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राम रक्षा स्तोत्रम के सरल उपाय


राम रक्षा स्तोत्रम के सरल उपाय

श्री राम रक्षा स्तोत्र बुध कौशिक ऋषि द्वारा रचित श्री राम का स्तुति गान है। इसमें उन्होंने अनेक नामों से प्रभु श्री राम के नाम का गुणगान किया है। मान्यता है कि श्री राम रक्षा स्तोत्रम् का पाठ यदि एक बार में ग्यारह बार तक किया जाये तो इसका प्रभाव पूरे दिन तक रहता है। वहीं यदि लगातार 45 दिनों तक इसका पाठ करें तो उसके पश्चात इसका प्रभाव ज्यादा समय तक लगभग दोगुना हो जाता है। श्री राम स्तोत्रम किसी भी प्रकार के भय से मुक्ति दिलाता है। इसके अलावा श्री राम रक्षा स्तोत्रम से कुछ सरल ज्योतिषीय उपाय भी किये जा सकते हैं जो आपको मुसीबतों से बचा सकते हैं। आइये जानते हैं राम रक्षा स्तोत्रम् के सरल ज्योतिषीय उपाय।

राम रक्षा स्तोत्र से सिद्ध सरसों है बड़े काम की

राम रक्षा स्तोत्र से सरसों सिद्ध की जा सकती है जो कई स्थानों पर आपके लिये शुभ हो सकती है। इसके लिये आपको करना सिर्फ इतना है कि एक कटोरी में थोड़ी सरसों डाल लें। उसके पश्चात उसे किसी आसन या ऊनी वस्त्र पर रखें। अब राम रक्षा स्तोत्रम का 11 बार पाठ करें और पाठ के दौरान अपनी ऊंगिलियों से सरसों के दानों को कटोरी में घुमाते रहें। राम रक्षा स्तोत्रम का पाठ आप भी किसी आसन पर बैठकर ही करें और अपने सामने प्रभु श्री राम का रक्षा यंत्र या फिर श्री राम की प्रतिमा हो जिसे देखते हुए आप मंत्रोच्चारण कर सकें। स्तोत्र का 11 बार पाठ होने के पश्चात यह सिद्ध हो जायेगी अब आप इसे पूजा घर या किसी पवित्र साफ-सुथरी जगह पर रख सकते हैं। अब जरूरत के समय आप सिद्ध सरसों को आजमा सकते हैं।

यदि न्यायालय में आपका कोई मामला लंबित है तो सरसों के कुछ दानें अपनी जेब में डालकर ले जायें। जहां विपक्षी बैठा हो उसके सम्मुख इन दानों को फेंक दें।

आप किसी प्रतियोगी परीक्षा, खेल, या फिर साक्षात्कार आदि के लिये जा रहे हैं तो भी अपनी जेब में इन दानों को रखकर जायें।

किसी अनिष्ठ की आशंका आपको हो तो भी आप सिद्ध सरसों को अपने साथ रख सकते हैं।

यदि आप कहीं घूमने जा रहे हैं अथवा कामकाज के सिलसिले में कोई यात्रा कर रहे हैं तो सिद्ध सरसों को साथ रखने से आपका सार्य सिद्ध होगा व आपकी यात्रा मंगलमयी रहेगी।

पानी भी हो सकता है सिद्ध

राम रक्षा स्तोत्रम् से पानी को भी सरसों की तरह सिद्ध किया जा सकता है और उससे भी कुछ उपाय किये जा सकते हैं। लेकिन इसकी विधि थोड़ी अलग है और इस पानी को विशेषकर औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल राम रक्षा स्तोत्रम से सिद्ध पानी रोगी को पिलाया जा सकता है। मान्यता है कि इससे रोगी को काफी राहत मिलती है और धीरे-धीरे प्रभु श्री राम की कृपा से उन्हें रोग से मुक्ति मिलने लगती है। पानी को सिद्ध करने के लिये राम रक्षा स्तोत्रम का पाठ करते हुए तांबे के बर्तन में पानी भरकर इसे अपने हाथ में पकड़ कर रखें और अपनी दृष्टि पानी में रखें। श्री राम चंद्र का स्तुतिगान करते हुए महसूस करें कि आपकी ऊर्जा पानी में जा रही है। राम रक्षा मंत्रोच्चारण करते समय यह भी ध्यान रखें कि आपको प्रत्येक मंत्र का अर्थ भी ज्ञात हो।

ध्यान रहें यहां पर दिये गये उपाय प्रचलित मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके शत प्रतिशत कारगर होने की पुष्टि एस्ट्रोयोगी नहीं करती है। आप एस्ट्रोयोगी पर विद्वान ज्योतिषाचार्यों से अपनी समस्त शंकाओं के समाधान जान सकते हैं। इसके लिये आप ज्योतिषाचार्यों से परामर्श कर सकते हैं। अभी बात करने के लिय यहां क्लिक करें।

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