पर पड़ सकता है। कुछ लोगों को पुराने काम पूरे करने का मौका मिल सकता है, तो कुछ को अपने फैसलों पर दोबारा सोचने की जरूरत पड़ सकती है। यह भविष्यवाणियां आपके कुंडली की लग्न राशि के अनुसार दी गई हैं। आइए जानते हैं कि आपकी राशि पर इसका क्या असर हो सकता है और आप कौन से आसान उपाय कर सकते हैं।
प्रिय मेष राशि वालों, बृहस्पति आपके पांचवें भाव यानी प्रेम, संतान और शिक्षा के भाव में वक्री होंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान प्रेम संबंधों, पढ़ाई और संतान से जुड़े पुराने मामलों पर दोबारा ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।
यदि प्रेम संबंध में पहले कोई परेशानी हुई थी, तो उस पर फिर से बातचीत हो सकती है। अपने साथी की बात सुनें और छोटी-छोटी बातों पर बहस करने से बचें। यदि आप किसी रिश्ते को लेकर असमंजस में हैं, तो जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय समय लें।
विद्यार्थियों को पुराने विषय दोहराने और पढ़ाई के तरीके में सुधार करने का मौका मिल सकता है। संतान से जुड़े मामलों में भी अधिक समय देने की जरूरत हो सकती है। कोई नया रचनात्मक काम शुरू करने से पहले उसकी योजना अच्छी तरह बना लें।
उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें या पढ़ाई का सामान दान करें।
प्रिय वृषभ राशि वालों, बृहस्पति आपके चौथे भाव यानी घर, परिवार और संपत्ति के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान घर-परिवार से जुड़े पुराने मामले फिर सामने आ सकते हैं। मकान, जमीन या घरेलू सुख से जुड़े फैसलों पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
यदि घर की मरम्मत, जमीन या मकान से जुड़ा कोई काम अधूरा है, तो उसे पूरा करने की योजना बना सकते हैं। संपत्ति खरीदने या बेचने की सोच रहे हैं, तो कागजात और शर्तों को अच्छी तरह जांचें।
परिवार में किसी पुरानी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। ऐसे में गुस्सा करने के बजाय शांति से बातचीत करें। घर और काम के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें, ताकि आप अपने लिए भी समय निकाल सकें।
उपाय: गुरुवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन या पीली दाल दान करें और परिवार के बड़ों का सम्मान करें।
प्रिय मिथुन राशि वालों, बृहस्पति आपके तीसरे भाव यानी बातचीत, भाई-बहन और छोटी यात्राओं के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान पुराने मतभेद सुलझाने, बातचीत में सुधार करने और अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान देना पड़ सकता है।
भाई-बहन या किसी करीबी व्यक्ति के साथ पुरानी गलतफहमी फिर सामने आ सकती है। किसी की बात का गलत मतलब निकालने से बचें और अपनी बात साफ तरीके से कहें।
लेखन, मीडिया, पढ़ाई या मार्केटिंग से जुड़े लोगों को पुराने काम में सुधार करने का मौका मिल सकता है। यदि कोई योजना पहले पूरी नहीं हो पाई थी, तो उसे दोबारा शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। छोटी यात्रा की योजना बनाते समय जरूरी कागजात और दूसरी चीजें पहले से तैयार रखें।
उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें या कॉपियां दान करें।
प्रिय कर्क राशि वालों, बृहस्पति आपके दूसरे भाव यानी धन, बचत और परिवार के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान पुराने आर्थिक फैसलों की समीक्षा करने, बचत पर ध्यान देने और परिवार से जुड़ी गलतफहमियां दूर करने का मौका मिल सकता है।
यदि आप पैसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं, तो अपनी कमाई और खर्च का हिसाब रखें। किसी पुराने भुगतान या आर्थिक जिम्मेदारी को पूरा करने पर ध्यान देना पड़ सकता है। बिना जरूरत खरीदारी करने या जल्दबाजी में निवेश करने से बचें।
परिवार में पैसों को लेकर कोई पुरानी बात फिर सामने आ सकती है। इस दौरान बोलते समय शब्दों का ध्यान रखें। शांत तरीके से अपनी बात रखने से गलतफहमी दूर करने में मदद मिल सकती है।
