वैदिक ज्योतिष शास्त्र में रत्नों (Gemstone) और आभूषणों को एक खास स्थान दिया गया है। कुछ विशेष प्रकार के रत्नों को तो तकदीर को संवारने वाला माना गया है। हर रत्न और आभूषण की एक महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मनुष्य के जीवन में जुड़े हर पहलू में हर प्रकार की समस्या का सॉलूशन रत्नों से जुड़े शास्त्र में मिल सकता है। अगर आपको रुपया-पैसा, करियर और मैरिज लाइफ से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो रत्नों के माध्यम से इन्हें काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
रत्नों के इतिहास के बारे में कुछ जानकारी अग्नि पुराण में इस प्रकार बताई गई है कि महाबली राक्षस वृत्रासुर ने जब देवताओं पर आक्रमण कर दिया। तब सभी देवता उसके डर से भयभीत होकर भगवान विष्णु की शरण में चले आये और भगवान विष्णु से गुहार लगाने लगे कि उन्हें वृत्रासुर के प्रकोप से बचा लें भगवान। तब भगवान ने उस राक्षस से बचने के लिए देवताओं को एक वज्र बनाने की सलाह दी।
भगवान की सलाह सुनकर देवलोक के स्वामी इन्द्र ने महर्षि दधीचि की हड्डियों से वज्र बनाने के लिए उनसे उनकी हड्डियां दान में मांग ली। महर्षि दधीचि ने यह बात सुनकर अपनी हड्डियां देवताओं को दान में दे दीं। जिससे देवताओं ने मिलकर एक वज्र तैयार किया। बाद में उसी वज्र की सहायता से महाबली राक्षस वृत्रासुर का वध कर दिया गया । इस पौराणिक कथा के अनुसार बताया गया है कि वज्र बनाते समय महर्षि दधीचि की कुछ हड्डियां पृथ्वी पर आ गिरी जहां-जहां हड्डियां गिरी थीं वहाँ-वहाँ स्टोन की खाने पाई गई
दूसरी पौराणिक कथा के माध्यम से यह पता चलता है कि जब समुद्र मंथन चल रहा था तब समुन्द्र से अमृत की उत्पत्ति हुई, जैसे ही यह जानकारी असुरों को हुई, जिसके बाद असुरों और देवताओं के बीच झगड़ा होने लगा। असुर चाहते थे कि यह अमृत उन्हें मिल जाए तथा देवता चाहते थे यह अमृत उन्हें मिल जाए। धार्मिक ग्रंथों के मानने वाले कहते हैं कि यह अमृत अगर असुरों को मिल जाता तो ये दुनिया में तबाही मचा देते। जिस कारण देवताओं और असुरों में छीना-छपटी होने लगी जिससे अमृत कि कुछ बुँदे धरती पर आ गिरीं और जहां पर भी अमृत की बूंद गिरी थीं। मान्यता है कि वहाँ स्टोन की खाने मिली।
संसार में पाए जाने वाले सभी स्टोन्स को बहुमूल्य पत्थर के समान संज्ञा दी जाती है क्योंकि ये बहुत ज्यादा प्रभावशाली होने के साथ-साथ आकर्षक भी होते हैं। इन सभी स्टोन का अपना कोई न कोई एक विशेष गुण होता है जिसकी वजह से लोग अपने आभूषणों के निर्माण में और डिजाइनिंग के लिए इन रत्नों का इस्तेमाल करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ये स्टोन जातक के जीवन में होने वाली समस्याओं को कम करने में मददगार साबित होते हैं।
स्टोन कुछ विशेष गुणवत्ता वाले पत्थरों के भाग के रूप में होते हैं परंतु जब इन्ही भागों को पॉलिश कर दिया जाता है तब ये सभी भाग आकर्षक लगने लगते है और ये बेहद कीमती हो जाते हैं। ज्योतिषीय मतानुसार, सभी स्टोन में किसी न किसी देवता की शक्ति का वास होता है, इसी कारण जब जातक स्टोन को धारण करता है तब उसके जीवन में सरलता आती है और कठिनाइयां दूर होती जाती हैं। माना जाता है कि घर की शांति के लिए भी स्टोन का उपयोग किया जा सकता है।
यहाँ 5 ऐसे रत्नों के बारे में बताया गया है जो रिलेशनशिप में चल रही समस्याओं को दूर करने में सहायक होंगे।
