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विद्यार्थियों के लिये कैसा रहेगा साल 2018



विद्यार्थियों के लिये कैसा रहेगा साल 2018

नव वर्ष को लेकर सभी अपनी-अपनी योजनाएं बनाने लगते हैं। नौकरी के इच्छुक सोचते हैं कि उन्हें नौकरी हाथ लग जाये तो नव वर्ष हैप्पी हो जाये, नौकरीशुदा सोचते हैं उनका तो नया साल तभी खुशहाल होगा जब उनकी झोली में पदोन्नति आ गिरेगी। प्रेम के इच्छुक चाहते हैं कि उन्हें उनके सपनों का साथी मिल जाये तो अविवाहित सोचते हैं नये साल में उनका भी घर बस जाये। लेकिन एक उम्र ऐसी भी होती है जो अपने भविष्य की नींव मजबूत कर रही होती है। शिक्षा ग्रहण कर रहे ये जातक अपने भविष्य के सपनों को साकार करने का आधार तैयार कर रहे होते हैं। तो इन विद्यार्थियों, शिक्षार्थियों के लिये नव वर्ष 2018 कैसा रहेगा? शिक्षा क्षेत्र के कारक ग्रहों के अनुसार एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों का क्या कहना है? आइये जानते हैं।

वर्ष 2018 की शुरुआत कन्या लग्न वृषभ राशि में हो रही है। विद्या का कारक ग्रह बृहस्पति को माना जाता है जो कि वर्ष लग्न से दूसरे स्थान में गोचरत हैं। बृहस्पति की यह स्थिति मार्च तक बनी रहेगी। इसका संकेत है कि विद्यार्थियों के लिये नव वर्ष की शुरुआत उत्साहजन रहने के आसार हैं और मार्च तक विद्या के प्रति जातकों का रूझान सामान्य बने रहने की उम्मीद है। मार्च में दूसरे सप्ताह के मध्य में बृहस्पति वक्री हो जायेगें जो कि जुलाई माह के दूसरे सप्ताह के मध्य तक वक्री रहेगें, इस पूरे समय (9 मार्च से 10 जुलाई) के दौरान विद्यार्थियों पर एक तरह का दबाव बने रहने के आसार हैं। यह समय विद्यार्थियों के लिये थोड़ा तनावपूर्ण हो सकता है।

एक तरह से देखा जाये तो यह समय ही अधिकांश विद्यार्थियों की परीक्षाओं का समय होता है अत: इस समय विद्यार्थियों को अधिक ध्यानपूर्वक व बिना किसी दबाव के अपना समय अध्ययन करने में लगाना चाहिये इससे उनका तनाव कम हो सकता है। इसके पश्चात बृहस्पति के मार्गी होने से विद्यार्थियों के अंदर नई ऊर्जा का संचार होने की संभावना जताई जा सकती है। यह समय विद्यार्थियों के लिये अनुकूल रहने की उम्मीद है।

अक्तूबर में बृहस्पति के स्थान परिवर्तन से कुछ विद्यार्थियों का विद्या के प्रति मोहभंग हो सकता है। इस समय को विशेषरूप से पढ़ने में व्यतीत करें यह भविष्य में आपके लिये सफलता दिलाने वाला हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिये समय बहुत ही बेहतर परिणाम दिलाने वाला हो सकता है।

वर्ष कुंडली में शिक्षा के घर का स्वामी शनि हैं जो कि धनु राशि में गोचररत हैं और पूरे वर्ष यहीं पर बने रहेंगें जिससे विदयार्थियों के लिये यह वर्ष सामान्य बने रहने की उम्मीद कर सकते हैं हालांकि अप्रैल के मध्य से सितंबर तक शनि वक्री रहेंगे उच्च शिक्षा पाने वाले विद्यार्थियों के लिये यह समय कड़ी मेहनत करने संकेत कर रहा है।

नोट - अलग-अलग राशियों के हिसाब से समय-समय पर अलग-अलग योग बनते हैं। इसलिये हमारी सलाह है कि अपनी कुंडली के अनुसार सटीक परिणाम जानने के लिये एस्ट्रोयोगी पर देश भर के  विद्वान ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करें।


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