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राशिनुसार इनकी पूजा से करें नववर्ष 2018 की शुरुआत


राशिनुसार इनकी पूजा से करें नववर्ष 2018 की शुरुआत

नव वर्ष जब भी आने को होता है तो उसे उत्सव के रूप में मनाने की अनेक योजनाएं भी बनने लगती हैं। नाच-गाना, पार्टी-शार्टी, मौज-मस्ती तो सभी करना चाहते हैं लेकिन फिर भी कभी-कभी जाने अंजाने हम वो गलतियां कर बैठते हैं जिसके कारण साल की शुरुआत ही खराब हो जाती है। कहा भी जाता है कि ‘फर्स्ट इंप्रेशन इज द लास्ट इंप्रेशन’। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर नव वर्ष को मनाया कैसे जाये तो ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि अपनी राशिनुसार कुछ विशेष तरीकों से पूजा अर्चना कर यदि नव वर्ष का आरंभ करेंगें तो वर्ष का आने वाला समय आपके लिये मंगलकारी रहेगा। तो आइये जानते हैं राशिनुसार कैसे करें नव वर्ष की शुरुआत।

मेष

मेष राशि के स्वामी मंगल वर्षारंभ के समय तुला राशि में गुरु के साथ गोचर कर रहे हैं जो कि आपकी राशि से सातवां स्थान है। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस वर्ष को मंगलकारी बनाने के लिये, आप भगवान बजरंग बलि हनुमान की पूजा करके नववर्ष की शुरुआत करें। आने वाला समय आपके लिये लाभकारी रहेगा।

वृषभ

वृषभ राशि के स्वामी हैं शुक्र। शुक्र वर्षारंभ के समय गुरु की राशि धनु में सूर्य व शनि के साथ अस्त होकर गोचर कर रहे हैं। शनि जहां उनके परम मित्र हैं तो सूर्य के साथ सम भाव में रहते हैं। आप मां लक्ष्मी की आराधना करके नव वर्ष का शुभारंभ कर सकते हैं। अपने मित्र को इत्र का दान करना भी आपके लिये शुभ है। आप पर शनि की ढैय्या प्रारंभ चल रही है आपके लिये सलाह है कि प्रत्येक शनिवार शनिदेव का पूजन भी अवश्य करें।

मिथुन

मिथुन राशि के स्वामी बुध वर्षारंभ में वृश्चिक राशि में गोचर कर रहे हैं। स्वास्थ्य व प्रतियोगी प्रतिस्पर्धाओं में आपके लिये समय शुभ रहने के आसार हैं। आपके लिये सलाह है कि मूंगदाल के लड्डू या फिर हरे मूंग व हरे कपड़े का दान करें। भगवान गणेश के पूजन से नववर्ष की शुरुआत करें। गणेश जी की कृपा बनी रहने के आसार हैं।

कर्क

कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च के माने जाते हैं। नव वर्ष आगमन पर चंद्रमा इसी राशि में हैं। इसलिये यह साल आपके बहुत ही सौभाग्यशाली कहा जा सकता है। अचानक धन प्राप्ति व प्रसिद्धि भी मिल सकती है। मन में उच्च विचारों का निरंतर प्रवाह होने के आसार हैं। चंद्रमा के शुभ दिन यानि सोमवार को ही वर्ष की शुरुआत हो रही है भगवान शंकर की पूजा करके नववर्ष का आरंभ करें। श्वेत वस्तुओं का दान करना भी आपके लिये लाभकारी रहने के आसार हैं।


सिंह

सिंह राशि के स्वामी सूर्य धनु राशि में होने से सफलता, सिद्धि, आत्मविश्वास, धन व यश की प्राप्ति करवाने वाले रह सकते हैं। इस वर्ष आपके रूके हुए कार्य बनने लगेंगें। आदित्य हृद्य स्त्रोत्र का पाठ करके नव वर्ष का आरंभ करें। गुड़दान करके अपने लिये नव वर्ष को मंगलकारी बना सकते हैं।

कन्या

कन्या राशि के स्वामी बुध हैं जो कि वृश्चिक राशि में होने आपके पराक्रम में वृद्धि करने वाले हैं। यह साल आपके लिये सफलताएं देने वाला हो सकता है। गणेश स्त्रोत्र का पाठ करके नववर्ष का आरंभ करें। गाय को हरा चारा खिलायें नव वर्ष मंगलमय बना रहेगा।



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तुला

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं जो धनु राशि में शनि व सूर्य के साथ गोचररत हैं। यह वर्ष आपके लिये सफलताओं भरा रहने के आसार हैं। अपने माता-पिता, गुरुजनों का प्रात:काल चरण स्पर्श कर साल की शुरुआत करें। सफेद वस्तुओं को काले वस्त्र में दान करें। नव वर्ष मंगलमय रहेगा।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं जो शुक्र की राशि तुला राशि में बृहस्पति के साथ गोचर कर रहे हैं।  12वें भाव में राशि स्वामी का होना आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण व बचत की प्रवृति को बढ़ावा देने के संकेत कर रहा है। रामचरित मानस के कुछ श्लोकों से भगवान राम की पूजा करें और लाल वस्तुओं का दान करें।

धनु

धनु राशि के स्वामी बृहस्पति तुला राशि में रहेंगे। आपके लिये यह वर्ष कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाने व परिवर्तन लाने के योग बना रहा है। वर्ष की अंतिम तिमाही में राशि स्वामी के परिवर्तन कर 12वें स्थान में आने से अपने खर्च नियंत्रण करने की आवश्यकता रहेगी। भगवान विष्णु की पूजा करके नव वर्ष का आगाज़ करें। पीली वस्तुओं का दान करना आपके लिये नव वर्ष को मंगलमय बना सकता है।

मकर

मकर राशि के स्वामी शनि इस वर्ष धनु राशि में रहेंगें। इस समय आप पर शनि की साढ़ेसाती का द्वितीय चरण चल रहा है। शनि के अनिष्ट प्रभाव से बचने के लिये प्रत्येक शनिवार शनि की पूजा अर्चना करें। शनि के पूजन से ही वर्ष का आरंभ करें। नव वर्ष मंगलमयी रहने की उम्मीद कर सकते हैं।

कुंभ


कुंभ राशि के स्वामी शनि धनु राशि में विराजमान हैं। लाभ स्थान में राशि स्वामी के रहने से वर्ष आपके लिये लाभकारी रहने की उम्मीद है। भगवान शनि के पूजन से वर्ष का आरंभ करें। किसी असहाय व्यक्ति को काले वस्त्र का दान करें। नव वर्ष मंगलमय रह सकता है।

मीन

मीन राशि का स्वामी बृहस्पति तुला राशि में विराजमान होने के कारण अपनी राशि से आठवें घर में होने से यह वर्ष सामान्य बने रहने के आसार हैं। बड़ों का सहयोग मिलने की आशा कर सकते हैं। शत्रु बाधा के लिये मां बगलामुखी का मंत्र जाप करके वर्ष की शुरुआत कर सकते हैं। मछलियों को आटा डालें। अनिष्ट कार्यों से रक्षा होगी। नव वर्ष मंगलमय बने रहने की संभावना है।


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