पुखराज (Yellow Sapphire Stone) को एक बेहद कीमती पीले रत्नों में से एक माना जाता है और इसका प्रभाव भी काफी हद तक दमदार होता है। जिसका संबंध बृहस्पति ग्रह से माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में, बृहस्पति का संबंध पति और पुत्र दोनों ही से माना जाता है इसलिए इसको धारण करना और भी जरूरी माना जाता है। ये आपके अपने मैरिज लाइफ में सुख और सरलता लेकर आता है। इस रत्न को धारण करने से शादीशुदा और प्रेमी जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। अगर सिंगल व्यक्ति इसे पहनें तो उनके जीवन में शीघ्र विवाह के योग बनने लगते हैं। यह एक अच्छे पार्टनर की तलाश करने में भी सहायक साबित होता है। संतान प्राप्ति का सुख प्राप्त करने के लिए भी इस स्टोन को पहना जा सकता है।
रोज क्वार्ट्ज(Rose Quartz) कीमती रत्नों में से एक माना जाता है। इसे बोलचाल की भाषा में गुलाबी स्फटिक भी कह देते हैं। रत्न शास्त्र के अनुसार,अगर आप अपनी जिंदगी में अभी तक एक अच्छा पार्टनर नहीं ढूंढ़ पाए हैं तो यह रत्न आपके लिए काफी हद तक मददगार साबित हो सकता है। यह रत्न आपके जीवन में प्यार के रंगों की कमी दूर कर देता है, इस वजह से इस स्टोन को लव स्टोन भी कहा जाता है। इसको पहनने से व्यक्ति की नेगेटिव एनर्जी दूर हो जाती है और उसके अंदर सकारात्मकता (Positive) एनर्जी बढ़ती है। यह आपकी रिलेशनशिप में बैलेंस भी बनाकर रखता है। आप इसे अंगूठी के रूप में पहनने के साथ साथ, आप इसे ब्रेसलेट के रूप में या फिर नेकलेस के रूप में भी पहन सकते हैं।
ज्योतिष की भाषा में चंद्रकांत मणि को मून स्टोन (Moonstone) भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसको पहनने से आपके रिश्ते में से हर प्रकार के झगड़े और विवाद खत्म होते हैं और दोनों के बीच में प्यार व विश्वास भी बढ़ता है। अगर आप प्यार के मामले में खुद को थोड़ा असुरक्षित(unsafe) महसूस करते हैं तो आपको यह रत्न तुरन्त ही धारण करना चाहिए। इसे पहनने पर यह आपके प्यार में एक प्रकार के सुरक्षा कवच की भूमिका निभाएगा और आपके अंदर एक प्रकार की सकारात्मकता (Positivity) प्रदान करेगा। आप इसको रिंग के रूप में या फिर लॉकेट के रूप में पहन सकते हैं। सोते वक्त याद रखें कि इसको तकिए के नीचे रखें क्योंकि इससे आपको सुख शांति प्राप्त हो सकती है।
अनमोल हरे रंग का पन्ना (एमराल्ड) प्रेम संबंधों और विवाह के लिए अत्यंत शुभ रत्न माना जाता है। यह रत्न आध्यात्मिक प्रेम, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक है।
पन्ना का संबंध बुध ग्रह से होता है, जो संचार (कम्युनिकेशन) का कारक माना जाता है। इसलिए पन्ना धारण करने से रिश्तों में खुलकर अपनी बात कहने और एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने की क्षमता बढ़ती है। मजबूत और सफल संबंधों की नींव प्रभावी संवाद पर ही टिकी होती है।
इसके अलावा, पन्ना बुद्धि, विवेक और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाने वाला रत्न माना जाता है। यह आपकी बौद्धिक शक्ति को संतुलित करता है, जिससे आप अपने प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में सही एवं समझदारीपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।
माणिक को रूबी स्टोन (Ruby Stone) भी कहा जाता है। यह एक बेहद चमकीला स्टोन होता है, जिसकी चमक ही इसकी पहचान बन जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्यार और शादी के मामले में यह स्टोन अत्यंत फायदेमंद साबित होता है। माना जाता है कि इसका संबंध सूर्य से होता है। सूर्य से सम्बद्ध होने के कारण इसे सभी रत्नों का राजा भी कहा जाता है। यह आपके शरीर और दिमाग दोनों पर ही अपना प्रभाव छोड़ता है। इसको धारण करने पर एक प्रकार की पॉजिटिविटी आती है जो आपके रिलेशन को और भी मजबूत बना देती है। यह रत्न प्यार, उत्साह, जुनून और प्रसन्नता आदि का प्रतीक भी माना जाता है। इसको पहनने से सेहत के साथ साथ समृद्धि भी प्राप्त होती है। इस रत्न को आप रिंग में या फिर नेकलेस में लगवाकर पहन सकते हैं।
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✍️ By: टीम एस्ट्रोयोगी