Skip Navigation Links
हिंदू पंचांग मास 2018 – हिंदू मास के नाम व तिथियां


हिंदू पंचांग मास 2018 – हिंदू मास के नाम व तिथियां

यदि आपसे पूछा जाये कि महीनों के नाम बताओ तो आपके जहन में झट से जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल आदि 12 महीनों के नाम आ जायेंगें लेकिन क्या आप जानते हैं यह माह तो अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष के माह हैं। भारतीय पंचांग के अनुसार महीनों के नाम क्या हैं? कब कौनसा माह आरंभ हो रहा है? भारतीय कैलेंडर का पहला महीना कौनसा होता है? इन सब सवालों के जवाब आपको इस लेख में मिलेंगें।


क्या हैं भारतीय माह और कैसे होता है निर्धारण

भारतीय या कहें हिंदू पंचांग के अनुसार भी महीनों की संख्या 12 ही होती है। लेकिन भारतीय वर्ष कैलेंडर में काफी विविधताएं मिलती हैं। चंद्र वर्ष व सूर्य वर्ष दोनों के माह अलग अलग होते हैं। सूर्य मास जहां राशियों में सूर्य की संक्रांति से आरंभ होता हैं वहीं चंद्र मास पूर्णिमांत और अमांत दो प्रकार के होते हैं। भारतीय महीनों के नामों का निर्धारण नक्षत्रों के नाम पर हुआ है। माह की पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है उसी के आधार पर महीनों के नाम रखे गये हैं। हिंदू नववर्ष का आरंभ चैत्र मास से होता है तो वर्षांत फाल्गुन से।


मास व तिथि

हिंदू मास 30 तिथियों का होता है। पूर्णिमा व अमावस्या को छोड़कर सभी तिथियां दो बार आती हैं। पूर्णिमांत मास पूर्णिमा को समाप्त होता है तो अमांत मास का समापन अमावस्या को होता है। उत्तर भारत में पूर्णिमांत मास का प्रचलन अधिक है तो दक्षिण में अमांत की मान्यता अधिक है। प्रतिपदा मास की पहली तिथि होती है इसके पश्चात द्वितीया, तृतीया आदि चतुर्दशी तक चौदह तिथियां आती हैं पंद्रहवीं तिथि पूर्णिमा या अमावस की होती है। जिस समय चंद्रमा बढ़ते क्रम में होता है वह शुक्ल पक्ष कहलाता है तो वहीं घटते क्रम में चंद्रमा जब रहता है तो उसे कृष्ण पक्ष कहते हैं।


2018 में ज्येष्ठ मास में पड़ेगा अधिक मास

वर्ष 2018 में अधिक मास ज्येष्ठ मास में पड़ रहा है इसलिये ज्येष्ठ मास इस वर्ष कुछ अधिक समय तक रहेगा। ज्येष्ठ मास की वैसे तो शुरुआत 1 मई से हो रही है लेकिन इसी माह में अधिक मास की शुरुआत 16 मई से होगी जो 13 जून


2018 में हिंदू पंचांग मास कब से कब तक

माघ – 3 से 31 जनवरी 2018

फाल्गुन – 1 फरवरी से 1 मार्च 2018

चैत्र – 2 से 31 मार्च 2018

वैशाख – 1 से 30 अप्रैल

ज्येष्ठ (शुद्ध) – 1 मई से 28 जून 2018

ज्येष्ठ (अधिक) – 16 मई से 13 जून 2018

आषाढ़ – 29 जून से 27 जुलाई 2018

श्रावण – 28 जुलाई से 26 अगस्त 2018

भाद्रपद – 27 अगस्त से 25 सितंबर 2018

आश्विन – 26 सितंबर से 24 अक्तूबर 2018

कार्तिक – 25 अक्तूबर से 23 नवंबर 2018

मार्गशीर्ष – 24 नवंबर से 22 दिसंबर 2018

पौष – 23 दिसंबर 2018 से 21 जनवरी 2019


कौनसे उपाय आपके घर समृद्धि ला सकते हैं, जानें एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से, ज्योतिषी जी से बात करने के लिये यहां क्लिक करें।


यह भी पढ़ें

माघ – स्नान-दान से मिलता है मोक्ष   |   पौष मास – जानें पौष मास के व्रत त्यौहार व महत्व के बारे में    |  

सावन - शिव की पूजा का माह   |   सावन के बाद आया, श्रीकृष्ण जी का माह ‘भादों‘   |   मार्गशीर्ष – जानिये मार्गशीर्ष मास के व्रत व त्यौहार   |




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

शुक्र मार्गी - शुक्र की बदल रही है चाल! क्या होगा हाल? जानिए राशिफल

शुक्र मार्गी - शुक...

शुक्र ग्रह वर्तमान में अपनी ही राशि तुला में चल रहे हैं। 1 सितंबर को शुक्र ने तुला राशि में प्रवेश किया था व 6 अक्तूबर को शुक्र की चाल उल्टी हो गई थी यानि शुक्र वक्र...

और पढ़ें...
वृश्चिक सक्रांति - सूर्य, गुरु व बुध का साथ! कैसे रहेंगें हालात जानिए राशिफल?

वृश्चिक सक्रांति -...

16 नवंबर को ज्योतिष के नज़रिये से ग्रहों की चाल में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल मानव जीवन पर व्यापक प्रभाव डालती है। इस द...

और पढ़ें...
कार्तिक पूर्णिमा – बहुत खास है यह पूर्णिमा!

कार्तिक पूर्णिमा –...

हिंदू पंचांग मास में कार्तिक माह का विशेष महत्व होता है। कृष्ण पक्ष में जहां धनतेरस से लेकर दीपावली जैसे महापर्व आते हैं तो शुक्ल पक्ष में भी गोवर्धन पूजा, भैया दूज ...

और पढ़ें...
गोपाष्टमी 2018 – गो पूजन का एक पवित्र दिन

गोपाष्टमी 2018 – ग...

गोपाष्टमी,  ब्रज  में भारतीय संस्कृति  का एक प्रमुख पर्व है।  गायों  की रक्षा करने के कारण भगवान श्री कृष्ण जी का अतिप्रिय नाम 'गोविन्द' पड़ा। कार्तिक शुक्ल ...

और पढ़ें...
देवोत्थान एकादशी 2018 - देवोत्थान एकादशी व्रत पूजा विधि व मुहूर्त

देवोत्थान एकादशी 2...

देवशयनी एकादशी के बाद भगवान श्री हरि यानि की विष्णु जी चार मास के लिये सो जाते हैं ऐसे में जिस दिन वे अपनी निद्रा से जागते हैं तो वह दिन अपने आप में ही भाग्यशाली हो ...

और पढ़ें...