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कैसे मनायें नववर्ष 2017


कैसे मनायें नववर्ष 2017

नव वर्ष जब भी आने को होता है तो उसे उत्सव के रूप में मनाने की अनेक योजनाएं भी बनने लगती हैं। नाच-गाना, पार्टी-शार्टी, मौज-मस्ती तो सभी करना चाहते हैं लेकिन फिर भी कभी-कभी जाने अंजाने हम वो गलतियां कर बैठते हैं जिसके कारण साल की शुरुआत ही खराब हो जाती है। कहा भी जाता है कि ‘फर्स्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन’। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर नव वर्ष को मनाया कैसे जाये तो ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि अपनी राशिनुसार कुछ विशेष तरीकों से पूजा अर्चना कर यदि नव वर्ष का आरंभ करेंगें तो वर्ष का आने वाला समय आपके लिये मंगलकारी रहेगा। तो आइये जानते हैं राशिनुसार कैसे करें नव वर्ष की शुरुआत।


मेष

मेष राशि का स्वामी मंगल वर्षारंभ के समय कुंभ राशि में रहेगा जो कि अपनी राशि से ग्यारहवां रहेगा। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह वर्ष को मंगलकारी बनाने के लिये, आप भगवान बजरंग बलि हनुमान की पूजा करके नववर्ष की शुरुआत करें। आने वाला समय आपके लिये लाभकारी रहेगा।

वृषभ

वृषभ राशि का स्वामी है शुक्र। शुक्र भी कुंभ राशि में विराजमान रहेगा जो कि अति शुभ समय के संकेत देता है। परम मित्र घर में होने के कारण समय आपके लिये भरपूर ऊर्जा, सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला रहने की उम्मीद है। आप मां लक्ष्मी की आराधना करके नव वर्ष का शुभारंभ कर सकते हैं। अपने मित्र को इत्र का दान करना भी आपके लिये शुभ है। आप पर शनि की ढैय्या प्रारंभ होगी इसलिये आपके लिये सलाह है कि प्रत्येक शनिवार शनिदेव का पूजन भी अवश्य करें।

मिथुन

मिथुन राशि का स्वामी बुध धनु राशि में विराजमान होने से व सूर्य की युति होने से अति शुभ समय रहने का संकेत है। स्वास्थ्य, बुद्धि, विद्या, धन, कारोबार आदि में सफलताएं मिलने के आसार हैं। बड़े व्यवसाय में लाभ प्राप्त होने के संकेत भी हैं। बुध वक्री होने से कार्य में धीमा पन रहने की संभावा भी है आपके लिये सलाह है कि मूंगदाल के लड्डू या फिर मूंग हरे व हरे कपड़े का दान करें। भगवान गणेश के पूजन से नववर्ष की शुरुआत करें। गणेश जी की कृपा बनी रहने के आसार हैं।

कर्क

कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा मकर राशि में होने से सफलता का सूचक माना गया है। अचानक धन प्राप्ति व प्रसिद्धि भी मिल सकती है। मन में उच्च विचारों निरंतर प्रवाह होने के आसार हैं। भगवान शंकर की पूजा करके नववर्ष का आरंभ करें। श्वेत वस्तुओं का दान करना भी आपके लिये लाभकारी रहने के आसार हैं।

सिंह

सिंह राशि का स्वामी सूर्य धनु राशि में होने से सफलता, सिद्धि, आत्मविश्वास, धन व यश की प्राप्ति करवाने वाला रहने के आसार हैं। लंबे समय से शनि की ढैय्या इस वर्ष समाप्त होगी इसके साथ ही रूके हुए कार्य बनने लगेंगें। आदित्य हृद्य स्त्रोत्र का पाठ करके नव वर्ष का आरंभ करें। गुड़दान करके अपने लिये नव वर्ष को मंगलकारी बना सकते हैं।

कन्या

कन्या राशि का स्वामी बुध है जो कि धनु राशि में होने विशेषकर महिला वर्ग के लिये सफलताएं देने वाला हो सकता है। बुधादित्य युति होने के कारण बड़ा लाभ व बड़े पद की प्राप्ति करवाने वाला भी हो सकता है। गणेश स्त्रोत्र का पाठ करके नववर्ष का आरंभ करें. गया को हरा चारा खिलायें नव वर्ष मंगलमय बना रहेगा।

तुला

तुला राशि का स्वामी शुक्र, कुंभ राशि में विराजमान होने से यह वर्ष आपके लिये सफलताओं भरा रहने के आसार हैं। हो सकता है पिछला समय आपके लिये शनि की साढ़ेसाती के कारण संघर्षमय रहा हो लेकिन यह समय उनसे निजात पाने वाला रहने की उम्मीद कर सकते हैं। अपने माता-पिता, गुरुजनों का प्रात:काल चरण स्पर्श कर साल की शुरुआत करें। सफेद वस्तुओं को काले वस्त्र में दान करें। नव वर्ष मंगलमय रहेगा।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल, कुंभ राशि में है जो कि अपनी राशि से चौथे भाव में है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें व खान-पान संबंधी आदतों में आवश्यक सुधार करें। इस समय आपको लंबे समय से चले आ रहे ऋण से मुक्ति मिल सकती है। रामचरित मानस के कुछ श्लोकों से भगवान राम की पूजा करें और लाल वस्तुओं का दान करें।

धनु

धनु राशि का स्वामी बृहस्पति कन्या राशि में रहेगा। आपके लिये वर्ष का पूर्वाध सामान्य बना रहने की उम्मीद है। वर्ष के उत्तरार्ध में राशि स्वामी के स्थान परिवर्तन से कार्यक्षेत्र में सफलता व परिवर्तन के योग हैं। घर से दूर जाने के संकेत भी हैं। भगवान विष्णु की पूजा करके नव वर्ष का आगाज़ करें। पीली वस्तुओं का दान करना आपके लिये नव वर्ष को मंगलमय बना सकता है।

मकर

मकर राशि का स्वामी शनि वर्ष के पूर्वाध में वृश्चिक राशि में रहेगा। जनवरी के अंत में आपकी राशि में साढ़ेसाती प्रारंभ हो जायेगी। साढ़ेसाती जीवन में द्वितीय चरण वालों के लिये शुभ फलदायी बनी रहने के आसार हैं। शनि के अनिष्ट प्रभाव से बचने के लिये प्रत्येक शनिवार शनि की पूजा अर्चना करें। शनि के पूजन से ही वर्ष का आरंभ करें। नव वर्ष मंगलमयी रहने की उम्मीद है।

कुंभ

कुंभ राशि का स्वामी शनि वृश्चिक राशि में विराजमान रहने से वर्ष के शुरुआत सामान्य होने की उम्मीद है जैसे ही शनि का स्थान परिवर्तन होगा, इस समय स्थान व कार्य में परिवर्तन के योग हैं। भगवान शनि के पूजन से वर्ष का आरंभ करें। किसी असहाय व्यक्ति को काले वस्त्र का दान करें। नव वर्ष मंगलमय रह सकता है।

मीन

मीन राशि का स्वामी बृहस्पति कन्या राशि में विराजमान होने के कारण अपनी राशि से सातवें घर में होने से सरकारी नौकरी की चाह रखने वालों के लिये यह समय उत्तम रहने के आसार हैं। बड़ों का सहयोग मिलने की आशा कर सकते हैं। शत्रु बाधा के लिये मां बगलामुखी का मंत्र जाप करके वर्ष की शुरुआत कर सकते हैं। मछलियों को आटा डालें। अनिष्ट कार्यों से रक्षा होगी। नव वर्ष मंगलमय बने रहने की संभावना है।


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