माणिक

लेख में हम माणिक रत्न से जुड़ी जानकारियों के बारे में जानेंगे। लेख में माणिक रत्न क्या है? इसका ज्योतिषीय महत्व क्या है? इसके कौन से राशि के जातक धारण कर सकते हैं? रूबी को धारण करने से क्या लाभ मिलता है तथा इसे धारण करने की विधि क्या है? इन सब सवालों के जवाब हम आपको इस लेख में देंगे। तो आइये जानते हैं। माणिक रत्न के बारे में


माणिक क्या है?

रूबी या माणिक एक प्राकृतिक, गहरा गुलाबी या रक्त के समान लाल रंग का मूंगा परिवार का कीमती रत्न है। बर्मी माणिक इसकी असाधारण रंग गुणवत्ता के कारण सबसे महंगा माणिक मूल है। हालांकि, अफ्रीकी माणिक भी आजकल बाजार में अधिक लोकप्रिय हुआ है। रंग रूबी की कीमत को प्रभावित करता है। गहरे लाल या कबूतर रक्त रंग सबसे वांछनीय माणिक रंग है और अत्यधिक मूल्यवान माना जाता है। बाजार में गहरी लाल माणिक, गुलाबी माणिक और बैंगनी माणिक भी पाया जाता है।


माणिक का ज्योतिषीय महत्व

सूर्य के संबंधित रत्न है माणिक। इसे राज-रत्न या किंग ऑफ जेम्स के नाम से भी जाना जाता है। रूबी तब कोई व्यक्ति धारण करता है या करने की सलाह ज्योतिषियों द्वारा दी जाती है जब जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति ज्योतिष के आधार पर ठीक न हो। ज्योतिषीयों के मुताबिक माणिक्य रत्न पहनने से करियर, स्वास्थ्य, स्वभाव और मूल निवासी और संबंधित आरोही की सामाजिक स्थिति में सुधार हो सकता है। वैदिक ज्योतिष में व्यवसाय वृद्धि व नौकरी सफलता के लिए माणिक करने का सुझाव दिया गया है।


किस राशि के धारण कर सकते हैं रूबी?

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सिंह राशि के जातकों के लिए माणिक रत्न धारण करने की बात कहीं गई हैं। पश्चिमी ज्योतिष में सिंह राशि के जातकों को बर्थ-स्टोन के रूप में माणिक रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा रूबी को ज्योतिषीय परामर्श के बाद मेष, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातक भी पहन सकते हैं।


माणिक धारण करने के लाभ

व्यावसायिक और अकादमिक सफलता-शक्तिशाली सूर्य द्वारा शासित, माणिक पत्थर उन लोगों को लाभान्वित करता है जो व्यवसायों या पदों पर काम करते हैं, जहां प्राधिकरण के कमांडर हैं। प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति, कूटनीति और अन्य नेतृत्व भूमिकाओं में रहने वाले जातक धारण कर सकते हैं। इसे राज्य या केंद्रीय सेवाओं की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को पहनने की सलाह ज्योतिषियों द्वारा दी जाती है।
माणिक बेहतर करता है वित्तीय व सामाजिक स्थिति!
माणिक पहनने के कई प्रशंसित ज्योतिषीय लाभों में से एक जीवन की बेहतर सामाजिक स्थिति है। ज्योतिषियों का मानना ​​है कि माणिक पत्थर पहनने वाले को न केवल उसकी वित्तीय स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है बल्कि उसकी शाही और शानदार जीवन शैली को भी बनाए रखने के लिए यह रत्न मदद करता है।
रूबी से मिलता स्वास्थ्य लाभ!
ज्योतिष में सूर्य को हड्डियों, आंखों और हृदय का कारक माना जाता है। रूबी धारण करने से रक्त परिसंचरण में सुधार और आंखों की रोशनी में बढ़ती है। इसके अलावा माणिक आत्म-सम्मान के मुद्दों से जूझ रहे लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद है। रूबी पहनने वाले के भावनात्मक व बुद्धिमत्ता को प्रभावित करता है जिससे धारक आत्मविश्वास को सकारात्मक रूप से दोबारा प्राप्त करने में सफल होता है।
माणिक करता है पैतृक संबंध को बेहतर
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को पिता के रूप में स्वीकार किया जाता है। सूर्य के कारण ही व्यक्ति का पिता के साथ अच्छे व बुरे संबंध बनते हैं। इसलिए माणिक को पितृ संबंधों को बेहतर बनाने के लिए धारण करने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि माणिक रतन जातक के पिता के लिए भी फ़ायदेमंद है और इस तरह उनकी कमजोर परिस्थितियों को भी सुधारने के लिए पहना जा सकता है।


रूबी धारण करने की विधि

यदि आप माणिक्य धारण करना चाहते है माणिक तांबे या स्वर्ण अंगूठी में जड़वाकर शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार के दिन सूर्य उदय के बाद अपने दाहीने हाथ की अनामिका अंगुली में धारण करें। धारण करने से पहले आप इसे शहद, मिश्री, गंगाजल व दूध के घोल में डालकर रख दें।
यह जानकारी सामान्य है। सटीक जानकारी के लिए आप एस्ट्रोयोगी पर एस्ट्रोयलॉजर से बात कर सकते हैं। क्योंकि दी गई जानकारी आपके कुंडली के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए आपको ज्योतिषीय परामर्श जरूर लेना चाहिए। ज्योतिषीय परामर्श के लिए यहां क्लिक करें।


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