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2017 देश के आंतरिक हालात पर कैसी है ग्रहों की नज़र?


2017 देश के आंतरिक हालात पर कैसी है ग्रहों की नज़र?

2016 भारत के लिये काफी बेहतर साल कहा जा सकता है बहुत सारी उपलब्धियां इस वर्ष में हासिल की गई हैं। लेकिन बहुत सारे कारण ऐसे भी रहे हैं जिनसे देश का भीतरी माहौल कुछ अशांत रहा है। गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी हो या फिर जेएनयू को लेकर देशद्रोह का मुद्दा बनना, असहिष्णुता का मसला रहा हो या फिर रोहित वेमुला की खुदकुशी कहीं न कहीं इन मसलों से देश के भीतर अशांति का माहौल बना है। वर्ष के अंत में नोटबंदी के फैसले पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं रही और भविष्य में इसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को लेकर बहस अब भी जारी है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि देश के भीतर अंतर्विरोध, कलह, अशांति का माहौल 2017 में कैसा रहेगा। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषार्यों ने वर्ष 2017 के आगमन समयानुसार ग्रहों की दशाओं का आकलन कर क्या अनुमान लगाया है आइये जानते हैं।

एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य के अनुसार 2017 की कुंडली, कन्या लग्न और मकर राशि की है जिसमें चंद्रमा की महादशा साल भर चलती रहेगी। वहीं भारत की कुंडली में फरवरी से चंद्रमा की महादशा में राहू अंतर में आ जायेंगें।

चंद्रमा को विशेष रूप से शांति का प्रतीक माना जाता है और भारत की राशि का स्वामी चंद्रमा ही है। इसलिये वैसे तो शांतिप्रद होना भारत के स्वभाव में निहित है। लेकिन चंद्रमा के साथ दुष्ट ग्रह जब-जब आयेंगें तब-तब कुछ अप्रिय घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

लेकिन वर्ष 2017 की कुंडली के आकलनानुसार देखा जाये तो पूरा वर्ष अधिकतर ग्रह शांति की ओर संकेत करते हैं। कुछ स्थितियां ऐसी बन सकती हैं जिनमें पूर्वी और पश्चिमी राज्यों में अशांति का वातावरण रह सकता है। ऐसा अगस्त के महीने होने की संभावना प्रबल है। हालांकि इन राज्यों में भी अशांति का यह वातावरण लंबे समय तक नहीं रहेगा।

कुल मिलाकर वर्ष 2017 भारत के लिये शांतिदूत साबित हो सकता है क्योंकि अधिकतर वर्ष में शांति बनी रहने के आसार हैं।

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