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चंद्र ग्रहण 2017


चंद्र ग्रहण 2017

चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण के बारे में प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही विज्ञान की पुस्तकों में जानकारी दी जाती है कि ये एक प्रकार की खगोलीय स्थिति होती हैं। जिनमें चंद्रमा, पृथ्वी के और पृथ्वी, सूर्य के चारों ओर चक्कर काटते हुए जब तीनों एक सीधी रेखा में अवस्थिति होते हैं। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है और चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया से होकर गुजरता है तो उसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है ऐसा केवल पूर्णिमा को ही संभव होता है। इसलिये चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को ही होता है। वहीं सूर्यग्रहण के दिन सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आता है जो कि अमावस्या को संभव है। ब्रह्मांड में घटने वाली यह घटना है तो खगोलीय लेकिन इसका धार्मिक महत्व भी बहुत है। इसे लेकर आम जन मानस में कई तरह के शकुन-अपशकुन भी व्याप्त हैं। माना जाता है कि सभी बारह राशियों पर ग्रहण का प्रभाव पड़ता है। तो आइये जानते हैं कि 2017 में चंद्र ग्रहण कब और कितनी बार नज़र आयेगा।

2017 में कब है चंद्रग्रहण?

इस साल चंद्र ग्रहण 2 बार लगेगा। पहला चंद्रग्रहण 11 फरवरी को तड़के 04:06:26 बजे शुरु होगा। 06:14:39 बजे ग्रहण अपने चरम पर रहेगा और 08:22:53 बजे समाप्त होगा। कुल मिलाकर 04 घंटे 16 मिनट 27 सैंकिड की अवधि इस उपच्छाया चंद्र ग्रहण की रहेगी।

वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 अगस्त को लगेगा। यह आंशिक या कहें खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा। सोमवार के दिन इस ग्रहण के लगने के कारण इसे चूड़ामणि चंद्रग्रहण भी कहा जाता है। इस ग्रहण से चंद्र बिंब का दक्षिणी भाग ग्रहण ग्रस्त होगा।

खंडग्रास चंद्रग्रहण 7 अगस्त को रात्रि 10 बजकर 52 मिनट पर आरंभ होगा। 11 बजकर 50 मिनट पर ग्रहण का मध्य होगा यानि इस समय ग्रहण अपने चरम पर होगा। इसके पश्चात इस ग्रहण से चंद्रमा को मुक्ति रात्रि 12 बजकर 49 मिनट पर मिलेगी। कुल मिनलाकर इस ग्रहण की अवधि 1 घंटा 57 मिनट की है। 

कहां कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण

7 अगस्त को लगने वाला आंशिक (खंडग्रास) चंद्र ग्रहण भी भारत के अतिरिक्त आस्ट्रेलिया, पूर्वी प्रशांत महासागर, जापान, एशिया महाद्वीप, उत्तरी ध्रुव सागर, हिंद महासागर, यूरोप, अफ्रीका महाद्वीप एवं दक्षिणी अंध महासागर में देखा जा सकेगा।

किस समय लगेगा चंद्रग्रहण का सूतक?

खंडग्रास चंद्रग्रहण हालांकि रात्रि 10 बजकर 52 मिनट पर शुरु होगा लेकिन इसका सूतक 7 अगस्त को दोपहर बाद 1 बजकर 52 मिनट से आरंभ हो जायेगा। जो कि रात्रि 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। 

चन्द्रग्रहण – क्या करें, क्या ना करें

चंद्रग्रहण हो या सूर्यग्रहण एक सवाल हमेशा सामने आता है कि ग्रहण के दिन क्या करें क्या न करें। तो इस बारे में आपको सलाह दी जाती है कि चन्द्र ग्रहण के दिन बुजूर्ग, रोगी एवं बच्चों को छोड़कर घर के बाकि सदस्य भोजन न करें।

गर्भवती स्त्रियोँ को ग्रहण में घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है दरअसल माना जाता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा होता है इसलिये घर में रहकर मंत्रोंच्चारण करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

किसी भी प्रकार के शुभ कार्य ग्रहण के दिन न करें।

अपने मन में दुर्विचारों को न पनपने दें। इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और अपने आराध्य देव का ध्यान लगायें।

जिन जातकों की कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढईया का प्रभाव चल रहा है, वे शनि मंत्र का जाप करें एवं हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।

जिन जातकों की कुंडली में मांगलिक दोष है, वे इसके निवारण के लिये चंद्रग्रहण के दिन सुंदरकांड का पाठ करें तो इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगें।

आटा, चावल, चीनी, श्वेत वस्त्र, साबुत उड़द की दाल, सतनज, काला तिल, काला वस्त्र आदि किसी गरीब जरुरतमंद को दान करें।

ग्रहों का अशुभ फल समाप्त करने और विशेष मंत्र सिद्धि के लिये इस दिन नवग्रह, गायत्री एवं महामृत्युंजय आदि शुभ मंत्रों का जाप करें। दुर्गा चालीसा, विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीमदभागवत गीता, गजेंद्र मोक्ष आदि का पाठ भी कर सकते हैं।

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