पुरूषों के लिए योग

योग (Yoga) आज के समय की बहुत बड़ी मांग है। भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम अपने सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। जिसके चलते हम मोटापे व तनाव जैसे कई समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। इनसे बचने के लिए योग का सहारा लिया जाता है। योग आपके विकास में भी काफी सहयोग करता है। ऐसे में योग का अभ्यास करना और भी आवश्यक हो जाता है। इस लेख में हम आपको योग के कुछ आसनों से साथ उनके लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके लिए काफी लाभदायक साबित होगा। सबसे पहले हम जान लेते हैं कि योग की महत्ता क्या है? तो आइये जानते हैं –

योग क्यों है महत्वपूर्ण?

योग क्यों महत्वपूर्ण है? यह आपके मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही आपके शरीर में सही स्तर का लचक लेकर आता है। वजन आपका सही रहता है। साथ ही आपको चिंता व तनाव से मुक्ति दिलाता है। योग करने से शरीर में प्राणवायु की मात्रा सही रहती है। जिससे रक्त का संचार सही तरीके से हो पाता है। इससे आपका रक्त चाप भी बेहतर रहता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। कुल मिलाकर योग आपको सेहमंद बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पुरूषों के लिए योगासन

यहां हम कुछ आसनों के बार में जानकारी देने जा रहे हैं जो आपके लिए काफी लाभप्रद होंगे। जिनका अभ्यास कर आप सेहतमंद व फिट रहेंगे। जिससे आप अपने कार्यों को करने में सफल होंगे। तो आइये जानते हैं योगासनों के बारे में –

कपालभाति

पुरूषों को कपालभाति (Kapalbhati) जरूर करना चाहिए। इससे वे ना सिर्फ फिट रहेंगे बल्कि पेट संबंधी समस्‍याओं से भी आपको राहत मिलेगी। कपालभाति क्रिया से सांस संबंधी समस्याओं से भी निजात मिलती है। इस क्रिया में आपको तेजी से एक निश्चित गति पर सांस लेना अथवा बाहर छोड़ता है। इस बात का ध्यान रखें की इसे करने समय पेट को अंदर की ओर भींचना हैं। इस आसन के लाभ की बात की जाए तो पुरूषों के लिए काफी फ़ायदेमंद है। इससे आपके बाल झड़ना बंद हो जाते हैं।

पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana )

इस आसन को करने के लिए सुखासन में बैठना है। इसके बाद पैरों को आगे की ओर फैलाएं। फिर आगे की ओर लेटते हुए हाथ से पैर के पंजों को छूना है। पश्चिमोत्तानासन पुरूषों के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है। इसे करने से एकाग्रता बढ़ती है और इनके अंदर की चंचलता स्थिर होती है। मन पर नियंत्रण मिलता है। जिससे आप किसी भी कार्य में अच्छे से ध्यान लगाने में सफल होते है और आपके प्रदर्शन में सुधार होता है।

धनुरासन (Dhanurasana)

धनुरासन के नाम से ही प्रतीत होता है कि यह आसन धनुष के समान आकार लेता होगा। इस आसन को करन के लिए पेट बल लेट जाएं इसके अपने दोनों हाथों से पैर के टखने को पकड़े और उसे ताने, जितना हो सके उतना खींचाव डालने की कोशिश करें। जिन जातकों को डायबिटीज़ की शिकायत है उनके एक्सरसाइज लिस्ट में जरूर यह शामिल होना चाहिए। धनुरास शरीर में इंसुलीन के स्तर को बढ़ाने मे मदद करता है। यह पेट की समस्याओं के लिए भी फायदेमंद है। रीढ़ की हड्डी में लचक लाता है। साथ ही ये कूल्हों, जांघ और कंधों के लिए भी अच्छा है।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana)

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने के लिए आपको सुखासन बैठने के बाद अपना दाया पैर उठाकर बाएं पैर से घुटने के पीछे रख दें इसके बाद दाहिने हाथ को पीछे जमीन पर रखें अब बाएं हाथ से दाहिने पैर के अंगूठे को पकड़ें और कुछ समय इसी स्थिति में बने रहें। इस आसन को करने से गुर्दे, अग्न्याशय, छोटी आंत और लीवर के साथ डायबिटीज़ में काफी राहत मिलता है। मासपेशियों के दर्द छुटकारा मिलता है। कमर दर्द है तो इस आसन को जरूर करना चाहिए।

शवासन (Shavasana)

इन सभी आसनों को करने के बाद शरीर का थकना निश्चित है। ऐसे में आसन करने के बाद शरीर को पूरी तरह आराम देना अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है। ऐसे में शवासन से बेहतर कोई और आसन हो ही नहीं सकता है। इस आसन में करीब 15 मिनट तक खुद को बनाए रखना होता है। इससे आपके मांसपेशियों को राहत मिलती है। योगाभ्यास करने से मांसपेशियों में तनाव आ जाता है। शवासन का अभ्यास करने से मांसपेशियाँ रीपेयर होती हैं। शरीर को नव ऊर्जा का संचार होता है। 

 

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