उपाय: गुरुवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन या पीली दाल दान करें और बातचीत में संयम रखें।
प्रिय सिंह राशि वालों, बृहस्पति आपके लग्न भाव यानी पहले भाव में ही वक्री होंगे। यह भाव आपके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, व्यवहार और जीवन के प्रति नजरिए से जुड़ा होता है। इस दौरान आप अपने जीवन और भविष्य के बारे में अधिक सोच सकते हैं।
आपको लग सकता है कि कुछ पुरानी आदतों को बदलने या अपने लक्ष्यों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। नौकरी, कारोबार या निजी जीवन में कोई बड़ा फैसला लेने से पहले उसके सभी पहलुओं को समझें।
आप अपने व्यवहार और दूसरों के साथ अपने रिश्तों को भी नए नजरिए से देख सकते हैं। अपनी बात रखने के साथ दूसरों की राय सुनना भी जरूरी होगा। खुद पर भरोसा रखें, लेकिन अपनी गलतियों को स्वीकार करने से पीछे न हटें।
उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंद लोगों को भोजन या पढ़ाई का सामान दान करें।
प्रिय कन्या राशि वालों, बृहस्पति आपके बारहवें भाव यानी खर्च, विदेश और एकांत के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान पुराने खर्चों का हिसाब देखने, विदेश से जुड़े अधूरे काम पूरे करने और अपनी दिनचर्या पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है।
यदि आप विदेश जाने या लंबी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सभी जरूरी कागजात और तारीखें अच्छी तरह जांच लें। अपने खर्चों पर नजर रखें और बिना जरूरत पैसा खर्च करने से बचें।
इस दौरान आपको कुछ समय अकेले बिताने या अपने मन की बातों पर विचार करने की इच्छा हो सकती है। मन को शांत रखने के लिए ध्यान, प्रार्थना या अपनी पसंद के कामों के लिए समय निकालें। यदि कोई परेशानी लंबे समय से चल रही है, तो उसे सुलझाने के लिए सही सलाह लें।
उपाय: गुरुवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन या पीले फल दान करें और कुछ समय प्रार्थना के लिए निकालें।
प्रिय तुला राशि वालों, बृहस्पति आपके ग्यारहवें भाव यानी आय, लाभ और मित्रों के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान पुराने आर्थिक लक्ष्यों की समीक्षा करने, अधूरी योजनाओं पर दोबारा काम करने और मित्रों से जुड़े मामलों को सुलझाने का मौका मिल सकता है।
किसी पुराने दोस्त से फिर संपर्क हो सकता है या किसी अधूरी योजना को दोबारा शुरू करने का विचार आ सकता है। यदि आपकी कोई आर्थिक योजना उम्मीद के अनुसार नहीं चल रही है, तो उसकी समीक्षा करें।
किसी मित्र की सलाह पर जल्दबाजी में निवेश न करें। अपनी कमाई, खर्च और भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर फैसले लें। किसी भी नए काम में आगे बढ़ने से पहले उसकी पूरी जानकारी जुटाएं।
उपाय: गुरुवार के दिन जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें या पढ़ाई का सामान दान करें और अपने लक्ष्यों की योजना बनाएं।
प्रिय वृश्चिक राशि वालों, बृहस्पति आपके दसवें भाव यानी नौकरी, कारोबार और कामकाज के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान करियर से जुड़े पुराने मामलों पर दोबारा ध्यान देना पड़ सकता है। अधूरे काम पूरे करने और काम करने के तरीके में सुधार करने का अवसर मिल सकता है।
यदि आप नौकरी बदलने या कारोबार में कोई बड़ा कदम उठाने की सोच रहे हैं, तो सभी विकल्पों पर विचार करें। अपने काम की गुणवत्ता बढ़ाने और नई चीजें सीखने पर ध्यान दें।
कार्यक्षेत्र में किसी सहकर्मी या अधिकारी के साथ मतभेद होने पर शांत रहकर अपनी बात समझाएं। कोई नया समझौता करने से पहले उसकी शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें।
उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और जरूरतमंद लोगों को भोजन दान करें।
