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सूर्य ग्रहण 2018 जानें राशिनुसार क्या पड़ेगा प्रभाव


सूर्य ग्रहण 2018 जानें राशिनुसार क्या पड़ेगा प्रभाव

11 अगस्त को वर्ष 2018 का दूसरा सूर्यग्रहण लगेगा। सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों ही शुभ कार्यों के लिये अशुभ माने जाते हैं। पहले ग्रहण की तरह दूसरा सूर्यग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। जिस कारण यह बड़े स्तर पर भारतीयों को प्रभावित नहीं करेगा। लेकिन जिन जातकों की कुंडली में ग्रहण दोष है? या फिर कुंडली के अनुसार सूर्य मुख्य रूप से प्रभाव डाल रहे हैं तो ऐसे में ग्रहण के कारण पीड़ित सूर्य की दशा व अन्य ग्रहों की स्थिति विभिन्न राशियों को जरूर प्रभावित करेगी। एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य इस बारे में क्या कहते हैं आइये जानते हैं-

मेष – मेष राशि का स्वामी मंगल हैं किसी प्रकार का बड़ा नुक्सान तो आपको नहीं होगा लेकिन ग्रहण के दिन सूर्य आपकी राशि से चौथे स्थान में गोचर कर रहे हैं, सुख भाव में ही पीड़ित सूर्य के प्रभाव से संभव है आपकी व्यस्तताएं बढ़ जायें। आपको सुख साधनों में कमी भी महसूस हो सकती है। यह आपके कार्यक्षेत्र को भी प्रभावित कर सकता है इस समय आपके कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस दिन यात्रा करने का जोखिम न ही लें तो बेहतर है।

वृषभ – वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। आपकी राशि से तीसरे स्थान में सूर्य ग्रहण लगेगा, सूर्य ग्रहण के कारण इस समय आपको कामकाजी जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सेहत के प्रति भी सचेत रहें। स्वयं पर विश्वास रखें और मेहनत करने से न घबराएं।


मिथुन – मिथुन राशि का स्वामी बुध हैं। यह सूर्य ग्रहण आपकी राशि से दूसरे स्थान में लग रहा है। धन भाव में ग्रहण होने से यह समय आपके लिये फाइनेंशियल लॉस के संकेत कर रहा है। अपने धन का उपयोग देखभाल कर करें। अचानक से आपके खर्चों में बढ़ोतरी होने की भी आशंका भी है। किसी भी जोखिम वाले क्षेत्र में पैसा न लगायें खासकर लॉटरी, जुआ आदि में धन न लगायें। इससे हानि हो सकती है। अपनी सेहत की भी देखभाल करें।


कर्क – कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं जो कि ग्रहण के दिन सूर्य के साथ ही गोचर कर रहे हैं। ग्रहण चूंकि आपकी ही राशि में लग रहा है। इसलिये ग्रहण के दौरान शारीरिक तौर पर अपनी सेहत का ध्यान रखने की आवश्यकता आपको रहेगी। मानसिक रुप से भी तनाव हो सकता है। तनाव को कम करने व नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिये भगवान शिव शंकर का मंत्र जाप करें।


सिंह – राशि स्वामी सूर्य स्वयं इस ग्रहण में पीड़ित हैं। आपकी राशि से 12वें भाव में सूर्यग्रहण दोष बन रहा है जिससे अचानक से आन पड़े किसी खर्चे की चिंता आपको सता सकती है। स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है साथ ही प्रतिद्वंदी आपके हाथ से कोई बड़ा अवसर छीनने का प्रयास कर सकते हैं जिसे लेकर आप चिंतित हो सकते हैं। बेहतर रहेगा कि धन निवेश संबंधी फैसले सोच समझ कर लें।


कन्या – कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। सूर्य ग्रहण आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में लग रहा है जो कि आपके लाभ का स्थान है। व्यावसायिक तौर पर थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है। हालांकि ग्रहण दिखाई न देने से प्रभाव नगण्य रहने के आसार हैं। लेकिन पराक्रम भाव के स्वामी होने के कारण पीड़ित सूर्य आपके आत्मबल, आपके सौर्य आपके पराक्रम में कमी ला सकते हैं जिससे हो सकता है कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन उत्साहजनक न रहे।


