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साल 2015 के सावन में हैं यह अच्छे योग



साल 2015 के सावन में हैं यह अच्छे योग

हिन्दू पंचांग में श्रावण मास सबसे पवित्र मासों में से एक है। यह माह प्रभु शिव को समर्पित है और इस पावन अवसर पर बड़ी तादात में शिव भक्त देश-विदेश के शिव मंदिरों में जाकर उनके शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं और शिवपूजन करते हैं। श्रावण मास के सभी सोमवार शिवपूजन हेतु अत्यंत शुभ एवं पवित्र माने जाते हैं। पूर्णिमांत पंचांग एवं अमावस्यांत पंचांग में श्रावण की प्रारंभ तिथियों में पंद्रह दिनों का अंतर होता है। उत्तर भारतीय राज्यों में पालन किए जाने वाले पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार श्रावण मास इस वर्ष 01 अगस्त से प्रारंभ होगा और 29 अगस्त को समाप्त होगा। वहीँ मध्य एवं दक्षिण भारतीय राज्यों में अमावस्यांत पंचांग के अनुसार श्रावण मास 15 अगस्त से 13 सितम्बर तक रहेगा। इस मास को श्रावण इसलिए कहा जाता है क्योंकि ‘श्रावण’ नामक सितारा इसका स्वामी है।


माना जाता है कि इस मास में हर सोमवार को किया जाने वाला शिवपूजन आम दिनों के पूजा की तुलना में 108 गुना अधिक शक्तिशाली एवं प्रभावशाली होता है। सभी श्रद्धालु इस दिन श्रावण सोमवार व्रत करते है और प्रभु शिव की पूजा करते है।



इस बार सावन में 4 सोमवार के अलावा, सर्वार्थ सिद्धि योग, पुष्य योग, अमृत योग एवं 2 प्रदोष व्रत भी आ रहे हैं। यह सावन कुल 29 दिनों का है।  

आइये नज़र डालते हैं ऊपर बताये गये योगों की तिथियों पर -


पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार श्रावण सोमवार व्रत की तिथियाँ।

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश एवं बिहार में अनुसरित।

  • 01 अगस्त 2015, शनिवार, श्रावण मास की प्रथम तिथि
  • 03 अगस्त 2015, सोमवार, श्रावण सोमवार व्रत
  • 08 अगस्त 2015, सर्वार्थ सिद्दी अमृत योग
  • 10 अगस्त 2015, सोमवार, श्रावण सोमवार व्रत
  • 12 अगस्त 2015, मास शिवरात्रि
  • 14 अगस्त 2015, हरियाली अमावस्या
  • 17 अगस्त 2015, सोमवार, श्रावण सोमवार व्रत
  • 19 अगस्त 2015, नागपंचमी
  • 24 अगस्त 2015, सोमवार, श्रावण सोमवार व्रत
  • 29 अगस्त 2015, शनिवार, श्रावण मास की अंतिम तिथि
  •  

वैसे सावन में सोमवार के व्रत ही अपने में बहुत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली बतायें गये हैं लेकिन इस सावन में पड़ रहे कुछ अन्य योग भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस दिन विधिवत रूप से की गयी, आराधना व्यर्थ नहीं जाती है। आइये जानते हैं इन योगों की महिमा और इनके बारें में-


1. 08 अगस्त 2015, सर्वार्थ सिद्दी अमृत योग

सर्वार्थ सिद्दी अमृत योग व्यक्ति की मनोकामनाओं को पूरा करता है। पुराने समय से यदि कोई कार्य रूका हुआ है या उस कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही हैं तो भगवान शिव की इस योग में पूजा करने से पीड़ा का अंत किया जा सकता है।


2. 10 अगस्त 2015, कामिका एकादशी

साल 2015 में कामिका एकादशी 10 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन सावन का दूसरा सोमवार भी है। कामिका एकादशी में वैसे तो भगवान विष्णु की आराधना की जाती है, लेकिन सावन का दूसरा सोमवार होने की वजह से भगवान शिव का आशीर्वाद भी प्राप्त हो सकता है। एकादशी का व्रत करने से जीवात्माओं को उनके पापों से मुक्ति मिलती है। कामिका एकादशी उपासकों के कष्ट दूर करती है और उनकी इच्छापूर्ती करती है।


3. 12 अगस्त 2015, मास शिवरात्रि

इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से इनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन विधिवत प्रकार से की गयी, शिव भगवान की आराधना सभी प्रकार के दुखों से व्यक्ति की रक्षा करती है।


4. 14 अगस्त 2015, हरियाली अमावस्या

हरियाली अमावस्या का त्योहार, सावन महीने की अमावस्या को मनाया जाता है। इस बार 14 अगस्त को भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ अगर पीपल के वृक्ष की पूजा विशेष फल प्रदान करेगी। वैसे हरियाली अमावस्या का सीधा सम्बन्ध प्रकृति पर आई बहार से होता है। पीपल के वृक्ष की पूजा इस दिन विशेष फल प्रदान करती है।


5. 19 अगस्त 2015, नागपंचमी

नाग पंचमी एक हिन्दू पर्व है जिसमें नागों और सर्पों की पूजा की जाती है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि में यह पर्व पूरे देश में पूर्ण श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता या सर्प की पूजा की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है। वैसे भी नागों का संबंध शिव भगवान से होता है तो भक्त इस दिन पहले शिव भगवान की पूजा करते हैं बाद में नाग देवता की आराधना की जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सोना, चांदी, तांबा या आटे का चार अंगुल से बड़ा सर्प बनाकर, उसे शिवलिंग में चढ़ाकर दुग्धाभिषेक करने से कुंडली में मौजूद सर्पदोष से मुक्ति मिलती है।
 

6. 24 अगस्त 2015, आयुष्मान योग

सावन के चौथे सोमवार को आयुष्मान योग भी बन रहा है जो व्यक्ति की आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं का अंत करने वाला साबित हो सकता है।


7. 27 अगस्त 2015, प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत अति मंगलकारी और शिव कृपा प्रदान करने वाला बताया जाता है। इस दिन व्रत करने से स्वास्थ्य, धन, व्यवसाय और पारिवारिक संबंधित परेशानियों का अंत होता है।





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