प्रिय धनु राशि वालों, बृहस्पति आपके नौवें भाव यानी भाग्य, उच्च शिक्षा और धर्म के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान पढ़ाई, लंबी यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर दोबारा विचार करने की जरूरत हो सकती है।
यदि आप किसी कोर्स में दाखिला लेने या लंबी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो उससे जुड़ी जरूरी जानकारी और कागजात जांच लें। विद्यार्थियों को पुराने विषय दोहराने और पढ़ाई की योजना सुधारने पर ध्यान देना पड़ सकता है।
किसी शिक्षक या अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है। धार्मिक कामों में भी आपकी रुचि बढ़ सकती है। हालांकि, केवल भाग्य के भरोसे न रहें। अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए मेहनत और सही योजना पर ध्यान दें।
उपाय: गुरुवार के दिन गुरुजनों का सम्मान करें और जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाई की सामग्री दान करें।
प्रिय मकर राशि वालों, बृहस्पति आपके आठवें भाव यानी साझा धन, कर्ज और अचानक होने वाले बदलावों के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान पुराने आर्थिक मामलों की जांच करने और बीमा, कर्ज या साझा पैसों से जुड़े कागजात ध्यान से देखने की जरूरत हो सकती है।
यदि कोई कर्ज या भुगतान बाकी है, तो उसका हिसाब ठीक से रखें। बीमा, निवेश या साझा पैसों से जुड़े कागजात ध्यान से पढ़ें। किसी भी आर्थिक फैसले में जल्दबाजी करने के बजाय सभी जरूरी जानकारी जुटाएं।
इस दौरान किसी पुरानी समस्या को सुलझाने पर भी ध्यान देना पड़ सकता है। परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय उसका हल खोजने की कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर किसी जानकार व्यक्ति की सलाह लें।
उपाय: गुरुवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन या पीली दाल दान करें और आर्थिक मामलों में सावधानी रखें।
प्रिय कुंभ राशि वालों, बृहस्पति आपके सातवें भाव यानी विवाह, जीवनसाथी और कारोबार में साझेदारी के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान रिश्तों में पुरानी गलतफहमियां दूर करने और साझेदारी से जुड़े समझौतों की समीक्षा करने का मौका मिल सकता है।
यदि आपके साथी के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव है, तो बातचीत से उसे सुलझाने की कोशिश करें। एक-दूसरे की बात सुनें और अपनी उम्मीदों को साफ तरीके से बताएं। किसी भी रिश्ते में केवल अपनी बात पर जोर देने के बजाय दूसरे व्यक्ति की भावनाओं को समझना भी जरूरी है।
यदि आप किसी के साथ मिलकर कारोबार करते हैं, तो पुराने समझौतों की समीक्षा करें। कोई नया समझौता करने से पहले उसकी शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें। रिश्तों में भरोसा बनाए रखने के लिए ईमानदारी और आपसी समझ पर ध्यान दें।
उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और अपने रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखें।
प्रिय मीन राशि वालों, बृहस्पति आपके छठे भाव यानी नौकरी, रोजमर्रा की जिम्मेदारियों और स्वास्थ्य के भाव में वक्री होंगे। इस दौरान पुराने काम पूरे करने, कर्ज से जुड़े मामलों की समीक्षा करने और अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाने पर ध्यान देना पड़ सकता है।
यदि कोई काम लंबे समय से अधूरा है, तो उसे पूरा करने की योजना बनाएं। नौकरी में किसी सहकर्मी के साथ परेशानी हो, तो शांतिपूर्वक बात करें। अपने काम समय पर पूरा करने के लिए दिनचर्या को व्यवस्थित रखें।
पैसों से जुड़े पुराने भुगतान या कर्ज पर भी ध्यान दें। अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें। यदि कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लें। ग्रहों की स्थिति को बीमारी का निश्चित कारण नहीं मानना चाहिए।
उपाय: गुरुवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन दान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।