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Skandmata Aarti : नवरात्रि में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। सभी नौ स्वरूपों में मां स्कंदमाता भी शामिल होती हैं। स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन की जाती है। भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता होने के कारण उन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त पूरी श्रद्धा के साथ मां स्कंदमाता की पूजा-आराधना करते हैं, उन्हें जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
स्कंदमाता के स्वरूप की बात करें तो उनका रूप बेहद शांत और करुणामयी माना जाता है। माता को अपने पुत्र स्कंद को गोद में लिए हुए सिंह पर विराजमान दिखाया जाता है। यह मातृत्व, शक्ति और संरक्षण का प्रतीक होता है।
नवरात्रि के पांचवे दिन माता की विशेष पूजा और आरती करने से आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मन में भक्ति तथा आत्मविश्वास का भाव जागृत होता है। इसके साथ ही माता कि कृपा भी प्राप्त होती है। अगर आप भी जीवन की परेशानियों को दूर करना चाहते हैं और सुखी पारिवारिक जीवन की कामना करते हैं तो आप माता स्कंदमाता की आरती का पाठ कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान किया गया पाठ शुभता लेकर आएगा।
नवरात्रि के पावन दिनों में मां स्कंदमाता की आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्त श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मां की आरती गाते हैं और उनसे सुख, शांति व समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां स्कंदमाता की आरती करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नीचे पढ़ें मां स्कंदमाता की आरती के पावन बोल, जिन्हें नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से गाया जाता है।
जय तेरी हो स्कंद माता।
पांचवां नाम तुम्हारा आता।।सबके मन की जानन हारी।
जग जननी सबकी महतारी।।तेरी जोत जलाता रहूं मैं।
हरदम तुझे ध्याता रहूं मैं।।कई नामों से तुझे पुकारा।
मुझे एक है तेरा सहारा।।कहीं पहाड़ों पर है डेरा।
कई शहरों में तेरा बसेरा।।हर मंदिर में तेरे नजारे।
गुण गाएं तेरे भक्त प्यारे।।भक्ति अपनी मुझे दिला दो।
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।।इंद्र आदि देवता मिल सारे।
करे पुकार तुम्हारे द्वारे।।दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।
तू ही खंडा हाथ उठाए।।दासों को सदा बचाने आई।
भक्त की आस पुजाने आई।।
भक्तजन नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा के समय इस आरती को गाकर देवी मां की कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई आरती से मां अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
मां स्कंदमाता अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखती हैं और उन्हें सुख, शांति, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ मां स्कंदमाता की आरती करते हैं, उनके जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और उनके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इसलिए नवरात्रि के पावन अवसर पर मां स्कंदमाता की पूजा और आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मां की भक्ति से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सकारात्मकता भी बढ़ती है। मां स्कंदमाता से प्रार्थना है कि वे सभी भक्तों के जीवन को सुख, समृद्धि और खुशियों से भर दें।
क्या आप जानना चाहते हैं कि मां स्कंदमाता की कृपा आपके जीवन में कैसे सुख, समृद्धि और सफलता ला सकती है? अपनी कुंडली के अनुसार सही पूजा, मंत्र और उपाय जानने के लिए अभी एस्ट्रोयोगी के अनुभवी ज्योतिषियों से बात करें।