तुला – तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। ग्रहण के दिन सूर्य आपकी राशि से दसवें स्थान यानि कर्म भाव में होंगें। आपको इस समय सफलता पाने के लिये थोड़े अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। कार्यस्थल पर थोड़ा सचेत होकर काम करें आपसे ईर्ष्या रखने वाले कुछ कर्मचारी आपकी प्रतिष्ठा को ठेस पंहुचने के प्रयास कर सकते हैं। लेकिन अपनी सूझ बूझ से आप इस स्थिति से निपट भी सकते हैं। जो जातक किसी नये कार्य का शुभारंभ करने जा रहे हैं वे उसमें अपने से बड़ों की सलाह जरूर लें क्योंकि ग्रहण के कारण आपके कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।


 वृश्चिक – वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं जो कि पराक्रम में वक्र होकर गोचर कर रहे हैं। ग्रहण आपकी राशि से भाग्य स्थान में लग रहा है। लाभ घर के स्वामी भाग्य स्थान में पीड़ित होने के कारण हो सकता है किस्मत इस समय आपका साथ न दे और लाभ भी आपको अपेक्षित न मिले। इस समय अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। बेवजह किसी से बहस न करें अन्यथा इसका अशुभ प्रभाव आपके जीवन पर पड़ सकता है। भाग्य के भरोसे तो बिल्कुल न बैठें इस समय आपको जो हासिल हो सकता है वह केवल अपनी मेहनत व प्रतिभा के बल पर ही मिल सकता है।


धनु – धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। यह ग्रहण आपकी राशि से अष्टम भाव में लग रहा है। अष्टम भाव में सूर्य ग्रहण के कारण पिता की सेहत को लेकर थोड़ा चिंतित हो सकते हैं। आर्थिक रूप से भी आपको नुक्सान झेलना पड़ सकता है। आपके लिये सलाह है कि इस दिन किसी नई परियोजना में निवेश करने, किसी को कर्ज देने या लेने से बचें। कार्यस्थल पर किसी से उलझने का प्रयास न करें। अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें।


मकर – मकर के राशि स्वामी शनि 12वें भाव में गोचररत हैं। ग्रहण के कारण कामकाजी जीवन की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है। यह सूर्य ग्रहण आपकी राशि से सप्तम भाव में लग रहा है। दांपत्य जीवन में आपको थोड़ा संभलने की आवश्यकता रहेगी। साथी के साथ मनमुटाव बढ़ने के आसार हैं। संभव है आपको मानसिक व शारीरिक तौर पर कुछ परेशानियों का आपको सामना करना पड़ सकता है। आपके लिये सलाह है कि इस दिन धैर्य से काम लें व जितना हो सके प्रात:काल सूर्य देव की आराधना व मंत्रों का जाप करें।


कुंभ – कुंभ राशि के स्वामी भी शनि हैं जो धनु राशि में गोचररत हैं जो कि आपकी राशि से लाभ का स्थान बनता है। आपकी राशि से छठे घर में पीड़ित सूर्य के प्रभाव से अपनी सेहत का ध्यान रखें। व्यवसायी जातक प्रतिद्वंदियों से थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता है। लेन देन के समय थोड़ा सचेत रहें। अपनी वाणी में विनम्रता व संयम रखें। विशेषकर व्यावसायिक साझेदार के साथ किसी भी प्रकार की बहसबाजी या वाद-विवाद न करें अन्यथा तल्ख़ियां बढ़ सकती हैं जिसका प्रभाव आपके कार्य जीवन पर पड़ सकता है।


मीन – मीन राशि के स्वामी बृहस्पति तुला राशि में विराजमान है जो कि आपकी राशि से आठवें हैं। आपकी राशि से पंचम भाव में ग्रहण लग रहा है। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन कम लग सकता है। परीक्षाओं की चिंता भी सता सकती है। माता-पिता भी बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित हो सकते हैं। प्रेमी जातकों के बीच भी मनमुटाव होने की संभावना है। आपके लिये सलाह है कि ग्रहण के दौरान थोड़ा संयम से काम लें।

क्या करें या क्या न करें में न उलझें, सूर्य ग्रहण पर ऐस्ट्रोयोगी एस्ट्रोलॉजर्स से गाइडेंस लें और पायें अपनी मंजिल का सही रास्ता।

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